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नेकस्ट्रा अपने डेटा सेंटर्स के लिए खरीदेगा 140,208 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा
कंपनी अपने कार्बन फुटप्रिंट को सालाना लगभग 99,547 टन कार्बन डाई ऑक्साइड के समकक्ष कम करने के लिए प्रतिबद्ध
गुरुग्राम (भारत), 14 फरवरी, 2024: भारत की अग्रणी डेटा सेंटर कंपनियों में से एक, नेक्सट्रा बाय एयरटेल ने अतिरिक्त 140,208 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा की खरीद के लिए एम्पीन और एम्प्लस एनर्जी के साथ पावर-व्हीलिंग समझौते की घोषणा की है। इसके साथ ही नेक्सट्रा ने अब लक्ष्य तय किया है कि वह सालाना 99,547 कार्बन डाई ऑक्साइड के बराबर कार्बन फुटप्रिंट कम करेगा।
समझौते के अनुसार, एम्पिन एनर्जी और एम्प्लस एनर्जी तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और ओडिशा में नेकस्ट्रा के डेटा सेंटर्स के लिए क्रमशः 48 मेगावाट डीसी और 24.3 मेगावाट के कैप्टिव सौर और पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित करेंगे। नेक्स्ट्रा भारत में ग्रीन डेटा सेंटर्स की सबसे बड़ी श्रृंखला है। 25 साल के इस समझौते के साथ, नेकस्ट्रा ने 2031 तक अपने सभी डेटा केंद्रों को कार्बन जीरो बनाने का लक्ष्य रखा है। यह कदम नेकस्ट्रा को पर्यावरण-अनुकूल डेटा सॉल्यूशंस में अग्रणी कंपनी के रूप में स्थापित करता है।
यह नेक्स्ट्रा के उन कई प्रयासों के अतरिक्त है जो कंपनी ने वित्तवर्ष 2031 तक अपने संचालन में 100 फीसदी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए किए हैं।
इन प्रयासों में, नेकस्ट्रा ने अपने सभी परिचालनों में हरित ऊर्जा को अपनाने में तेजी लाई है, ऊर्जा संरक्षण के लिए, कंपनी ने अपने बुनियादी ढांचे और प्रक्रियाओं में बदलाव किए हैं। इसके अलावा, उन्होंने अपने कार्यस्थलों में स्थायी व्यावसायिक प्रथाओं को भी अपनाया है।
आशीष अरोड़ा, सीईओ – नेक्सट्रा बाय एयरटेल, ने कहा, “ये नई साझेदारियां भारत के ग्रीन डेटा सेंटर क्षेत्र में अग्रणी बने रहने और 2031 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन हासिल करने की हमारे लक्ष्य को पूरा करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। अतिरिक्त स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति से हमारे डेटा सेंटर को अब और अधिक स्वच्छ ऊर्जा मिलेगी। इससे डेटा केंद्रों में इस्तेमाल होने वाली ऊर्जा का 70 फीसदी हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से आएगा। भविष्य को देखते हुए, हम अपना पूरा प्रयास अपनी क्षमता बढ़ाने और नए ज़माने की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए तैयार रहने के लिए कर रहे हैं। हमें पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी पूरा एहसास है और हम जलवायु पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।”
समझौते का विवरण इस प्रकार है:
- तमिलनाडु में, एम्पलस एनर्जी के सहयोग से एक नया पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा। यह प्लांट 24.3 मेगावाट पवन ऊर्जा और 28 मेगावाट डीसी सौर ऊर्जा का मिश्रण है। यह संयंत्र सालाना 109,798 मेगावाट बिजली पैदा करेगा, जिसके परिणामस्वरूप सालाना लगभग 77,957 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
- एम्पिन एनर्जी ट्रांजिशन के सहयोग से उत्तर प्रदेश में एक नया पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा जिसमें 12 मेगावाट डीसी क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाएगा। यह संयंत्र प्रति वर्ष 17,880 मेगावाट बिजली पैदा करेगा, जिससे सालाना लग्न 12,694 टन कार्बन उत्सर्जन कम करेगा।
- एम्पिन एनर्जी ट्रांजिशन के सहयोग से ओडिशा में एक नया पावर प्लांट निर्मित किया जाएगा, जिसमें 8 मेगावाट डीसी का सोलर एनर्जी सिस्टम लगाया जाएगा। यह प्रति वर्ष में 12,530 मेगावाट बिजली पैदा करेगा और इससे सालाना लगभग 8,896 टन कार्बन उत्सर्जन कम होगा
नेक्स्ट्रा बाय एयरटेल के पास देश भर में 12 बड़े और 120 एज डेटा सेंटर्स के साथ भारत में डेटा सेंटर्स का सबसे बड़ा नेटवर्क है। यह भारत के प्रमुख मेट्रो शहरों में छह नए हाइपरस्केल डेटा सेंटर बनाने और अपनी क्षमता को दोगुना बढ़ाकर 400 मेगावाट से अधिक करने के लिए अगले कुछ वर्षों में 5000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगा।


