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ब्रांड कोर्सिस टेक्नोलॉजीज के प्लांट की हुई शुरुआत, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया उद्घाटन
प्रताप ग्रुप की नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट – प्रताप डिजिटल कम्यूनिकेशन्स
• यूनिट भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को करेगी मजबूत
• ऑप्टिकल फाइबर केबल के क्षेत्र में हासिल होगा नया मुकाम
• वर्तमान में 18000 से अधिक लोग इस ग्रुप का हिस्सा है और इस नये निवेश के साथ 500 और युवाओ को मिलेगा रोज़गार
पीथमपुर, जनवरी 2024। दुनियाभर में कम्युनिकेशन की मदद से एक कोने को दूसरे कोने से जोड़े रखने में ऑप्टिकल फाइबर केबल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मोबाइल कनेक्टिविटी, मेडिकल फील्ड, लेजर और सेंसिंग में इसका उपयोग बड़े स्तर पर किया जाता है। भारत में ऑप्टिकल फाइबर केबल बनाने वाली कंपनी प्रताप डिजिटल कम्युनिकेशंस प्रा. लिमिटेड के अग्रणी ब्रांड कॉर्सिस टेक्नोलॉजीज ने अपने नेटवर्क का विस्तार करते हुए गुरुवार 11 जनवरी 2024 को पीथमपुर में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की शुरुआत की। मैन्युफ़ैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया, इस ख़ास अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, परिवार की वरिष्ठ सदस्य श्रीमती मानकुंवर जी सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे।
इस यूनिट का लक्ष्य ऑप्टिकल फाइबर केबल के क्षेत्र में अपनी क्षमता को दोगुना कर कम्युनिकेशन नेटवर्क को नई ऊँचाइयों तक ले जाना है।
मैन्युफ़ैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन करते हुए केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा- “ऑप्टिकल फाइबर का जाल पूरी दुनिया में फैला हुआ है, ऑप्टिकल फाइबर केबल इंडस्ट्री एक उभरती हुई इंडस्ट्री है जिसपर न देश की बल्कि पूरी दुनिया की नजर है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि इसका अविष्कार भारत मूल के व्यक्ति द्वारा किया गया। प्रताप ग्रुप की यह पहल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ठोस कदम है, श्री प्रताप शेखावत के सपने को देवेन्द्र जी और उनकी टीम पूरा कर रही है। इस ख़ास अवसर पर मुझे आमंत्रित किया गया, मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं अपने परिवार में आया हूँ। यह प्लांट मेरी उम्मीद से कहीं गुना ज्यादा बड़ा है। कम्पनी लिथियम बैटरी के निर्माण पर भी व्यापक रूप से कर रही है, प्रताप ग्रुप की यह यूनिट न केवल भारत को तकनीकी रूप से आगे ले जाएगी बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा।
कॉर्सिस टेक्नोलॉजीज के सीएमडी, श्री देवेन्द्र सिंह शेखावत ने इस नई यूनिट के उद्घाटन पर कहा, “हमारी यह नई यूनिट भारत में ऑप्टिकल फाइबर केबलों के निर्माण में हमारी स्थिति को और भी मजबूत करेगी। यह न केवल भारत की बढ़ती कनेक्टिविटी की जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि कम्पनी की उपस्थिति को वैश्विक बाजार में भी मजबूत करेगी। हमारा बेहतरीन आर & डी सेंटर लगातार इनोवेशन पर काम करता है ताकि ग्राहकों के लिए बेहतर क्वालिटी के प्रोडक्ट तैयार किए जा सके। हम ग्राहकों के हिसाब से केबल डिजाइन करते हैं ताकि किफायती और विश्वसनीय उत्पाद डिलीवर किए जा सकें। यूनिट में ऑटोमेटिक मशीने उपलब्ध है जिससे कई प्रकार की ऑप्टिकल फाइबर केबलों का निर्माण किया जाएगा। कॉर्सिस टेक्नोलॉजीज के पास 6.5 मिलियन फाइबर किलोमीटर से अधिक की उत्पादन क्षमता मौजूद है जिसका इस्तेमाल कम्युनिकेशन नेटवर्क की बेहतरी के लिए किया जा रहा है। भारत सरकार के “डिजिटल इंडिया” प्रोग्राम को ध्यान में रखते हुए कॉर्सिस टेक्नोलॉजीज का यह कदम देश के टेलिकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सभी के लिए सुलभ इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह न केवल शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच में सुधार लाएगा।”
भारत के टेक्नो लैंडस्कैप में अपनी छाप छोड़ते हुए कॉर्सिस टेक्नोलॉजीज की नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन न केवल कंपनी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, बल्कि भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती प्रदान करने और वैश्विक बाजार में देश की उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। यह न केवल कंपनी की उत्पादन क्षमता को दोगुना करेगा, बल्कि ऑप्टिकल फाइबर केबल निर्माण की प्रक्रिया को और अधिक कुशल एवं इको फ्रेंडली बनाएगा। इस यूनिट से न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे भारत में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।


