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अपोलो फाउन्डेशन की वाईस चेयरमैन उपासना कामिनेनी ‘फिलान्थ्रोपिस्ट आफ द ईयर’ पुरस्कार से सम्मानित
हैदराबाद, अपोलो फाउन्डेशन की वाईस चेयरमैन उपासना कामिनेनी को वैलनेस उद्योग में योगदान के लिए दादा साहेबफाल्के एक्सीलेन्स अवाॅर्ड्स 2019 के दौरान ‘फिलान्थ्रोपिस्ट आफ द ईयर के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। अपोलो फाउन्डेशन में काम करते हुए विभिन्न संगठनों जैसे SACHI द बिलियन हार्ट्स, बीटिंग फाउन्डेशन SAHI और CURE के सहयोग से अपनी उल्लेखनीय पहलों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने, स्वास्थ्य सेवाओं के मानकों में सुधार लाने तथा सभी के लिए समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए मिस कामिनेनी को यह सम्मान मिला है।
इस मौके पर मिस उपासना कामिनेनी ने कहा, ‘‘इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाना अपने आप में गर्व की बात है, जो विभिन्न भोगौलिक क्षेत्रों में हमारे वैलनैस प्रोग्रामों के ज़रिए लोगों के जीवन में बदलाव लाने तथा विभिन्न चुनौतियों को पार करने के हमारे प्रयासों की पुष्टि करता है।
अपोलो फाउन्डेशन अपोलो हाॅस्पिटल्स की सामाजिक उत्तर दायित्व की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए समावेशी स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रयासरत है। इस तरह के प्रयास हमारी उम्मीदों और हमारे उत्साह को और अधिक बढ़ाते है और हमें आश्वस्त करते हैं कि हम सभी के लिए कल्याण को सुनिश्चित करने के सही मार्ग पर आगे बढ़ते रहें। मैं इस पुरस्कार को उन सभी लोगों को समर्पित करती हूँ जो रोज़ मुझे कुछ अच्छा करने के लिए प्रेरित करते हैं।’’
दादा साहेब फाल्के एक्सीलेन्स अवाॅर्ड्स दादा साहेबफाल्के परिवार द्वारा शुरू की गई एक पहल है। मुंबई में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान मिस कामिनेनी को यह पुरस्कार दिया गया, जिसमें बाॅलीवुड सेलेब्रिटीज़, विभिन्न क्षेत्रों से दिग्गज हस्तियों और जाने-माने उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया। इससे पहले अमिताभ बच्चन, शाहरूख खान, प्रियंका चैपड़ा, जावेद अख़्तर, पंकज कपूर, धर्मेन्द्र और रितिक रोशनन जैसे सेलेब्रिटीज़ को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
सही मायनों में महिला लीडर मिस उपासना कामिनेनी एक स्वस्थ भारत की दिशा में काम कर रही हैं। अपनी एक पहल के माध्यम से वे स्कूल प्रोग्रामों के ज़रिए बच्चों को स्वास्थ्य पर षिक्षित करने के लिए भी प्रयासरत हैं। एक लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएन्सर मिस उपासना कामिनेनी स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मकता एवं जागरुकता के प्रसार में सक्रिय हैं, वे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफाॅम्र्स पर अपनी मौजूदगी के ज़रिए बीमारियों की रोकथाम के सुझाव साझा करती रहतीहैं।
उनकी प्रेरक कहानी‘ फैट टूफिट’ पर आधारित है जो लोगों को स्वस्थ जीवन शैली के लिए प्रेरित करती है। मिस कामिनेनी सोशल मीडिया एवं वैलनेस कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को उचित आहार एवं वर्कआउट के बारे में जानकारी देती हैं।
अपनी स्वास्थ्य पहलों के बारे में बताते हुए मिस उपासना कामिनेनी कहती हैं ‘‘भारत में आज गैर-सेहतमंद जीवनशैली के चलते डायबिटीज़, हाइपरटेंशन और उच्च काॅलेस्ट्राॅल के मामले तेज़ी से बढ़ रहें हैं। हम रोकथाम एवं पुनर्वास पर ध्यान केन्द्रित करते हुए सम्पूर्ण सेवाओं से युक्त आक्यू पेशनल हेल्थ सेंटर पेश करते हैं।’’
जियो ऐप इस पुरस्कार विजेता फिलान्थ्रोपिस्ट की एक और सफल पहल है। जियो ऐप यूज़र के तनाव एवं वैलनेस के स्तर को टैªक करता है और उसे ‘वैलनैस प्रेसक्रिप्शन’’ भेजता है। ऐप यूज़र को जीवन षेली में स्वास्थ्य संबंधी बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है। यह ऐप देशभर में डाउनलोड के लिए उपलब्ध है।
अपोलो फाउन्डेशन, अपोलो हाॅस्पिटल्स ग्रुप केे सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रतिबद्धता से प्रेरित है और समावेषी स्वास्थ्य सेवाओं द्वारा सामाजिक कल्याण की दिषा में प्रयासरत है जो भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा संबंधी ज़रूरतों को पूरा कर सकें, सभी आर्थिक वर्गों एवं हर भोगौलिक क्षेत्र के लोगों तक गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा सके। अपोलो हाॅस्पिटल्स ग्रुप के संस्थापक डाॅ प्रताप सी रेड्डी का दृष्टिकोण अपोलो फाडन्डेशन के मिशन में परिलक्षित होता है-‘‘समाज के लोगों के साथ अर्थपूर्ण बातचीत करना और हर तरीके से उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना।’’ अपोलो फाउन्डेशन सभी सीमाओं केे दायरे से बाहर जाकर सामाजिक पहलों एवं प्रोग्रामों के ज़रिए सकारात्मक बदलाव लाने और विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के मानकों में सुधार लाने केे लिए तत्पर है।
अपोलो फाउन्डेषन एक गैर लाभ संगठन ‘टोटल हेल्थ’ के माध्यम से सम्पूर्ण समुदाय को समग्र देख भाल उपलब्ध कराकर ग्रामीण विकास के लिए तत्पर है। SACHi (Saving a Child’s HeartInitiative) एशिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठनों में से एक है जो वंचित समुदायों के बच्चों को समर्पित पीडिएट्रिक कार्डियक केयर सुविधाएं उपलब्ध कराता है और अब तक 50,000 लोगों के जीवन पर सकारात्मक असर पैदा कर चुका है। संगठन के साथ काम करने वाले स्वयं सेवी लोगों को दिल के स्वास्थ्य के बारे में शिक्षित करते हैं, उन्हें दिल की बीमारियों के कारण और रोकथाम के बारे में जागरुक बनाते हैं। यह अभियान हर भारतीय को स्वस्थ दिल की शपथ लेने के लिए प्रेरित करता है।
SAHI ग्रामीण क्षेत्रों में कैम्प्स का संचालन कर उन बच्चों को पहचानता है जो सुनने से सम्बंधित बीमारियों से ग्रस्त हैं, इन्हें आधुनिक उपचार और गुणवत्ता पूर्ण हियरिंग एड्स उपलब्ध कराता है। यह अपोलो हाॅस्पिटल्स, हैदराबाद की मदद से इन बच्चों के इलाज और सर्जरी में भी मदद करता है। क्योर फाउन्डेश न उन लोगों को कैंसर के उपचार में मदद करता है जो इसका खर्च नहीं उठा सकते। समाज के ज़रूरतमंद एवं गरीब वर्ग को कैंसर के लिए निवारक, उपचार एवं पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराता है।
एक डिस्टेन्स हेल्थकेयर अडवान्समेन्ट प्रोजेक्ट दिशा के माध्यम से अपोलो हाॅस्पिटल्स फिलिप्स, इसरो और धन फाउन्डेशन के साथ साझेदारी में एक सुदूर स्वास्थ्य सेवा परियोजना दिशा के माध्यम सेदेश के सुदूर इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जाती हैं। हर व्यक्ति के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाना इस पहल का उद्देश्य है।


