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14वें संस्करण का SAI मॉडल यूनाइटेड नेशंस संपन्न, 14 देशों के 650 से अधिक छात्र प्रतिनिधियों ने वैश्विक युवा कूटनीति को दिया नया आयाम
कोलकाता: SAI इंटरनेशनल एजुकेशन ग्रुप ने अपने प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कूटनीति सम्मेलन SAI मॉडल यूनाइटेड नेशंस (SAIMUN) २०२६ के १४वें संस्करण का सफलतापूर्वक आयोजन एवं समापन किया। २४ और २५ जुलाई, २०२६ को आयोजित इस दो-दिवसीय सम्मेलन ने युवा नेतृत्व और वैश्विक समझ को प्रोत्साहित करने की १४ वर्षों की यात्रा का उत्सव मनाया। “वसुधैव कुटुम्बकम् – एक विश्व, एक परिवार” की मूल भावना पर आधारित इस सम्मेलन में १४ देशों (लाइबेरिया, दक्षिण सूडान, युगांडा, इस्वातिनी, कैमरून, जिम्बाब्वे, नाइजीरिया, लीबिया, मेडागास्कर, सीरिया, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और भारत) का प्रतिनिधित्व करते हुए ३० अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों सहित ६५० से अधिक छात्र प्रतिनिधियों ने भाग लिया। देशभर के २३ प्रतिष्ठित विद्यालयों के छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने प्रतिनिधियों को एक जीवंत एवं बहुसांस्कृतिक मंच प्रदान किया, जहाँ उन्होंने सार्थक संवाद, विविध दृष्टिकोणों की समझ तथा उत्तरदायी वैश्विक नेतृत्व के लिए आवश्यक कौशल विकसित किए।
२४ जुलाई को आयोजित उद्घाटन समारोह में ब्रिटिश उप उच्चायुक्त डॉ. एंड्रयू फ्लेमिंग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ SAI इंटरनेशनल एजुकेशन ग्रुप की अध्यक्ष डॉ. सिल्पी साहू भी मंच पर मौजूद थीं। उपस्थित जनसमूह का स्वागत करते हुए डॉ. सिल्पी साहू ने संस्थापक स्वर्गीय डॉ. बिजय कुमार साहू के दृष्टिकोण को याद करते हुए कहा कि शिक्षा केवल पारंपरिक कक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसका उद्देश्य ऐसे संवेदनशील, भविष्य के लिए तैयार वैश्विक नागरिक तैयार करना होना चाहिए जो संघर्ष के स्थान पर सहयोग और विभाजन के स्थान पर संवाद को महत्व दें। युवा प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए डॉ. एंड्रयू फ्लेमिंग ने कहा कि आज की परस्पर जुड़ी हुई दुनिया में सफल नेतृत्व के लिए वार्ता कौशल, सक्रिय रूप से सुनने की क्षमता और सहानुभूति तीन सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सार्थक अंतरराष्ट्रीय सहयोग की शुरुआत पारस्परिक सम्मान, तथ्यपूर्ण विमर्श और विविध विचारों को अपनाने के साहस से होती है।
सम्मेलन के दौरान प्रतिनिधियों ने ११ विभिन्न समितियों में वैश्विक एवं राष्ट्रीय चुनौतियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गहन नीतिगत चर्चाओं और कूटनीतिक वार्ताओं में सक्रिय भागीदारी की।
शैक्षणिक विमर्श से आगे बढ़कर समग्र विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए SAIMUN २०२६ के अंतर्गत सहाया वृद्धाश्रम में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया, जहाँ प्रतिनिधियों ने पर्यावरण संरक्षण और मानवीय संवेदनाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को व्यवहारिक रूप दिया। उद्घाटन समारोह के दौरान उत्कृष्ट विद्यार्थियों को टॉप स्कोर अवॉर्ड्स २०२६ तथा डॉ. बिजय कुमार साहू ग्लोबल एंटरप्रेन्योर अवॉर्ड प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।
दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय MUN का समापन २५ जुलाई को प्रेरणादायक वातावरण में हुआ। समापन समारोह में प्रसिद्ध लेखक एवं वक्ता श्री सुरेश श्रीनिवासन मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि SAIMUN युवाओं को जटिल वैश्विक वास्तविकताओं से परिचित कराते हुए उत्तरदायी वैश्विक नागरिक बनने के लिए तैयार करता है तथा यह सिखाता है कि वास्तविक प्रगति सहयोग और साझेदारी से ही संभव है। समापन अवसर पर डॉ. सिल्पी साहू ने दोहराया कि SAIMUN केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि एक परिवर्तनकारी अनुभव है, जो विद्यार्थियों में आलोचनात्मक सोच, सहानुभूति और नेतृत्व क्षमता का विकास करता है। उन्होंने प्रतिनिधियों द्वारा प्रदर्शित परिपक्वता, दृढ़ विश्वास और पारस्परिक सम्मान की सराहना की।
समापन समारोह का एक प्रमुख आकर्षण SAIMUN ट्रिब्यून २०२६ का विमोचन रहा, जो सम्मेलन का आधिकारिक समाचार-पत्र है। इस प्रकाशन में दो दिनों के सम्मेलन की ऊर्जा, विचारों और अनुभवों को समाहित किया गया, जो इस वर्ष के आयोजन में हुए बौद्धिक विमर्श और सहयोगात्मक भावना का स्थायी दस्तावेज बना। समापन समारोह के दौरान सभी ११ समितियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र प्रतिनिधियों तथा एक्जीक्यूटिव बोर्ड (EB) के सदस्यों को उनकी उत्कृष्ट कूटनीतिक क्षमता, नेतृत्व और मार्गदर्शन के लिए प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
SAIMUN २०२६ के सफल समापन के साथ इस सम्मेलन ने एक बार फिर युवा कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के अग्रणी मंच के रूप में अपनी पहचान को और सुदृढ़ किया। विविध पृष्ठभूमियों से आए युवा परिवर्तनकर्ताओं को विचार-विमर्श, सहयोग और सामूहिक समाधान की दिशा में एक साथ लाकर SAIMUN भविष्य के ऐसे नेतृत्व को प्रेरित करता रहा है, जो अधिक जुड़ी हुई, संवेदनशील और शांतिपूर्ण दुनिया के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।


