- Solaryaan Joins Haryana Green Energy Roadshow as Inverter Sales Cross 1 Lakh in H1 FY27
- फेयरफील्ड बाय मैरियट इंदौर में 7 अक्टूबर को शुरू होगा, ग्लास स्काई रूफटॉप रेस्टोरेंट, मिलेगा खास डाइनिंग एक्सपीरियंस
- ICICI Bank brings back ‘Festive Bonanza’ with exciting deals across shopping, travel, and lifestyle brands
- आईसीआईसीआई बैंक ने खरीदारी, यात्रा और लाइफस्टाइल ब्रांड्स पर आकर्षक ऑफर के साथ ‘फेस्टिव बोनांजा’ की फिर की शुरुआत
- Mumbai Deputy Mayor Sanjay Ghadi Honored with Mumbai Achievers Awards 2026
शनि यज्ञ के पहले निकली शोभायात्रा
इंदौर. शहर में पहली बार 4 से 6 मई तक होने के जा रहे ऐतिहासिक 108 कुंडीय श्री शनि महायज्ञ के पहले गाजे बाजे के साथ रविवार की शाम भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें तेरह अखाड़ों के प्रमुख शामिल हुए, सिंहस्थ की पेशवाई के समान निकली यात्रा में अखाड़ा प्रमुखों के अलावा विशाल कामधेनु कलश, यज्ञशाला का ध्वज, 51 ढोलक व चार भजन मंडलियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी। पूरा अन्नपूर्णा रोड शनिमय लग रहा था.
महायज्ञ समिति के गिरीश चाह्वाण, आशीष साहू ने बताया कि महामंडलेश्वर संत दादू महाराज के सान्निध्य में रविवार की शाम शनिजी का पूजन, कामधेनु कलश पूजन, यज्ञ शाला के लिए बनाए विशेष ध्वज का पूजन अखाड़ा प्रमुखों की मौजूदगी में गजासीन शनि मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इसके बाद गाजे बाजे के साथ यात्रा का प्रारंभ हुआ. इसमें तेरह अखाÞडा प्रमुख सजीधजी बग्घी में विराजित थे. उषा नगर स्थिथ मंदिर परिसर से प्रारंभ हुई यात्रा में प्रमुख रूप से पंचरामनंदीय निर्वाणी अखाड़े के श्री महंत दिग्विजय दासजी, महामंडलेश्वर सिद्दबाबा नरसिंहदासजी अयोध्यावाले मौजूद थे। इसके अलावा 51 ढोल, 5 अखाड़े, बालिका शस्त्र दल, भगोरिया नृत्य की आदिवासी मंडली, अश्वरोही दल, शनिदेव की मनोहारी झांकी, फूल उड़ाने वाली तोपे, कामधेनु कलश, शनिदेव व भोले के स्वागधारी युवा, केसरिया पताका मंडली, छत्र वाली 22 टीमें आदि शनिजी की शोभायात्रा को ऐतिहासिक बनती प्रतीत हो रही थी. यात्रा करीब दो घंटे में दरगाह चौराहा, दशहरा मैदान, अन्नपूर्णा मंदिर, चाणक्यपुरी, वैशाली चौराहे होते हुए नटराज नगर मैदान यज्ञ स्थल पहुंचकर समाप्त हुई. दस मंचों से यात्रा का स्वागत हुआ. संतों व अतिथियों का स्वागत हिमांशु चमौली, प्रकाश पटेल, आशीष साहू, देवकीनंदन तिवारी, मनीष होलकर, भवानी कुशवाह आदि ने किया. श्री शनि सेवा समिति की ओर से अखाड़ा प्रमुखों व संतों का सम्मान भी किया गया. संचालन आशीष गुप्ता ने किया.


