- पार्वती से पू तक, नायरा एम. बनर्जी ने तय किया लंबा सफर: हर किरदार के साथ खुद को नए सिरे से गढ़ रही हैं अभिनेत्री
- From Parvati to Poo, Nyrraa M Banerji Has Come a Long Way: The Actress Continues to Reinvent Herself with Every Role
- Shakti Pumps Unveils 620 Wp Shakti On Roof Solar Modules at REI Expo 2026, Strengthens Integrated Clean Energy Portfolio
- Janhavi is young, but she is far from naïve. Where does she get the confidence to question people and established systems?
- Aditi Rao Hydari meets her comic side in Parivarik ManuRanjan
ईश वचन का सम्मान, ईश्वर का सम्मान
बाइबल महोत्सव की शुरूआत
इन्दौर. सेंट पॉल हायर सेकेण्डरी स्कूल प्रांगण में 7वां पवित्र बाइबिल महोत्सव पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ प्रारम्भ हुआ. शुरु में बिशप चाको के नेतृत्व में उपस्थित पुरोहितों ने बेलून रोजरी को हवा में स्थापित किया. होली रोजरी चर्च बेटमा के सदस्यों ने छत्तीसगढी धार्मिक लोकगीत व नृत्य के साथ बाइबिल जुलूस का नेतृत्व किया.
जुलूस में माता मरियम की प्रतिमा तथा पवित्र बाइबिल को मुख्य प्रार्थना-स्थल पर लाया गया जहां उनकी अधिस्थापना की गई. तत्पश्चात फादर माइकल जॉन वी.जी. तथा एस.वी.डी. संस्था प्रमुख फादर जॉनी डीसूजा द्वारा विशेष प्रार्थना की गई. अगले चरण में बिशप चॉको, फादर माइकल जॉन, फादर जोबी आनंद, फादर साइमन राज, विलियम रेफियल, डॉ. जोसफ तथा श्रीमती फिलोमिना एन्थोनी आदि द्वारा द्वीप प्रज्वलित किया गया.

सुसमाचार का पठन फादर सुमित ताहिर द्वारा, प्रार्थना फादर इरदुयराज तथा स्वागत माइकल जॉन वी.जी. द्वारा किया गया. उद्घाटन सम्बोधन में बिषप चाको ने कहा कि आज ही के दिन गत वर्ष हमने सिस्टर रानी मारिया के धन्य घोषणा का समारोह मनाया था. आपने कहा कि ईश वचन का सम्मान ईश्वर का सम्मान है. वचन सुनना ईश्वर की उपस्थिति का अनुभव कराता है.
दोपहर में पवित्र मिस्सा बलिदान खण्डवा धर्मप्रान्त के धर्माध्यक्ष दुरईराज के नेतृत्व में अर्पित किया गया. पूजन विधि के बाद आत्मदर्शन टी.वी. के एप का शुभारम्भ बिषप चाको, बिषप दुरईराज तथा अन्य पुरोहितों की उपस्थिति में किया. इसक्रेे पूर्व आत्मदर्षन टी.वी. के संस्थापक निर्देषक फादर आनंद ने इस एप के संबंध में जानकारी दी.
जीवन में प्रभु को देना है प्रथम स्थान
प्रवचनों की शुरुआत करते हुए इम्फाल (मणिपुर) से आए बॉबी थॉमस ने कहा कि हम प्रभु पर श्रद्धा तो रखते है पर उसमें दृढ़ता नहीं है. जो प्रभु पर दृढ़तापूर्वक श्रद्धा नहीं रखता उसका घर शीघ्र उजड़ जाता है जो प्रभु को प्यार करता है वह उसकी इच्छा पूरी करता है. प्रभु को अपने जीवन में प्रथम स्थान देना है. ईश्वर की स्तुति, आराधना एवं युखारिस्तीय जुलूस के साथ पहले दिन के कार्यक्रम का समापन हुआ. 5 नवम्बर को रोजरी माला विनती जाप के साथ प्रात: 10 बजे कार्यक्रम के दूसरे दिन की शुरुआत होगी.


