देवी अहिल्याबाई के आदर्श सुशासन, सेवा और सांस्कृतिक गौरव के प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव*

मुख्यमंत्री डॉ यादव की गरिमामय उपस्थिति में पूर्ण आस्था एवं श्रद्धा से मनाया गया देवी अहिल्या बाई होलकर का जन्मोत्सव

इंदौर, 31 मई. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर का जीवन भारतीय संस्कृति, सुशासन, लोककल्याण और धर्म संरक्षण का अद्वितीय उदाहरण है। उनकी 301वीं जयंती के अवसर पर आयोजित विविध कार्यक्रमों में शामिल होकर उन्हें मालवा और भारत के गौरवशाली इतिहास का स्मरण हुआ। उन्होंने कहा कि एक कठिन कालखंड में अहिल्याबाई होल्कर ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, न्यायप्रियता और जनसेवा के माध्यम से ऐसे आदर्श स्थापित किए, जो आज भी रामराज्य की भावना का अनुभव कराते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की जयंती पर इंदौर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

इंदौर में आज लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की जयंती पूर्ण उत्साह एवं श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस उपलक्ष्य में आज मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में गांधी हॉल परिसर में देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत एक भव्य एवं ऐतिहासिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण लगभग 150 कलाकारों द्वारा राष्ट्रगीत "वंदे मातरम्" का सामूहिक वादन रहा। कलाकारों की सुरमयी प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमुदाय में राष्ट्रभक्ति एवं सांस्कृतिक गौरव की भावना का संचार किया। इस अवसर पर आयोजित भजन जेमिंग मेले में विभिन्न कलाकारों एवं भजन मंडलियों ने भक्तिमय प्रस्तुतियां दीं। भजनों की मधुर स्वर लहरियों से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री हिमांशु जोशी और न्यायमूर्ति श्री आनंद सिंह बहरावत को अहिल्या गौरव सम्मान से विभूषित किया। उत्सव के तहत आयोजित फोटोग्राफी प्रतियोगिता के विजेताओं को भी परस्कृत किया गया।

कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री गोलू शुक्ला, श्री महेन्द्र हार्डिया, श्रीमती मालिनी गौड़, सुश्री उषा ठाकुर, श्री मधु वर्मा, श्री प्रताप करोसिया, श्री सावन सोनकर, श्री श्रवण चावड़ा, श्री गौरव रणदीवे, डॉ. निशांत खरे सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल, गणमान्य नागरिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों, लोककल्याणकारी कार्यों एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान का स्मरण किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व सुशासन, सेवा, संस्कृति और जनकल्याण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोकमाता के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इंदौर में लोक माता देवी अहिल्याबाई होलकर की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने के लिए लगातार कार्यक्रम किए जा रहे हैं और अहिल्या लोक भी विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर महेश्वर और इंदौर के राजवाड़ा में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित कर उन्हें विशेष श्रद्धांजलि अर्पित की है। साथ ही प्रदेश की एक बटालियन का नाम भी महारानी अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखा गया है, जो उनके गौरवशाली योगदान को सम्मान देने का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने अपने जीवन में अनेक व्यक्तिगत और सामाजिक चुनौतियों का सामना किया, लेकिन हर कठिनाई को दृढ़ संकल्प और साहस के बल पर उपलब्धि में परिवर्तित किया। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद देशभर में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यों का ऐसा विस्तार किया, जिसकी कीर्ति आज भी संपूर्ण भारत में गूंज रही है। उन्होंने सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, महाकाल सहित अनेक मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं पुनर्निर्माण में अहिल्याबाई के योगदान को भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का महत्वपूर्ण अध्याय बताया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर का जीवन केवल एक शासक के रूप में नहीं, बल्कि जनसेवा और सांस्कृतिक चेतना की प्रतीक के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि आज भी देशभर में उनके द्वारा कराए गए कार्य लोगों को प्रेरित कर रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं। उन्होंने लोकतंत्र में न्यायपालिका की महत्वपूर्ण भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि न्यायालय लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और न्यायिक निर्णयों का सम्मान लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का आधार है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सुशासन, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और न्याय आधारित व्यवस्थाओं को सशक्त बनाने के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए उनके आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई का जीवन कर्तव्यनिष्ठा, सेवा, न्याय और राष्ट्र गौरव का संदेश देता है, जो सदैव समाज का मार्गदर्शन करता रहेगा।

महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत भाषण दिया। उन्होंने इंदौर नगर निगम द्वारा अर्जित उपलब्धियां की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकास को नई गति मिली है। श्री भार्गव ने कहा कि बीते एक वर्ष में डिजिटल इंदौर के माध्यम से शहर ने पूरे देश के सामने डिजिटल सिटी का एक नया मॉडल प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और सहयोग से इंदौर ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। महापौर श्री भार्गव ने बताया कि इंदौर देश की पहली नगर निगम बनी है जिसने अपना 60 मेगावाट का सोलर पार्क स्थापित किया है। साथ ही मध्यप्रदेश डिस्कॉम के सहयोग से शहर में 31 हजार छतों पर सोलर रूफटॉप लगाकर लगभग 233 मेगावाट बिजली उत्पादन का रिकॉर्ड भी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की जनभागीदारी की प्रेरणा से इंदौर ने सफाई व्यवस्था के डिजिटलीकरण, कपड़े से कपड़ा बनाने, एनिमल कारकस प्रबंधन सहित अनेक नवाचारों को अपनाया है, जो देश में अग्रणी उदाहरण बने हैं। उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई के त्याग, सेवा, तपस्या, संघर्ष और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की प्रेरणा सदैव इंदौर को आगे बढ़ाती रहेगी।

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