यूनिक हॉस्पिटल में 30 बेड के निःशुल्क बाल सेवा विशिष्ट वार्ड का 5 नवंबर को लोकार्पण

36 वर्षों से 30 हजार दिव्यांग बच्चों को नया जीवन देने वाले सेवा अभियान को नई दिशा

नीमा इंस्टीट्यूट फॉर ऑर्थोपेडिक एंड रिहैबिलिटेशन ट्रस्ट, आरोग्य भारती इंदौर महानगर और यूनिक हॉस्पिटल की पहल

इंदौर, 02 नवंबर 2026। दिव्यांग बच्चों के उपचार, पुनर्वास और उन्हें आत्मनिर्भर जीवन की राह पर आगे बढ़ाने के लिए निरंतर चल रहे सेवा अभियान को अब एक नई दिशा मिलने जा रही है। मध्य प्रदेश के सुदूर जनजातीय अंचलों में आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचित दिव्यंग बच्चों को, जो कभी रेंगकर चलने को मजबूर थे, उन्हें स्वावलंबी बनाने का यह सेवाकार्य वर्ष 1991 से जारी है।

इस कड़ी में अब एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए यूनिक हॉस्पिटल इंदौर, नीमा इंस्टीट्यूट फॉर ऑर्थोपेडिक एंड रिहैबिलिटेशन ट्रस्ट एवं आरोग्य भारती इंदौर महानगर द्वारा 30 बेड के निःशुल्क बाल सेवा विशिष्ट वार्ड की स्थापना की जा रही है। यह वार्ड सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचितदिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए समर्पित रहेगा।

इस विशिष्ट वार्ड का लोकार्पण 5 नवंबर 2026, गुरुवार को सायं 7 से 9 बजे तक यूनिक हॉस्पिटल, इंदौर में आयोजित समारोह में किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह श्री आलोक कुमार होंगे। आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता तिरुपति स्टार्च एंड केमिकल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री अमित मोदी करेंगे।

यूनिक हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं जाने – माने ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. प्रमोद नीमा ने बताया कि चिकित्सा केवल रोग के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति को सम्मानपूर्वक बेहतर जीवन जीने का अवसर प्रदान करना भी उसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई बच्चों को समय पर उचित चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पातीं। ऐसे में 30 बेड का यह निःशुल्क बाल सेवा विशिष्ट वार्ड जरूरतमंद बच्चों और उनके परिवारों के लिए आशा, उपचार और सहयोग का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

आरोग्य भारती मालवा प्रांत के कार्याध्यक्ष डॉ. लोकेश जोशी ने बताया कि किसी भी संवेदनशील समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने सबसे अधिक जरूरतमंद लोगों के प्रति कितना उत्तरदायित्व निभाता है। विशेष आवश्यकता वाले एवं दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा, सर्जरी, पुनर्वास और निरंतर देखभाल उपलब्ध कराना केवल स्वास्थ्य सेवा नहीं, बल्कि उनके बेहतर भविष्य के निर्माण का संकल्प है।

आरोग्य भारती और यूनिक हॉस्पिटल द्वारा स्थापित 30 बेड का निःशुल्क बाल सेवा विशिष्ट वार्ड इसी सेवा भावना का साकार रूप है। यह पहल हजारों बच्चों और उनके परिवारों के जीवन में नई आशा, आत्मविश्वास और सम्मान का संचार करेगी तथा ‘सेवा परमो धर्मः’ के आदर्श को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसके पीछे की 36 वर्षों की सतत सेवा यात्रा है। यूनिक हॉस्पिटल और आरोग्य भारती के प्रयासों से अब तक मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लगभग 30,000 निशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है। इस अवधि में आयोजित 548 चिकित्सा शिविरों के माध्यम से बच्चों की पहचान, जांच, सर्जरी, कृत्रिम उपकरण उपलब्ध कराने तथा पुनर्वास जैसी सेवाएं प्रदान की गई हैं।

समय पर मिले उपचार और सफल सर्जरी के बाद आज ये अपने पैरों पर खड़े होकर सामान्य जीवन जी रहे हैं। यही कारण है कि यह अभियान केवल चिकित्सा सेवा नहीं, बल्कि बच्चों और उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक सशक्त माध्यम बन गया है।

30 बेड के निःशुल्क बाल सेवा विशिष्ट वार्ड की स्थापना इसी दीर्घकालिक सेवा संकल्प का विस्तार है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे के स्वस्थ, सम्मानजनक और बेहतर भविष्य के मार्ग में बाधा न बने। यह पहल चिकित्सा सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय संवेदना के अद्वितीय समन्वय का उदाहरण बनेगी तथा समाज के सहयोग से सेवा के इस अभियान को और व्यापक आयाम प्रदान करेगी।

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