- One ride 2026: final call to ride for the snow leopard
- वन राईड 2026: स्नो लेपर्ड के लिए राईड करने का अंतिम मौका
- AU Small Finance Bank appoints Anil Agarwal as Senior Executive Group Head – Commercial & Institutional Banking and Amol Padhye as Chief Risk Officer
- राघव जुयाल की एनर्जी ने ‘द पैराडाइज’ में उनके किरदार को ही बदल डाला
- Sun Neo announces ‘Jaan-e-Wafa’: Where destiny brings two hearts together, but identity, marriage and family expectations stand in their way.
इंदौर में गाड़ी से चैकिंग में मिले 86 लाख
लोकसभा निर्वाचन के तहत एफएसटी एवं पुलिस की कार्रवाई
इंदौ. लोकसभा निर्वाचन-2019 के तहत एफएसटी और पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 86 लाख रूपये की जब्त किए. यह राशि एक ज्वेलरी व्यवसायी की कारण से जब्त की गई. मामले में सहायक रिटर्निंग अधिकारी और आयकर विभाग द्वारा जांच की जाएगी.
अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी व्यय निगरानी टीम अजय देव शर्मा ने बताया कि इंदौर सहायक रिटर्निंग अधिकारी राऊ एवं एफएसटी दल को बड़ी मात्रा में कैश की आवाजाही की सूचना प्राप्त हुई थी. उनके द्वारा सूचना का संकलन कर टीमें लगाई गई. आज कैश के मुवमेंट की सटिक जानकारी मिलने पर वाहन का पीछा किया गया और एमआजी थाना क्षेत्र अंतर्गत वाहन के पहुंचने की सूचना थाना प्रभारी को दी गई.
थाना प्रभारी द्वारा उनके द्वारा मोटर साईकिल से तुरंत जाकर वाहन को रोका गया एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारी राऊ, एफएसटी दल एवं पुलिस के संयुक्त प्रयास से 86 लाख जप्त किये गये. मामले की विस्तृत जानकारी लेने के बाद आयकर विभाग को तत्काल सूचना दी गई. सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं आयकर विभाग द्वारा मामले की जांच की जायेगी.
एडिशनल एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान के अनुसार तीन पुलिया स्थित विवेक ज्वेलर्स के मालिक निखिल सोनी और उनके यह काम करने वाले सेल्समैन व्यंकटेश लड्डा नकद रुपए लेकर अपनी कार से कहीं जा रहे थे. तभी सूचना पर एसएसटी टीम ने गाड़ी क्रमांक एमपी 09 सीएक्स 0957 को रोक लिया. गाड़ी की चेकिंग के दौरान टीम को 86 लाख रुपए नकद मिले.
टीम इन्हें लेकर एमआईजी थाने पहुंची. पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे सोने के कारोबारी हैं ओर ये रुपए बैंक में जमा करवाने जा रहे थे. पुलिस के अनुसार यदि 10 लाख रुपए तक की राशि पकड़ी जाती है तो उसे ट्रैजरी में जमा कर दिया जाता है। यदि इससे ज्यादा की राशि होती है तो इनकम टैक्स विभाग को जानकारी दी जाती है. मामले में जांच की जा रही है.


