- अब बिना ऑपरेशन भी हटेगी ब्रेस्ट की गांठ, इंदौर में शुरू हुई नई तकनीक
- जियो स्टूडियोज़ और सिख्या एंटरटेनमेंट की फिल्म 'डोरोथी' का टाइटल आउट, TIFF प्रीमियर से पहले बड़ा सरप्राइज
- सन नियो लेकर आ रहा है 'राजनंदिनी' : बदला, प्यार और रहस्यों से भरी एक नई कहानी
- Sun Neo Announces Raajnanndini: A Powerful Story of Revenge and Love
- दिल धोखा और डिज़ायर से लेकर लॉक अप सीज़न 2 तक… आकांक्षा चमोला का धमाकेदार सफर
शो में मेरा किरदार होना चाहिए महत्वपूर्ण: रूखसार
इंदौर. मुझे अभिनय करना पसंद है इसलिए किसी तरह के किरदार पर मेरा फोकस नहीं रहता है. बस मैं इस बात पर ध्यान देती हंू कि मुझे जो किरदार मिला है वह शो के लिए महत्वपूर्ण होना चाहिए.
यह कहना है अभिनेत्री रूखसार रहमान का. वे रविवार को शहर में थी. रू$खसार शहर की बाल कलाकार देशना दुग्गड़ के साथ स्टार प्लस के शो मरियम खान रिपोर्टिंग लाइव के प्रमोशन के लिए शहर में थी. देशना शो की मुख्य किरदार है और रूखसार उनकी मां की भूमिका निभा रही हूं. रूखसार ने आगे बताया कि शो 8 साल की एक बच्ची, मरियम की कहानी है. जीवन को लेकर उसका सीधा-सरल रचनात्मक नजरिया आपको सीधे अपने बचपन के दिनों में पहुँचा देगा. मरियम, खान परिवार की सबसे छोटी सदस्य हैय बाहर से तो खान परिवार किसी भी आम परिवार की तरह नजर आता है, जिसमें एक पुरुषप्रधान दादाजी, माता-पिता और उनकी तीन बेटियां हैं। लेकिन जो चीज इस परिवार को अलग खड़ा करती है वह दर्शकों को मरियम की अंाखों से देखने पर पता चलेगा.
हीना फिल्म का मिला था ऑफर
यूपी से हूं और यहां के कई शहरों में रही हूं क्योंकि पिताजी आईएएस ऑफिसर थे. जब मैं नवी कक्षा में थी मुझे जब ही फिल्म में काम करने का मौका मिल गया था. मेरे पिताजी के मित्र है इदरिस देहलरी उनकी एक मैग्जीन भी आती थी. उन्होंने पापा से कहा मुझ फिल्मों में काम करवाने के लिए कहा था. मेरे लिए हीना और सनम बेवफा फिल्म के लिए ऑफर आए थे तब पिताजी ने मना कर दिया था. फिर इदरिस से याद रखेगी दुनिया के लिए पिताजी को कहा और बताया कि यह एक साफ-सुथरी पारिवारिक फिल्म है तब वे मान गए और इस तरह से मैं अभिनय के क्षेत्र में आ गई. जबकि मैंने सोचा नहीं था कि फिल्में करूंगी. मैं एक एजुकेटेड फैमेली से आई थी और खुद भी आईएएस अफसर बनना चाहती थी लेकिन कुछ कारणवश ऐसा हो न सका.
दो फिल्म के बाद लिया ब्रेक
रूखसार ने बताया कि मैंने शुरूआत में दो फिल्में करने के बाद ब्रेक ले लिया था क्योंकि उन दिनों मुझमें इतनी समझ नहीं थी इसलिए जो फैमेली ने कहा मैंने वो सुना. इसलिए मुंबई छोड़कर यूपी आ गई. इस दौरान मेरी शादी भी हो गई. मेरे पति डायरेक्टर है फिर भी मैंने फिल्मों काम नहीं किया. मैं उन दिनों साफ्ट फर्निशिंग का बिजनेस कर रही थी. उसकी एक्जीबिशन में मुझे किसी ने देखा और मुझे काल आना शुरू हो गए. फिर मैंने एक्टिंग करने का निर्णय लिया और बिजनेस छोड़कर मुंबई आ गई. इस तरह फिर मेरा एक्टिंग करियर फिर शुरू हो गया. इसके बाद मैंने कई फिल्मों और सीरियल्स में काम किया. अपने हसबेंड की फिल्म में भी काम किया.
भाग्य होता है महत्वपूर्ण
रूखसार ने कहा कि जीवन में कई बार आपकी डेस्टिनी का भी योगदान है वो स्वयं आपको अपने प्रोफेशन तक पहुंचा देती है. मैंने कभी सोचा नहीं था एक्टिंग करूंगी और जब कैमरा फेस किया तो ऐसा लगा भी नहीं कि मैं कैमरा फेस कर रही हूं. जबकि मैंने अभिनय का कोई प्रशिक्षण भी नहीं लिया था. मेरा मानना है कि काम से भी ज्यादा भाग्य महत्वपूर्ण होता है. इसलिए भगवान में मुझे जो भी दिया उसे स्वीकार किया.
प्लान बी तैयार रखें
रूखसार ने कहा कि एक्टिंग को लेकर मेरा मानना है कि इसे कोई सिखा नहीं सकता. यह एक जन्मजात हुनर होता है. इसे किसी प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षण लेकर निखारा जा सकता है. उन्होंने कहा कि फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में बहुत ज्यादा ही स्ट्रगल है. कोई एक काम मिल भी जाए तो फिर अगले काम के लिए स्ट्रगल करना पड़ेगा. इसलिए इस इंडस्ट्री में जो भी आए आपको मेंटली और फिजिकली दोनों प्रकार से स्ट्रंाग होना पड़ेगा. साथ ही प्लान बी भी तैयार रहना चाहिए ताकि यहां सफलता न मिले तो दूसरा काम कर सके.
अमिताभ बच्चन सुधारते थे फंबल: देशना
शहर की बाल कलाकार देशना दुग्गल गुमाश्ता नगर में रहती है. वे शो में मरियम की मुख्य भूमिका में है. मरियम ने बताया कि मैं 6 साल की उम्र से एक्टिंग कर रही हूं. बचपन से ही मैं क्यूट लगती थी तो मम्मी-पाप को लोग बोलते थे इसको एक्टिंग करवाओ. इसलिए मम्मी-पापा मुझे ऑडिशन दिलवाने ले गए और मेरा सिलेक्शन भी हो गया मैंने एक्टिंग की कोई ट्रेनिंग नहीं ली फिर भी जो प्रोडक्शन वाले बोलते थे वो मैं करती थी इसलिए सब आसान हो गया. अभी मैं दो-तीन सीरियल कर चुकी हूं और दो फिल्म भी की है. ठग्स ऑफ हिंदुस्तान में मैंने अमिताभ बच्चन जी के साथ काम किया. वे बहुत ही अच्छे है. वे कई बार मेरे फंबल भी सुधारते थे और कुछ गलती करती थी तो वे बताते थे कि कैसे करना है. अभी तो जो मम्मी बोलेगी वो मैं करूंगी. हांलाकि मैं इंटीरियर डिजायनर बनना चाहती हूं क्योंकि मुझे घर बनाना अच्छा लगता है. नहीं तो मैं फिर फैशन डिजायनिंग भी करूंगी. देशना ने कहा कि मुंबई में मैं दोस्तो और 56 दुकान व सराफा को मिस करती हूं.


