- ‘आए हाय’ के बज़ के बीच बिग बॉस 20 की कंटेस्टेंट रिती तिवारी के म्यूज़िक को अक्षरा सिंह का सपोर्ट, बोलीं, “हर किसी की ज़ुबान पर एक ही गाना है”
- Bhumi Satish Pednekkar at the United Nations General Assembly: The climate crisis is not a future problem. It is happening to real people in real places
- इंदौर के पैट पैरेंट्स आसान और एक ही जगह पर मिलने वाली पैट केयर सर्विसेज़ में ज़्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं
- Indore Pet Parents Show Growing Interest in Simpler, More Integrated Pet Care
- 27 से 30 नवम्बर 2026 को होगा प्लास्ट पैक 2026
पितृ दोष कारण और निवारण
डॉ श्रद्धा सोनी, वैदिक ज्योतिष आचार्य, रतन विशेषज्ञ, वास्तु एक्सपर्ट कुण्डली के नवम भाव को भाग्य भाव कहा गया है. इसके साथ ही यह भाव पित्र या पितृ या पिता का भाव तथा पूर्वजों का भाव होने के कारण भी विशेष रुप से महत्वपूर्ण हो जाता है. महाऋषियों के अनुसार पूर्व जन्म के पापों के कारण पितृ दोष (Pitra Dosha) बनता है . इसके अलावा इस योग के बनने के अनेक अन्य कारण भी हो…
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