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मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना ने किसानों की खुशियां की दोगुनी
मांगीलाल गेहराजी को मिला पौत्र की शादी का उपहार
इंदौर. राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की पहल पर लागू की गयी मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का इंदौर जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। यह योजना किसानों के लिये अपार खुशियां लायी है। जिले के किसान मांगीलाल गेहराजी, जगदीश सोनगरा हो या पप्पू पटेल सहित हजारों किसान ऐसे है, जिन्हें प्रोत्साहन राशि मिलने से बेहद खुशी मिली है।
हॉल ही में राज्य शासन द्वारा लागू की गई मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत इंदौर जिले में 13 हजार 302 किसानों को जिन्होंने गत रबी में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचा था, उन्हें 200 प्रति क्विंटल के मान से 28 करोड़ रूपये से अधिक की राशि प्रोत्साहन स्वरूप दी गयी है। यह राशि उनके बैंक खाते में जमा करायी जा रही है। इन्हीं लाभान्वित किसानों में से एक है जिले के महू तहसील के ग्राम सातेर में रहने वाले मांगीलाल गेहराजी। प्रोत्साहन राशि मिलने से वे बेहद खुश है। उनके घर में शादी की तैयारियां चल रही है। उनके बड़े पौत्र धीरज सिंह की 19 अप्रैल को शादी है। ऐसे वक्त में प्रोत्साहन राशि मिलने से उनकी खुशियां दोगुनी हो गयी है। मुख्यमंत्रीजी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनका कहना है कि लगता है मामा श्री शिवराजसिंह चौहान ने अपने भांजे धीरज सिंह को प्रोत्साहन की राशि उपहार स्वरूप दी है।
इसी तरह की खुशिया जिले के देपालपुर तहसील के ग्राम छड़ोदा और इंदौर तहसील के ग्राम बेगमखेड़ी में रहने वाले पप्पू पटेल ने भी व्यक्त की है। उक्त दोनों किसानों के विचार लगभग एक जैसे है। इनका कहना है कि प्रोत्साहन राशि मिलने से हमें खेती में बेहद लाभ होगा। प्रोत्साहन राशि का उपयोग हम अपने खेती व्यवसाय को उन्नत बनाने में करेंगे। राशि का उपयोग खाद, बीज सहित अन्य कृषि आदानों को खरीदने में करेंगे। अच्छे खाद-बीज खरीदेंगे तो हमें अच्छा उत्पादन और बेहतर उत्पादकता मिलेगी। इससे हमारी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने अन्य कृषकों से भी इस योजना का लाभ लेकर खेती व्यवसाय को आगे बढ़ाने की अपील की है। मांगीलालजी गेहराजी को 18 हजार रूपये, जगदीश सोनगरा को एक लाख रूपये तथा पप्पू पटेल को 9 हजार 900 रूपये की प्रोत्साहन राशि मिली है।
ज्ञात रहे कि राज्य शासन द्वारा हाल ही में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना लागू की गयी है। इस योजना में गत रबी में गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्राथमिक साख सहकारी समितियों के माध्यम से ईउपार्जित मात्रा पर 200 रूपये प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि संबंधित किसान के बैंक खाते में जमा करायी गयी है।


