सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज, इंदौर ने डॉ. स्वाति मुजुमदार के कुलाधिपति नियुक्त होने पर किया अभिनंदन

· माननीय सांसद श्री शंकर लालवानी रहे मुख्य अतिथि; उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, पूर्व विद्यार्थियों, गवर्निंग बॉडी एवं बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्यों ने की सहभागिता

इंदौर, 29 अक्टूबर 2026: सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज (SUAS), इंदौर द्वारा डॉ. स्वाति मुजुमदार के विश्वविद्यालय की कुलाधिपति के रूप में नियुक्त होने पर उनके सम्मान में अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। यह अवसर उनके दूरदर्शी नेतृत्व तथा कौशल-आधारित शिक्षा को सशक्त बनाने और भारत में कौशल विकास को नई दिशा देने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के सम्मान का प्रतीक रहा।

समारोह में श्री शंकर लालवानी, माननीय सांसद, लोकसभा, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों, गवर्निंग बॉडी एवं बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (BOM) के सदस्यों, शिक्षकों, विश्वविद्यालय के अधिकारियों तथा प्रेस और मीडिया प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, औद्योगिक और व्यावसायिक समुदाय के साथ उसके मजबूत जुड़ाव को रेखांकित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. दुर्गेश मिश्रा, कुलपति, सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज, इंदौर के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, कुलाधिपति, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, पूर्व विद्यार्थियों, गवर्निंग बॉडी एवं बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्यों तथा प्रेस और मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत किया।

अपने संबोधन में डॉ. स्वाति मुजुमदार ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भविष्य की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण तकनीक है और विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में कौशल-आधारित शिक्षा की अहम भूमिका होगी। उन्होंने उभरती तकनीकों और उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय रक्षा और सेमीकंडक्टर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शैक्षणिक अवसरों का विस्तार करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

शिक्षा के भविष्य और विश्वविद्यालय की योजनाओं पर अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. स्वाति मुजुमदार ने कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य है और कौशल-आधारित शिक्षा हमारे विद्यार्थियों को आने वाले अवसरों और चुनौतियों के लिए तैयार करने की कुंजी है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल और उभरती तकनीकों के साथ कदम मिलाकर चलने की क्षमता प्रदान करना है। इसी दृष्टिकोण के तहत हम रक्षा तकनीक और सेमीकंडक्टर तकनीक जैसे महत्वपूर्ण एवं तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों के लिए भविष्य के कुशल पेशेवर तैयार करने के उद्देश्य से बी.टेक. कार्यक्रम शुरू करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।”

डॉ. मुजुमदार के विचारों ने उच्च शिक्षा को तकनीकी प्रगति और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप विकसित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। रक्षा एवं सेमीकंडक्टर तकनीक में प्रस्तावित बी.टेक. कार्यक्रम विश्वविद्यालय की उभरते क्षेत्रों में शैक्षणिक अवसरों का विस्तार करने तथा विशेष उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज, इंदौर, अपनी विशिष्ट ‘लर्निंग बाय डूइंग’ (करके सीखने) की अवधारणा के माध्यम से अकादमिक ज्ञान और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय व्यावहारिक प्रशिक्षण, विशेष प्रयोगशालाओं, उद्योग जगत के अनुभव और अनुभवात्मक शिक्षण पर जोर देता है, ताकि विद्यार्थी बदलती तकनीकों और व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार हो सकें।

विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ करते हुए NIRF इंडिया रैंकिंग 2025 की स्किल यूनिवर्सिटी श्रेणी में देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुखी शिक्षण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

समारोह में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और पूर्व विद्यार्थियों की सहभागिता ने भविष्य के पेशेवरों के निर्माण में शिक्षा एवं उद्योग के बीच सहयोग के महत्व को उजागर किया। वहीं, गवर्निंग बॉडी एवं बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्यों की उपस्थिति ने विश्वविद्यालय की संस्थागत प्रगति और शैक्षणिक विकास के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाया।

कार्यक्रम का समापन श्री संदीप गुप्ता, कुलसचिव, सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज, इंदौर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, कुलाधिपति, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, पूर्व विद्यार्थियों, गवर्निंग बॉडी एवं बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्यों, शिक्षकों, विश्वविद्यालय के अधिकारियों तथा प्रेस और मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति उनकी उपस्थिति एवं सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।

यह अभिनंदन समारोह विश्वविद्यालय की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण अवसर रहा। इसने कौशल-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने, उभरती तकनीकों को अपनाने, उद्योग जगत के साथ सहयोग को मजबूत बनाने तथा कुशल, नवाचारी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने के विश्वविद्यालय के संकल्प को पुनः स्थापित किया।

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