- One ride 2026: final call to ride for the snow leopard
- वन राईड 2026: स्नो लेपर्ड के लिए राईड करने का अंतिम मौका
- AU Small Finance Bank appoints Anil Agarwal as Senior Executive Group Head – Commercial & Institutional Banking and Amol Padhye as Chief Risk Officer
- राघव जुयाल की एनर्जी ने ‘द पैराडाइज’ में उनके किरदार को ही बदल डाला
- Sun Neo announces ‘Jaan-e-Wafa’: Where destiny brings two hearts together, but identity, marriage and family expectations stand in their way.
इंदौर शहर में खोले जाएंगे तीन नए थाने, पुलिस बल की पूर्ति भी की जाएगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘डिस्ट्रिक्ट ड्रोन यूनिट’ के तहत 18 अत्याधुनिक हाईटेक ड्रोन्स किए लोकार्पित, 10 पुलिस वाहनों को दिखाई हरी झंडी
इंदौर : 31 मई. मध्यप्रदेश में तकनीक आधारित सुशासन को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर के डीआरपी लाईन में ‘डिस्ट्रिक्ट ड्रोन यूनिट’ का लोकार्पण तथा ‘इंदौर ट्रैफिक साथी’ मोबाइल एप का शुभारंभ रिमोट द्वारा किया।
मुख्यमंत्री ने 18 अत्याधुनिक हाईटेक ड्रोन्स का लोकार्पण कर इन्हें इंदौर पुलिस के बेड़े में शामिल कराया। यह ड्रोन्स पुलिस की तीसरी आंख के रूप में हर वक्त कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को और भी अधिक प्रभावी बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर इंदौर शहर में तीन नए पुलिस थाने खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की कमी की पूर्ति भी क्रमबद्ध रूप से की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हर साल पुलिस विभाग के 22 हजार 500 पदों पर भर्ती कर रहे हैं। लगभग सभी पदों पर भर्ती जारी है। हम प्रदेश के हर जिले में पुलिस बैंड की स्थापना भी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार हमेशा पुलिस विभाग के साथ है। परन्तु नागरिकों को बेवजह परेशानी या अपने पदीय कर्तव्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक लोगों के हित में है, तो एक चुनौती भी है, इसलिए इसका बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ड्रोन पुलिस का कान्सेप्ट इंदौर से ही आया है। अब यह सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन में एक नजीर बनेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक विकास के समन्वय को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ‘विरासत से विकास’ के मार्ग पर चल रही है। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने जिस इंदौर को सेवा, सुशासन और जनकल्याण के जीवन मूल्यों से जोड़ा था, अपनी श्रम साधना से सींचा था, आज वही शहर इंदौर नवाचार और तकनीकी प्रगति के क्षेत्र में देश के लिए उदाहरण बन रहा है। इंदौर में इस तरह के प्रशासनिक क्षेत्रों में आधुनिक नवाचारों का शुभारंभ होना अपार खुशी देता है। उन्होंने कहा कि विज्ञान वास्तव में सुशासन की दिशा में ‘लोक कल्याणकारी राज्य’ के लिए एक वरदान साबित हो रहा है। मध्यप्रदेश सरकार तकनीक से लोगों की तकदीर बदलने, उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और लोकसेवा का नया अध्याय लिखने के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक तकनीकों का उपयोग प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि ‘डिस्ट्रिक्ट ड्रोन यूनिट’ और ‘इंदौर ट्रैफिक साथी’ एप जैसे नवाचार पुलिस और प्रशासन दोनों को नई ताकत प्रदान करेंगे। आज इंदौर में हुआ यह नवाचार पुलिस और प्रशासन दोनों को बेहतर काम करने की नई ऊर्जा देगा तथा नागरिक सुविधाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल स्मार्ट और सुरक्षित इंदौर की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है, जो तकनीक और सुशासन के बेहतर समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी। आज लोकार्पित ड्रोन्स कानून व्यवस्था की स्थापना में पुलिस के लिए सहायक होंगे, वहीं "ट्रैफिक साथी एप" वाहन चालकों के लिए बेहद कारगर साबित होगा। इस एप के जरिए वाहन चालक पार्किंग की बेहतर लोकेशन जान सकेंगे।
पुलिस कमिश्नर इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह ने कहा कि इंदौर पुलिस के बेड़े में 18 ड्रोन्स शामिल किए जा रहे हैं। अब इंदौर पुलिस भीड़ के समुचित प्रबंधन में इन अत्याधुनिक ड्रोन्स के बेहतर उपयोग करने के लिये तैयार हो गई है। इन ड्रोन्स से 2 किलोमीटर का दायरा कवर होगा। उन्होंने कहा कि अब हम न सिर्फ ट्रैफिक बल्कि अपराधों पर भी नजर रख सकेंगे। इसका प्रयोग इंदौर में रंगपंचमी पर निकली गेर और बसंत पंचमी पर भोजशाला धार में कानून व्यवस्था के लिए किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इंदौर पुलिस ने 4 हजार 370 लोगों को नि:शुल्क हेलमेट बांटे हैं। साथ ही कई प्रकरण आपसी सहमति से निराकृत किये। सीएसआर के तहत पुलिस प्रशासन को 4 अत्याधुनिक तकनीक से लैस मोटर साइकिल और 5 बोलेरो प्राप्त हुई, जिसको मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरी झंडी दी। अब यह सभी वाहन पुलिस के बेड़े में शामिल हो गये।
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेन्द्र हार्डिया, रमेश मेंदोला, मालिनी गौड़, मधु वर्मा, उषा ठाकुर, श्री मनोज पटेल, गोलू शुक्ला, श्रवण चावड़ा, गौरव रणदिवे, सावन सोनकर सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल एवं पुलिस प्रशासन के अन्य अधिकारी और ट्राफिक प्रहरी उपस्थित थे।


