- IIM Indore Conducts Bharat KALP Leadership Programme, Bringing Together Senior Civil Servants to Strengthen Governance and Public Leadership
- आईआईएमइंदौर ने आयोजित किया भारत KALP नेतृत्व कार्यक्रम; सुशासन और सार्वजनिक नेतृत्व को सशक्त बनाने के लिए देशभर के वरिष्ठ सिविल सेवक हुए शामिल
- Bunty Singh Wins Two Elite Titles, Shines at Mrs. Asia Pacific World & India International Cosmo 2026
- दो प्रतिष्ठित मंचों पर छाईं बंटी सिंह, मिसेज एशिया पैसिफिक वर्ल्ड एवं इंडिया इंटरनेशनल कॉस्मो 2026 की एलीट विनर बनीं
- इंदौर में बिलियनेयर्स नेटवर्क के ‘बीएन प्रथम’ चैप्टर का लॉन्च, उद्यमियों को मिलेगा नेटवर्किंग का मंच
आईआईएमइंदौर ने आयोजित किया भारत KALP नेतृत्व कार्यक्रम; सुशासन और सार्वजनिक नेतृत्व को सशक्त बनाने के लिए देशभर के वरिष्ठ सिविल सेवक हुए शामिल
राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रबंधन शिक्षा और नेतृत्व विकास के माध्यम से निरंतर सशक्त करते हुए, भारतीय प्रबंध संस्थान इंदौर (आईआईएमइंदौर) ने 2–3 नवंबर, 2026 को क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission – CBC) के लिए दो दिवसीय भारत KALP (भारत कर्मयोगी नेतृत्व कार्यक्रम) कार्यकारी शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देशभर से वरिष्ठ सिविल सेवकों ने भाग लिया, जिनमें संयुक्त सचिव, निदेशक, उप सचिव तथा अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल थे। कार्यक्रम का उद्देश्य नेतृत्व क्षमता को सुदृढ़ करना, संस्थागत प्रभावशीलता बढ़ाना तथा नैतिक, साक्ष्य-आधारित और नागरिक-केंद्रित सुशासन की समझ विकसित करना था। कार्यक्रम का उद्घाटन आईआईएमइंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने किया। इस अवसर पर क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एवं आईएएस अधिकारी सुश्री राधा चौहान तथा आईआईएम इंदौर के एग्जीक्यूटिव एजुकेशन के एसोसिएट डीन प्रो. मनोज मोतियानी भी उपस्थित रहे।
भारत KALP, क्षमता निर्माण आयोग द्वारा स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप (SOUL) और कर्मयोगी भारत के सहयोग से मिशन कर्मयोगी – सिविल सेवा क्षमता निर्माण के राष्ट्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत तैयार की गई एक पहल है। इस सहभागिता के माध्यम से आईआईएमइंदौर ने भारत के लोक प्रशासन तंत्र में नेतृत्व क्षमताओं के विकास के लिए प्रबंधन शिक्षा और कार्यकारी प्रशिक्षण के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता का योगदान दिया।
अपने संबोधन में प्रो. राय ने “सा विद्या या विमुक्तये”के दर्शन को रेखांकित करते हुए कहा कि वास्तविक शिक्षा व्यक्ति को आंतरिक द्वंद्व, अज्ञानता और सीमित समझ से मुक्त करने की यात्रा है। उन्होंने आत्मचिंतन, सीखने के प्रति खुलेपन तथा प्रत्येक व्यक्ति के अनुभवों और ज्ञान को पहचानने के महत्व पर प्रकाश डाला। सत्य, आत्मबोध और आध्यात्मिक समझ की अवधारणाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सार्थक नेतृत्व की शुरुआत स्वयं को समझने से होती है। उन्होंने प्रतिभागियों को खुले हृदय और मस्तिष्क के साथ कार्यक्रम में भाग लेने, एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने तथा आत्म-खोज और व्यक्तिगत परिवर्तन के माध्यम से नेतृत्व के व्यापक उद्देश्य को समझने के लिए प्रेरित किया।
सुश्री राधा चौहान ने कर्मयोगी नेतृत्व कार्यक्रम की परिकल्पना पर प्रकाश डालते हुए नेतृत्व क्षमता निर्माण में भारतीय ज्ञान परंपरा (Indic Wisdom) के समावेश के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विभिन्न सेवाओं के बीच समन्वित नेतृत्व क्षमताओं के विकास, मूलभूत प्रबंधकीय कौशल को सुदृढ़ करने तथा अधिकारियों को रणनीतिक निर्णय लेने के लिए तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को कार्यक्रम के विकास में सक्रिय योगदान देने और प्रभावी एवं नागरिक-केंद्रित लोक नेतृत्व के निर्माण की दिशा में सहभागिता करने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रो. मोतियानी ने प्रतिभागी अधिकारियों का स्वागत करते हुए उनकी सीखने की यात्रा के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर आत्मचिंतन और आत्ममंथन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में वार्ता एवं समझौता कौशल, नैतिकता, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, जवाबदेही तथा नागरिक-केंद्रित सुशासन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने विचारों और अनुभवों का आदान-प्रदान करने तथा एक-दूसरे से सीखने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस कार्यक्रम में कुल 14 वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें संयुक्त सचिव, निदेशक, उप सचिव, उप निदेशक, संयुक्त निदेशक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। प्रतिभागियों ने कोयला मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, गृह मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा श्रम विभाग का प्रतिनिधित्व किया। इसके अतिरिक्त, भारतीय रेल, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मध्य प्रदेश की आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र, वडोदरा तथा छत्तीसगढ़ सरकार के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
दो दिवसीय कार्यक्रम में उद्देश्यपरक नेतृत्व (Purpose-Driven Leadership), नैतिक राज्य संचालन एवं संस्थागत सत्यनिष्ठा (Ethical Statecraft and Institutional Integrity), साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण एवं विचार-विमर्श (Evidence-Based Policy Design and Deliberation), शासन का अंकेक्षण एवं जवाबदेही (Governance Auditing and Accountability), नागरिक-केंद्रित एवं गरिमापूर्ण सेवा वितरण (Citizen-Centric and Dignified Service Delivery) तथा वार्ता एवं समझौता कौशल (Negotiation) जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए गए।
भारत KALP के माध्यम से आईआईएमइंदौर ने कॉरपोरेट क्षेत्र से आगे बढ़कर सरकारी एवं सार्वजनिक संस्थानों में नेतृत्व विकास के लिए प्रबंधन शिक्षा की पहुंच का विस्तार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय क्षमता निर्माण की प्राथमिकताओं के प्रति संस्थान की निरंतर सहभागिता तथा ऐसे नेतृत्व के विकास के संकल्प को दर्शाता है, जो ज्ञान, सत्यनिष्ठा और रणनीतिक सोच को प्रभावी संस्थागत एवं सामाजिक परिणामों में परिवर्तित कर सके।


