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टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने जारी की सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट 2025
बेंगलुरु,: टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने अपनी व्यापक सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट 2025 जारी की है, जो भारत की विशिष्ट विकास आवश्यकताओं के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण और सतत गतिशीलता के प्रति कंपनी की निरंतर प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।
(लिंक)
(https://www.toyotabharat.com/documents/toyota-in-india/environment/tkm-sustainability-report-2025.pdf)
यह रिपोर्ट कर्नाटक सरकार के माननीय वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण मंत्री श्री ईश्वर खांद्रे द्वारा जारी की गई। इस अवसर पर श्री स्वप्नेश मारू, डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर – कॉर्पोरेट प्लानिंग एवं ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट; श्री सुदीप दलवी, चीफ़ कम्युनिकेशन ऑफिसर, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं हेड – स्टेट अफेयर्स; तथा टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर ने भारत में कार्बन न्यूट्रैलिटी और सतत निर्माण के क्षेत्र में कंपनी की अग्रणी भूमिका को एक बार फिर उजागर किया।
उद्घाटन समारोह के दौरान, कर्नाटक सरकार के माननीय वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण मंत्री श्री ईश्वर खांद्रे ने कहा, “जब तक हम यह नहीं समझेंगे कि जहाँ हरियाली है, वहीं जीवन है, और जहाँ वन हैं, वहीं भविष्य है – तब तक हम धरती की वास्तविक रक्षा नहीं कर पाएँगे। आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के गहरे प्रभावों का सामना कर रही है, और वृक्षों का संरक्षण तथा पुनर्वनीकरण ही इसके प्रभावी समाधान हैं। इस संदर्भ में, मैं राज्य के सभी उद्योगों से अपील करता हूँ कि वे अपने परिसरों में अधिक से अधिक वृक्ष लगाएँ, सड़क किनारे के वृक्षों की रक्षा करें और ग्रीन बिल्डिंग सिद्धांतों को अपनाएँ। साथ ही, उद्योगों को नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, जल संरक्षण, उसके शुद्धिकरण और पुनः उपयोग पर विशेष ध्यान देना चाहिए।”
सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट 2025 के विमोचन के अवसर पर टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर – कॉर्पोरेट प्लानिंग एवं ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट, श्री स्वप्नेश मारू ने कहा, “हमारा विज़न भारत की सीओपी26 प्रतिबद्धताओं और ‘पंचामृत लक्ष्यों’ के अनुरूप है। हम देश की कार्बन न्यूट्रैलिटी की दिशा में प्रतिबद्धता का समर्थन करते हुए, टोयोटा के ग्लोबल एनवायरनमेंटल चैलेंज 2050 को भी आगे बढ़ा रहे हैं।
यह समन्वय दर्शाता है कि कैसे कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी रणनीतियाँ राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों के साथ जुड़कर सार्थक पर्यावरणीय प्रगति को गति दे सकती हैं। पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करते हुए, हम ऐसे भारत-केंद्रित समाधान विकसित कर रहे हैं जो स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप हैं और वैश्विक जलवायु लक्ष्यों में भी योगदान करते हैं। हर लगाया गया पेड़, हर उपयोग की गई नवीकरणीय ऊर्जा की इकाई और हर निर्मित ग्रीन वाहन हमारे उस संकल्प का प्रतीक है – जिसमें हम सभी के लिए गतिशीलता सुनिश्चित करते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए इस धरती को सुरक्षित बनाए रखने के लिए कार्यरत हैं।”
टोयोटा की सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट 2025 कंपनी की पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी, सामाजिक योगदान और सुशासन से जुड़ी प्रमुख पहलों पर जोर देती है। टीकेएम निरंतर कार्बन न्यूट्रैलिटी की दिशा में प्रगति को तेज़ करने के लिए अग्रसर है – केवल उत्पादों तक सीमित न रहकर, अपने निर्माण परिचालन और संपूर्ण वैल्यू चेन में सतत प्रथाएँ अपनाकर।
नए वाहनों में शून्य CO₂ उत्सर्जन की दिशा में पहल
भारत में गाडि़यों की बढ़ती संख्या CO₂ उत्सर्जन में प्रमुख योगदानकर्ता है। इस चुनौती का समाधान करने के लिए, टीकेएम ने मल्टी-पाथवे इलेक्ट्रिफिकेशन दृष्टिकोण अपनाया है, जिसके तहत अपने xEV पोर्टफोलियो का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन, फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक वाहन, प्लग-इन हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन और वैकल्पिक ईंधन आधारित पावरट्रेन शामिल हैं।
ग्रीन टेक्नोलॉजी के स्थानीयकरण के माध्यम से कंपनी स्वच्छ गतिशीलता को भारत के विविध आर्थिक परिदृश्यों में अधिक सुलभ और किफायती बना रही है। इसके साथ ही, इलेक्ट्रिफाइड फ्लेक्स-फ्यूल वाहन के विकास पर भी कार्य किया जा रहा है, जो भारत के बायोफ्यूल एकीकरण लक्ष्यों को समर्थन देंगे।
गतिशीलता पारिस्थितिकी तंत्र का डी-कार्बनाइजेशन
भारत की जटिल सप्लाई चेन नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना, जो वाहनों के पूरे जीवनचक्र में कार्बन उत्सर्जन में योगदान देती हैं, को ध्यान में रखते हुए, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने एक व्यापक ग्रीन सप्लाई चेन रणनीति लागू की है। इसमें आपूर्तिकर्ताओं के लिए कठोर ईएसजी अनुपालन मानक शामिल किए गए हैं।
टीकेएम के ईको-डीलरशिप नेटवर्क ग्राहक संपर्क के हर स्तर पर पर्यावरणीय प्रभाव को कम करते हैं, जबकि ग्रीन लॉजिस्टिक्स संचालन संपूर्ण वैल्यू चेन में परिवहन-संबंधी उत्सर्जन को न्यूनतम करते हैं।
ग्रीन एनर्जी का उपयोग
भारत के औद्योगिक विनिर्माण क्षेत्र की जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा पर निर्भरता को कम करने की दिशा में, टीकेएम ने अपने सभी विनिर्माण संयंत्रों में 100% नवीकरणीय ग्रिड विद्युत का उपयोग सुनिश्चित किया है। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2035 तक कार्बन-न्यूट्रल विनिर्माण और 2050 तक संपूर्ण वैल्यू चेन में शून्य CO₂ उत्सर्जन प्राप्त करना है। टीकेएम ऊर्जा-दक्ष तकनीकों को भी अपना रही है, जिससे प्रति इकाई ऊर्जा खपत में वर्ष-दर-वर्ष निरंतर कमी हो रही है।
जल संकट का समाधान
भारत में घटते भूजल स्तर और बढ़ती औद्योगिक जल मांग के मद्देनज़र, टीकेएम ने अपनी 89.3% जल आवश्यकताएँ वर्षा-जल संचयन और जल पुनर्चक्रण प्रणाली के माध्यम से पूरी की हैं। कंपनी का जीरो लिक्विड डिस्चार्ज संयंत्र औद्योगिक जल प्रदूषण को रोकता है। टीकेएम यह सुनिश्चित करती है कि वह उपभोग से अधिक जल का पुनर्भरण करे – इसके लिए वॉटरशेड परियोजनाएँ, वर्षा-जल संचयन और रिचार्ज पिट्सजैसी पहलों पर कार्य हो रहा है।
प्रभावी कचरा प्रबंधन
भारत में सीमित पुनर्चक्रण ढाँचे के बीच बढ़ते औद्योगिक एवं उपभोक्ता-पश्चात कचरे से निपटने के लिए, टीकेएम ने अपने सभी विनिर्माण संयंत्रों में ज़ीरो वेस्ट टू लैंडफिल स्थिति प्राप्त कर ली है। कंपनी 3R सिद्धांतों (रिड्यूस, रियूज़, रिसाइकल) के समग्र अनुप्रयोग से 96% से अधिक कचरे का पुनर्चक्रण सुनिश्चित करती है।
टीकेएम भारत की वाहन स्क्रैपेज नीति का सक्रिय समर्थन कर रही है, जिससे जीवन-अंत वाहनों के लिए अधिकृत पुनर्चक्रण चैनल विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही, कंपनी सर्कुलर इकॉनॉमी के विस्तार की दिशा में काम कर रही है, जो उत्पादन से लेकर उपभोक्ता-पश्चात चरणों तक को सम्मिलित करती है।
जैव विविधता की पुनर्बहाली
भारत में तेज़ औद्योगिकीकरण और शहरीकरण से घटती जैव विविधता और इकोसिस्टम के क्षरण को देखते हुए, टीकेएम ने टोयोटा ग्रीन वेव परियोजना के तहत अपने परिसर में 112 एकड़ क्षेत्र में हरित आवरण विकसित किया है। भारत में मियावाकी वनीकरण पद्धति को अपनाने वाली यह परियोजना देश में अपनी तरह की अग्रणी पहल है। कंपनी ने अपने परिसर में 790 से अधिक देशी पौधों की प्रजातियाँ और 400 से अधिक जीव-जंतुओं की प्रजातियाँ पुनर्स्थापित की हैं। इसके अलावा, टीकेएम ने 25 एकड़ क्षेत्र में एक इकोज़ोन अनुभवात्मक शिक्षण केंद्र स्थापित किया है, जिसके माध्यम से अब तक 40,000 से अधिक छात्रों और हितधारकों को पर्यावरणीय शिक्षा प्रदान की जा चुकी है। यह पहल कंपनी की पर्यावरणीय संतुलन और जलवायु सहनशीलता के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कार्यों के माध्यम से पर्यावरण जागरूकता का विस्तार
पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हुए, टीकेएम वर्षभर पर्यावरण जागरूकता अभियानों और संचार गतिविधियों का आयोजन करती है। हर वर्ष जून माह को पर्यावरण माह के रूप में मनाया जाता है, जो कंपनी की इस सोच को पुष्ट करता है कि वैश्विक स्तर की पर्यावरणीय जागरूकता को स्थानीय और प्रभावी कार्रवाइयों में बदला जा सकता है। इन पहलों में कर्मचारियों, स्थानीय समुदायों, आपूर्तिकर्ता एवं डीलर भागीदारों की सक्रिय भागीदारी होती है, जिससे सामूहिक रूप से एक अधिक जिम्मेदार और पर्यावरण-अनुकूल संस्कृति का निर्माण होता है।
सुशासन उत्कृष्टता और हितधारकों का विश्वास
टीकेएम का सस्टेनेबिलिटी फ्रेमवर्क सशक्त निगरानी और पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से कंपनी के सुशासन की परिपक्वता को दर्शाता है। कंपनी के बोर्ड स्तर पर ईएसजी सिद्धांतों को शामिल किया गया है, जिससे दीर्घकालिक लक्ष्यों के साथ रणनीतिक सामंजस्य सुनिश्चित होता है। यह दृष्टिकोण संगठन में जवाबदेही, पारदर्शिता और नैतिक निर्णय-प्रक्रिया की संस्कृति को सुदृढ़ करता है और हितधारकों के विश्वास को और गहरा बनाता है।
समुदाय सशक्तिकरण और सामाजिक लचीलापन
यह रिपोर्ट टीकेएम की सामाजिक स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को भी उजागर करती है।
टोयोटा टेक्निकल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में चलाए जा रहे उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों को ऑटोमोटिव कौशल के साथ-साथ हरित तकनीकी दक्षता भी प्रदान करते हैं, जिससे भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स विकसित हो रहा है। कंपनी ने अपने परिचालन क्षेत्रों में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, विशेष रूप से नेतृत्व और तकनीकी क्षेत्रों में, जिससे संगठन में समावेशन की संस्कृति और मजबूत हुई है। समुदाय के स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए मोबाइल क्लीनिक और टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ पहुँच सकें। इसके अलावा, टीकेएम स्थानीय किसानों को भी सशक्त बना रही है, विशेष रूप से जल संरक्षण और ग्रामीण अवसंरचना विकास पर केंद्रित परियोजनाओं के माध्यम से।
भविष्य की दिशा
कंपनी वर्ष 2025 के बाद की एक महत्वाकांक्षी रूपरेखा तैयार कर रही है, जो नवाचार और सहयोग पर आधारित है। इस रोडमैप के अंतर्गत टीकेएम का लक्ष्य ग्रीन मोबिलिटी समाधान को और तेज़ी से आगे बढ़ाना तथा नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को वर्तमान आवश्यकताओं से आगे तक विस्तारित करना है। कंपनी सभी हितधारकों के साथ मिलकर संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग और सस्टेनेबिलिटी परिणामों को और सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। यह रोडमैप “जस्ट ट्रांजिशन” की अवधारणा पर आधारित है, जो यह सुनिश्चित करता है कि कंपनी का हरित परिवर्तन सभी हितधारकों के लिए समावेशी और समानतापूर्ण बना रहे।


