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शिशु मृत्युदर कम करने विशेषज्ञों से मांग सुझाव
ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में ‘पेडिकॉन -2020’
ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में ‘पेडिकॉन -2020’ के औरपचारिक शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्री तुलसी सिलावट, उच्च शिक्षा, खेल और युवा मामलों के मंत्री श्री जीतू पटवारी थे। इस समारोह में इन सभी के साथ प्रोजेरिया नामक बीमारी से पीड़ित बच्चा जिसका नाम आदित्य साहू भी मंच पर मौजूद रहते हुए उद्घाटन का हिस्सा बने। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें बच्चे अपनी उम्र से अधिक बड़े दिखाई देते हैं। उन्हें इस समारोह में शामिल करने का उद्देश्य लोगों को बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री तुलसी सिलावट ने कहा कि देश की बुनियाद और भविष्य जब जन्म लेता हैं तो उसकी रक्षा और सुरक्षा करने वाले ईश्वर तुल्य डॉक्टर्स मेरे पास बैठे हैं। मैं उनके समर्पण और 24 घंटे सेवा करने के जज़्बे को सलाम करता हूँ। मैं यहाँ कुछ बोलने नहीं बल्कि सीखने के लिए आया हूँ। यहाँ बैठे सैकड़ों डॉक्टर्स पिछले तीन दिनों से शिशुमृत्यु दर कम करने के लिए विचार-मंथन कर रहे हैं। मैं इन सभी का आभारी हूँ। इस चिंतन से निकलने वाले अमृत और नई तकनीक का हम अधिक से अधिक दोहन करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि 2017 की गणना के अनुसार देश में एक हजार बच्चों में से 32 की मृत्यु हो रही हैं, प्रदेश में यह आंकड़ा 47 का हैं। इसे कैसे कम किया जाए, इसके लिए मैं आप सभी महापुरुषों से सुझाव मांग रहा हूँ। श्री सिलावट जी ने एक सरकारी कमिटी बनाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि इस कमिटी में डॉ शरद थोरा विशेष रूप से शामिल हो ताकि सरकार को शिशुमृत्यु दर को कम करने के लिए आवश्यक सुझाव दिए जा सकें।
हम सभी जानते हैं कि अब हम पहले से ज्यादा बेहतर स्थिति में हैं। पहले जहाँ हमारे पास सिर्फ 2 बीमारियों के टिके होते थे वही अब 70 प्रतिशत टिके हम अपने देश में ही बना रहे हैं। मैं मनाता हूँ कि हमारे पास डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ की कमी हैं पर फिर भी मैं आप सभी के सहयोग से शिशुमृत्यु दर को कम करने के लिए प्रयास करना चाहता हूँ।
हमें बताते हुए हर्ष हो रहा हैं कि हमने प्रदेश में 88 संजीवनी क्लिनिक शुरू किए हैं, जिनमे से 29 इंदौर में, 28 भोपाल में और अन्य उज्जैन, रीवा, ग्वालियर और जबलपुर में हैं। आप सभी से निवेदन हैं कि आप लोग बड़वानी धार झाबुआ और खरगोन जैसे स्थानों पर भी सप्ताह में 2 – 3 दिन जाकर सेवाएं दें क्योकि वहां भी कोई अभिभावक अपने बच्चे के लिए अच्छे डॉक्टर का इंतज़ार कर रहे होंगे।
कम हो सकती है शिशु मृत्युदर

डॉ वीपी कॉन्फ्रेंस के चीफ ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ वीपी गोस्वामी ने बताया कि प्रदेश में आज 300 पीडियाट्रिशियन हैं और इस नेक मौके पर मैं घोषणा करता हूँ कि हम 10 संजीवनी क्लिनिक गोद लेकर वहां अपनी सेवाएं देंगे। इसके एवज में हम डॉक्टर्स के प्रति होने वाली हिंसा से संरक्षण चाहते हैं ताकि हम निश्चिन्त होकर गभीर केसेस में भी बच्चों का इलाज कर उनकी जान बचा पाएं। इसके लिए मैं मंत्री जी से निवेदन करता हूँ की महीने में किसी एक कार्यक्रम में डोक्टेर्स को उनके कार्यो के लिए सम्मानित करे जिससे उनका होसला बढे और अब तक गंभीर केस को जो हम बड़े अस्पतालों में रेफेर करते थे उन्हें हिम्मत से चिकत्सा प्रदान करें। यकीन मानिये इसे शिशु मृत्युदर कम हो सकती है। हम मंत्री जी के गाँव में सेवाए देना के सपने में भी पूरा सहयोग देंगे।
आप के चरणों में सर रखकर प्रणाम करता हूँ

कॉन्फ्रेंस के औपचारिक शुभारंभ के दौरान मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा, खेल और युवा मामलों के मंत्री जीतू पटवारी ने देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में सभी का स्वागत करते हुए कहा कि यह हमारे लिए बहुत गौरव का विषय है कि 57वीं पेडिकॉन – 2020 हमारे शहर में हो रही है। साल दर साल आप लोग इकठ्ठा होकर शिशु मृत्युदर की चुनौतियों से लड़ रहे हैं, यह बहुत अच्छी बात है। देश में शिशुमृत्यु दर में कमी आई है, उम्मीद है आप लोगों के इस प्रयास से मध्यप्रदेश में भी शिशुमृत्यु दर पर काबू पाया जा सकेगा। शिशुओं में बीमारियों का इलाज के बजाए यदि कुछ ऐसा हो जाए कि बीमारियां हो ही नहीं तो यह किसी चमत्कार से कम नहीं होगा। जिस तरह इंदौर स्वच्छता में नंबर वन है, वैसे ही हमारा शहर शिशुओं के स्वास्थ्य के मामले में भी नंबर वन बन जाए, इससे बेहतर भला और क्या हो सकता है। आप लोगों को इसके लिए जो भी संभावनाएं तलाशनी है, खुले मन और खुले हाथों से तलाशें। हमारी सरकार आपको पूरा सहयोग देगी।
इंदौर चैप्टर को मिले 6 अवार्ड
पेडिकॉन – 2020 में इंदौर चैप्टर को 6 अवार्ड मिलें। इन अवार्ड्स को प्रेसिडेंट डॉ निर्भय मेहता, सेक्रेटरी डॉ श्रीलेखा जोशी और कोषाध्यक्ष डॉ अमित बंग ने मंच पर जाकर प्राप्त किया।


