- IIM Indore Conducts Bharat KALP Leadership Programme, Bringing Together Senior Civil Servants to Strengthen Governance and Public Leadership
- आईआईएमइंदौर ने आयोजित किया भारत KALP नेतृत्व कार्यक्रम; सुशासन और सार्वजनिक नेतृत्व को सशक्त बनाने के लिए देशभर के वरिष्ठ सिविल सेवक हुए शामिल
- Bunty Singh Wins Two Elite Titles, Shines at Mrs. Asia Pacific World & India International Cosmo 2026
- दो प्रतिष्ठित मंचों पर छाईं बंटी सिंह, मिसेज एशिया पैसिफिक वर्ल्ड एवं इंडिया इंटरनेशनल कॉस्मो 2026 की एलीट विनर बनीं
- इंदौर में बिलियनेयर्स नेटवर्क के ‘बीएन प्रथम’ चैप्टर का लॉन्च, उद्यमियों को मिलेगा नेटवर्किंग का मंच
शहर के डॉ मनचंदा ने बोन कैंसर पर रिसर्च कर टर्की में किया संबोधित
इंदौर. इन्दौर पिछ्ले कुछ समय में मध्यप्रदेश के सबसे बड़े और देश के एक प्रमुख मेडिकल हब के रुप में विकसित हुआ हैं। इसका एक कारण यह भी है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी प्रशिक्षण लेकर चिकित्सकों ने भी यहीं रहकर गंभीर किस्म की बीमारियों के इलाज़ करने का एक बड़ा निर्णय लिया है। कैंसर की बात करें तो पिछले कुछ वर्षों में अन्य सभी प्रकार के मरीजों के साथ साथ बोन यानी हड्डी के कैंसर के मरीजों की संख्या में भी वृद्धि देखी गयी हैं। कुछ वर्ष पहले तक की ही बात ले लें तो बोन कैंसर के अधिकतर मरीजों को मुंबई ही जाना पड़ता था परन्तु पिछले कुछ समय से इसके बेहतर उपचार इन्दौर में ही उप्लब्ध हो रहे हैं ।
इंदौर के डॉ अभय मनचंदा मध्य भारत के चुनिन्दा कुछ डॉक्टर्स में से एक हैं, जिन्होंने बोन कैंसर पर बहुत सारा काम किया है. डॉ मनचंदा के अनुसार – ‘आधुनिकता के साथ हमारा परिचय नई-नई बीमारियों से भी हुआ है। ऐसी ही एक बीमारी हड्डी का कैंसर है। हड्डी का कैंसर यदि शुरूआती स्थिति में पहचान लिया जाए तो इसकी रोकथाम संभव है। हड्डी के कैंसर के फ़ैल जाने से जान को खतरा न हो, इसके लिए हड्डी के कैंसर के रोग से पीड़ित मरीजों के प्रभावित अंग (अक्सर हाथ या पैर) काटना जरूरी हो जाता है।
इस बीमारी के इलाज के बारे में बात करने के लिए एशिया पैसिफिक ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन ने टर्की में एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया, जिसमें प्रोफेसर डॉ अभय मनचंदा को हड्डी के कैंसर की जांच “बायप्सी” पर की-नोट लेक्चर के लिए चुना गया। उन्होने “HOW A WRONG BIOSPY REVERSES THE OUTCOME ; AN EYE OPENER” विषय पर बात की । इस कॉन्फ्रेंस में एशिया पैसिफिक देशों के ऑर्थोपेडिक सर्जन शामिल हुए।
डॉ अभय मनचंदा ने बताया कि – हड्डियों में कोई भी गाठं / सूजन अगर खुद से ही बढ़ने लगे या दर्द होने लगे तों कैंसर होने का शक होना वाज़िब है। कैंसर की जाचों में बायप्सी (Biopsy) एक जांच हैं जो गाठं में कैंसर का होना प्रमाणित करती है l लेकिन गलत तरीके से की गई बायप्सी, के कारण लिंब सालवेज सर्जरी करना संभव नहीं हो पता अंग को बचा पाने में मुश्किल पैदा करती है और अंत में उसे काटना ही पड़ता हैl दुनिया भर में गलत बाओप्सी के कारण 18% तक मामलों में अंग को काटना पड जाता है, जिस से बचा जा सकता है l टर्की के इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्द्येश्य हड्डी के रोगों से कैसे मरीजो को आसानी से निजाद दिलवाया जा सकता है इसके लिए एक दूसरे के विशेषज्ञता को सांझा करना था। इस कॉन्फ्रेंस में मुझे सही बायप्सी कैसे की जा सकती है? इस विषय पर अपनी बात रखने का मौका दिया गया ।
डॉ. अभय मनचंदा इंदौर ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं एवं एक अनुभवी हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं।


