ग्रीनप्लाई ने लॉन्च की टर्मीवैक्स – प्लाईवुड के लिए भारत की पहली एंटी-टर्माइट वैक्सीनेटेड तकनीक

• ग्रीनप्लाई ने अपनी खास नैनो-टेक्नोलॉजी से संचालित अभिनव टर्मीवैक्स के साथ भारतीय प्लाईवुड बाजार में नई पहल करते हुए दीमक से सुरक्षा, टिकाऊपन और आजीवन सुरक्षा का नया मानक स्थापित किया।

कोलकाता, 4 अगस्त 2026: भारत की अग्रणी इंटीरियर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में से एक ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड ने टर्मीवैक्स (TermiVax) पेश किया है, जो उन्नत नैनो-प्रौद्योगिकी पर आधारित भारत के पहले वैक्सीनेटेड एंटी-टर्माइट प्लाईवुड में से एक है। इस तकनीक के लिए पेटेंट आवेदन भी दायर किया गया है। इस नवाचार के साथ ग्रीनप्लाई का प्लाईवुड अब दीमकों से आजीवन बेहतर सुरक्षा प्रदान करेगा। नमी और गीली परिस्थितियों में दीमक की समस्या अधिक होती है और मानसून के दौरान इसका खतरा और बढ़ जाता है।

यह नवाचार सामान्य सतही उपचार (सरफेस ट्रीटमेंट) से कहीं अधिक उन्नत है। यह ऐसी तकनीक पर आधारित है जो दीमकों के पनपने और उनके कारण फर्नीचर तथा घर के इंटीरियर को होने वाले नुकसान को रोकती है। इसमें उपयोग किया गया नैनो-टेक्नोलॉजी कंपाउंड केवल सतह तक सीमित नहीं रहता, बल्कि प्लाईवुड के हर हिस्से और हर कोने तक गहराई से पहुंचकर संपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

दशकों से, दीमक से सुरक्षा मुख्य रूप से सतही कोटिंग और प्लाईवुड लगाने के बाद किए जाने वाले केमिकल ट्रीटमेंट पर निर्भर रही है। हालांकि ये तरीके अस्थायी सुरक्षा प्रदान करते हैं, लेकिन वे अक्सर केवल सतह तक सीमित रहते हैं। कटाई, ड्रिलिंग, नमी और रोजमर्रा के इस्तेमाल के कारण समय के साथ इनका असर धीरे-धीरे कम हो जाता है।

मैन्युफैक्चरिंग के दौरान ही प्लाईवुड के भीतर सुरक्षा को समाहित करके, ग्रीनप्लाई का उद्देश्य घरों, व्यावसायिक स्थानों और संस्थागत परियोजनाओं के लिए एक अधिक विश्वसनीय और लंबे समय तक चलने वाला समाधान देना है। इस नए प्रोडक्ट का IPIRTI (इंडियन प्लाईवुड इंडस्ट्रीज रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) द्वारा पूरी तरह से परीक्षण और अनुमोदन किया गया है।

इस लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए, ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज लिमिटेड के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर सानिध्य मित्तल ने कहा: “ग्रीनप्लाई में, हमारा इनोवेशन हमेशा एक सरल उद्देश्य से प्रेरित रहा है — सार्थक तकनीक के माध्यम से उपभोक्ताओं की वास्तविक समस्याओं का समाधान करना। भारत जैसे देश में, जहाँ जलवायु परिस्थितियाँ अक्सर दीमक के प्रकोप को बढ़ा देती हैं, दीमक से होने वाला नुकसान मकान मालिकों के लिए सबसे बड़ी चिंताओं में से एक बना हुआ है। यह नवाचार उपभोक्ताओं के लिए उन्नत, अधिक भरोसेमंद और भविष्य के अनुकूल समाधान देकर उद्योग के मानकों को लगातार बढ़ाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे आपके घर का इंटीरियर लंबे समय तक बना रहे।”

यह नई तकनीक ग्रीनप्लाई की पूरी ग्रीन रेंज में उपलब्ध होगी, जिसमें ग्रीनप्लाई मरीन 710, ग्रीनप्लाई गोल्ड, ग्रीनप्लाई प्लेटिनम, ग्रीनप्लाई क्लब 500 और ग्रीनप्लाई क्लब 700 शामिल हैं।

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