- One ride 2026: final call to ride for the snow leopard
- वन राईड 2026: स्नो लेपर्ड के लिए राईड करने का अंतिम मौका
- AU Small Finance Bank appoints Anil Agarwal as Senior Executive Group Head – Commercial & Institutional Banking and Amol Padhye as Chief Risk Officer
- राघव जुयाल की एनर्जी ने ‘द पैराडाइज’ में उनके किरदार को ही बदल डाला
- Sun Neo announces ‘Jaan-e-Wafa’: Where destiny brings two hearts together, but identity, marriage and family expectations stand in their way.
एमआईटी-डब्ल्यूपीयू (MIT-WPU) ने की ‘हाफीज कॉन्ट्रैक्टर स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर’ की शुरुआत; वास्तुकला शिक्षा में स्थापित होगा नया मानदंड
पुणे: भारत में वास्तुकला (आर्किटेक्चरल) शिक्षा को एक नई दिशा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, डॉ. विश्वनाथ कराड एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (MIT-WPU) ने ‘हाफीज कॉन्ट्रैक्टर स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर’ की स्थापना की घोषणा की है। इस प्रतिष्ठित नए स्कूल की स्थापना भारत के सबसे प्रसिद्ध वास्तुकारों में से एक और पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित, आर्किटेक्ट हाफीज कॉन्ट्रैक्टर के सम्मान में की गई है।
देश के सबसे प्रभावशाली वास्तुकारों में से एक माने जाने वाले हाफीज कॉन्ट्रैक्टर ने पिछले चार दशकों से अधिक के समय में कई ऐतिहासिक आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत और टाउनशिप परियोजनाओं के माध्यम से भारत के शहरी परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। अपनी समकालीन डिजाइन शैली, बड़े पैमाने पर नगर नियोजन (प्लानिंग) विशेषज्ञता और भारतीय वास्तुकला में अद्वितीय योगदान के लिए पहचाने जाने वाले हाफीज कॉन्ट्रैक्टर का नाम उत्कृष्टता, नवाचार और दूरदर्शी सोच का पर्याय बन चुका है।
इसी शानदार विरासत से प्रेरणा लेते हुए, यह स्कूल छात्रों को उद्योग के अनुकूल और भविष्य पर केंद्रित एक बेहतरीन शैक्षणिक माहौल प्रदान करेगा। इसमें वास्तुकला के उत्कृष्ट डिजाइन के साथ-साथ स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी), तकनीकी नवाचार और व्यावहारिक अनुभव का बेहतरीन मेल देखने को मिलेगा।
इस स्कूल का प्रमुख पाठ्यक्रम, बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (B.Arch.), पांच साल का एक व्यावसायिक डिग्री प्रोग्राम है। यह पाठ्यक्रम काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर (CoA) के दिशानिर्देशों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के बिल्कुल अनुरूप तैयार किया गया है। स्टूडियो-आधारित इस पाठ्यक्रम में आर्किटेक्चरल डिजाइन, बिल्डिंग साइंसेज, डिजिटल टेक्नोलॉजी, अनुसंधान, व्यावसायिक अभ्यास और स्थिरता को पूरी तरह एकीकृत किया गया है।
यहां छात्रों को अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे का लाभ मिलेगा, जिसमें उन्नत डिजाइन स्टूडियो, क्लाइमेटोलॉजी और सर्वेइंग लैबोरेट्रीज, मटीरियल म्यूजियम, डिजिटल डिजाइन सुविधाएं और बिल्डिंग इंफॉर्मेशन मॉडलिंग (BIM), कंप्यूटेशनल डिजाइन व इमर्सिव टेक्नोलॉजी का व्यावहारिक अनुभव शामिल है। इसके साथ ही, यह पाठ्यक्रम अंतर-विषयक (इंटरडिसिप्लिनरी) शिक्षा, अंतर्राष्ट्रीय डिजाइन स्टूडियो, उद्योग जगत के विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन, लाइव प्रोजेक्ट्स और अनिवार्य इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करता है, जो स्नातकों को तकनीकी विशेषज्ञता और व्यावसायिक कौशल दोनों से लैस करेगा।
इस अवसर पर बोलते हुए, स्कूल ऑफ डिजाइन के डीन, डॉ. सुमन देवदुला ने कहा, “‘हाफीज कॉन्ट्रैक्टर स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर’ की स्थापना एमआईटी-डब्ल्यूपीयू के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। भारतीय वास्तुकला में हाफीज कॉन्ट्रैक्टर के असाधारण योगदान ने वास्तुकारों की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है। उनके नाम को हमारे स्कूल से जोड़कर, हम एक ऐसा माहौल तैयार करना चाहते हैं जहां नवाचार, रचनात्मकता, स्थिरता और व्यावहारिक शिक्षा का संगम हो। हमारा प्रयास ऐसे वास्तुकारों को तैयार करना है जो भविष्य में मजबूत, समावेशी और टिकाऊ ऐतिहासिक संरचनाओं का निर्माण कर सकें।”
‘हाफीज कॉन्ट्रैक्टर स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर’ का लक्ष्य भविष्य के वास्तुकारों को टिकाऊ, जन-केंद्रित और वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक निर्मित परिवेश बनाने के लिए तैयार करना और उत्कृष्टता के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरना है। बी.आर्च. (B.Arch.) पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है।


