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केयर हेल्थ इंश्योरेंस ने अपर्याप्त स्वास्थ्य बीमा कवर को उभरता घरेलू वित्तीय जोखिम बताया
नई दिल्ली, 11 सितंबर 2026: भारत के लाखों परिवारों के लिए एक गंभीर बीमारी वर्षों की जमा-पूंजी को खत्म कर सकती है। देश की करीब आधी आबादी अब किसी न किसी स्वास्थ्य बीमा या स्वास्थ्य वित्तपोषण योजना के दायरे में है, लेकिन इसके बावजूद कई परिवार अब भी पर्याप्त बीमा कवर से वंचित हैं। गंभीर बीमारी के इलाज की लागत मौजूदा बीमा कवर से कहीं अधिक हो जाने के कारण परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। केयर हेल्थ इंश्योरेंस ने परिवारों से स्वास्थ्य बीमा को केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि मेडिकल इमरजेंसी के वित्तीय असर से सुरक्षा देने वाले जरूरी साधन के रूप में देखने की अपील की है।
कई भारतीय स्वास्थ्य बीमा एक बार खरीदने के बाद उसकी समीक्षा नहीं करते। वहीं, बड़ी संख्या में लोग केवल नियोक्ता की ओर से मिलने वाली ग्रुप हेल्थ पॉलिसी पर निर्भर रहते हैं। दूसरी ओर, इलाज की लागत ज्यादातर लोगों की आय की तुलना में कहीं तेजी से बढ़ रही है और मौजूदा पॉलिसियों का कवर जल्द खत्म हो सकता है। कुछ साल पहले पर्याप्त लगने वाला 2 से 5 लाख रुपये का बीमा कवर अब गंभीर बीमारी का इलाज पूरा होने से पहले ही खत्म हो सकता है। कवर खत्म होने के बाद परिवारों को अपनी बचत निकालने, संपत्ति बेचने या कर्ज लेने का सहारा लेना पड़ता है। इस तरह स्वास्थ्य संकट लंबे समय के वित्तीय बोझ में बदल जाता है।
इसका असर केवल व्यक्तिगत परिवारों तक सीमित नहीं है। भारत में स्वास्थ्य सेवाओं पर जेब से होने वाला अधिक खर्च परिवारों की आर्थिक परेशानी का एक प्रमुख कारण बना हुआ है। ऐसे में व्यापक स्वास्थ्य बीमा कवरेज परिवारों की वित्तीय क्षमता मजबूत करने और भारत के सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।
हालिया सरकारी रिपोर्ट और राष्ट्रीय स्वास्थ्य आकलन सुरक्षा में मौजूद इस अंतर की गंभीरता को सामने रखते हैं:
• केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के नेशनल हेल्थ अकाउंट्स एस्टिमेट्स के अनुसार, भारत के कुल स्वास्थ्य खर्च का 43.4% अब भी परिवार अपनी जेब से वहन करते हैं। यह बताता है कि मेडिकल इमरजेंसी का आर्थिक बोझ परिवारों पर कितना अधिक है।
• बीमा होने के बावजूद पर्याप्त वित्तीय सुरक्षा नहीं: नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (एनएसओ) के हाउसहोल्ड कंजम्पशन एक्सपेंडिचर सर्वे: हेल्थ (2025) के अनुसार, भारतीयों के अस्पताल में भर्ती होने से जुड़े खर्च में अब भी जेब से किया जाने वाला खर्च बड़ा हिस्सा है। यानी केवल बीमा होना हमेशा पर्याप्त वित्तीय सुरक्षा की गारंटी नहीं देता।
• बीमित परिवार भी अक्सर अंडरइंश्योर्ड: नियोक्ता की ग्रुप पॉलिसी और शुरुआती स्तर की फैमिली फ्लोटर पॉलिसियों में आमतौर पर 3 से 5 लाख रुपये तक का कवर होता है, जबकि एक बड़ी बीमारी के इलाज का खर्च इससे कई गुना अधिक हो सकता है। लिवर ट्रांसप्लांट में 18 से 35 लाख रुपये तक खर्च हो सकते हैं। वहीं, एडवांस्ड कैंसर का इलाज और जटिल हृदय संबंधी प्रक्रियाओं में भी कई लाख रुपये खर्च हो सकते हैं। ऐसे में आज सवाल सिर्फ यह नहीं है कि “क्या मेरे पास स्वास्थ्य बीमा है?”, बल्कि यह है कि “क्या मेरे पास पर्याप्त कवर है?”
बढ़ती मेडिकल लागत से वित्तीय सुरक्षा मजबूत करने के लिए सुझाव
- हर साल स्वास्थ्य बीमा की समीक्षा करें: यह सुनिश्चित करें कि बीमित राशि परिवार की स्वास्थ्य जरूरतों, शहर में इलाज की लागत और मौजूदा मेडिकल खर्च के अनुरूप हो। कुछ साल पहले पर्याप्त लगने वाला कवर आज के इलाज के खर्च के लिए कम पड़ सकता है।
- अपनी पॉलिसी को अच्छी तरह समझें: क्लेम के समय किसी परेशानी से बचने के लिए रूम रेंट की सीमा, को-पेमेंट, सब-लिमिट, एक्सक्लूजन और ऑटोमैटिक रिचार्ज तथा नो-क्लेम बोनस जैसे अतिरिक्त लाभों की जानकारी रखें।
- केवल नियोक्ता के बीमा पर निर्भर न रहें: ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस एक उपयोगी सुविधा है, लेकिन आमतौर पर इसमें 3 से 5 लाख रुपये तक की सीमा होती है। इसमें कई बार माता-पिता शामिल नहीं होते और नौकरी बदलने या छोड़ने पर यह कवर खत्म हो जाता है। कम उम्र और बेहतर स्वास्थ्य में व्यक्तिगत पॉलिसी खरीदने से लगातार वित्तीय सुरक्षा मिल सकती है। साथ ही, लागू वेटिंग पीरियड पूरा करने और अपेक्षाकृत कम प्रीमियम का लाभ मिल सकता है।
- सुपर टॉप-अप प्लान पर विचार करें: बेस पॉलिसी के साथ सुपर टॉप-अप जोड़कर अपेक्षाकृत कम अतिरिक्त लागत में सुरक्षा कवच काफी बढ़ाया जा सकता है। इससे कैंसर, हृदय संबंधी प्रक्रियाओं और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसे महंगे इलाज के खर्च को कवर करने में मदद मिलती है।
- माता-पिता और आश्रितों का पर्याप्त बीमा कराएं: परिवार के किसी एक सदस्य की गंभीर बीमारी से फैमिली फ्लोटर का पूरा कवर खत्म हो सकता है। इसलिए परिवार के वरिष्ठ सदस्यों और आश्रितों के लिए पर्याप्त बीमा कवर सुनिश्चित करना जरूरी है।
पर्याप्त स्वास्थ्य बीमा अब वैकल्पिक खर्च नहीं, बल्कि वित्तीय योजना का एक जरूरी हिस्सा बन चुका है। नियमित रूप से स्वास्थ्य बीमा की समीक्षा करने और पर्याप्त कवर सुनिश्चित करने से परिवार अपनी बचत को सुरक्षित रख सकते हैं, मेडिकल इमरजेंसी के दौरान आर्थिक संकट से बच सकते हैं और अपनी वित्तीय मजबूती बढ़ा सकते हैं।
केयर हेल्थ इंश्योरेंस ने कहा कि वह बीमा संबंधी जागरूकता बढ़ाने, स्वास्थ्य खर्च के लिए वित्तीय तैयारी को प्रोत्साहित करने और लोगों व परिवारों को ऐसे सूचित निर्णय लेने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के लिए उनकी वित्तीय तैयारी को मजबूत करें।


