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वाहनों के दावों के तुरंत निपटान के लिए, माइक्रोसॉफ्ट एज़्योर एआई द्वारा संचालित सॉल्यूशन के साथ अपने ग्राहकों को सशक्त बना रहा है रिलायंस जनरल इंश्योरेंस
मुंबई. रिलांयस कैपिटल की 100% अनुषंगी कंपनी, रिलायंस जनरल इंश्योरेंस ने वाहनों से संबंधित दावों के शीघ्र एवं तुरंत निपटान के लिए ‘RAPID’ (रैपिड) नामक सेवा की शुरुआत की है, जो माइक्रोसॉफ्ट एज़्योर कॉग्नेशियल सर्विसेज तथा एज़्योर मशीन लर्निंग द्वारा संचालित इमेज एनालिटिक्स की सुविधाओं से सुसज्जित है। इस प्रक्रिया में शुरू से अंत तक के इस समाधान ने RGI को वाहनों से संबंधित दावों के निपटान की प्रक्रिया को तेज बनाने तथा ग्राहकों को परेशानी-मुक्त अनुभव प्रदान करने में मदद की है।
भारत दुनिया के सबसे बड़े एवं सर्वाधिक तेजी से विकसित मोटर-वाहन बीमा बाजारों में से एक है, जो पॉलिसी को रिन्यू करने तथा वाहनों की मरम्मत से जुड़े दावों के निपटान के लिए पारंपरिक तरीकों पर निर्भर है, जिसमें आमतौर पर एक इंस्पेक्टर वाहनों को हुए नुकसान की जांच-पड़ताल करता है और आकलन करता है।
इससे निरीक्षण की प्रक्रिया में देरी होती है, जिसकी वजह से कारों और पॉलिसी-धारकों को लंबे समय तक सड़क से दूर रहना पड़ता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए, रिलायंस जनरल इंश्योरेंस ने बिल्कुल नया AI सॉल्यूशन तैयार करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के भागीदार, सेलेबल टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी की है, जो ग्राहकों के लिए अपनी मर्जी से कभी भी, कहीं भी पॉलिसी खरीदने या रिन्यू करना सुविधाजनक बना देता है।
नए ज़माने की इस तकनीक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से वाहनों के फीड किए गए तस्वीरों से नुकसान की पहचान की जाती है और सही ढंग से मूल्यांकन किया जाता है, जिसे ग्राहकों तक तुरंत पहुंचाया जाता है।
दुर्घटना स्थल से लेकर दावे के निपटान तक की पूरी प्रक्रिया में, बीमाधारक ‘रिलायंस सेल्फी ऐप’ का उपयोग करके दावा कर सकते हैं, तथा दावे के पंजीकरण के लिए फोटो और दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। दावे की शुरुआत के बाद, एआई टूल दावे की प्रक्रिया आरंभ कर देता है और बिना किसी देरी के ग्राहकों की वाहन की मदद के लिए तुरंत प्रोविजनल वर्क-आर्डर उत्पन्न करता है।
‘RAPID’ (रैपिड) दावे की शुरुआत से लेकर दावे के निपटान की प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम कर देता है। इस प्रक्रिया में सामान्य तौर पर ग्राहकों को काफी परेशानी होती है और उन्हें औसतन 10 से 12 दिनों का समय खर्च करना पड़ता है लेकिन यह टेक्नोलॉजी इस प्रक्रिया को एक घंटे से भी कम समय में पूरा कर देती है।
इस पहल के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए, रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के सीईओ, श्री राकेश जैन ने कहा, “इस एआई–आधारित सॉल्यूशन के शुभारंभ के साथ, हमारे ग्राहकों के लिए वाहनों के दावे की पूरी प्रक्रिया बेहद तीव्र और परेशानी मुक्त बन चुकी है। इस टेक्नोलॉजी से यात्री वाहनों के लिए हमें प्राप्त होने वाले 60% से अधिक
दावों की प्रक्रिया और तेज हो जाएगी, जिसकी लंबे समय से जरूरत थी क्योंकि इस तरह के वाहनों में सिर्फ बाहरी तौर पर छोटा–मोटा नुकसान होता है।
‘RAPID’ (रैपिड) के उपयोग के साथ, दावों के निपटान में लगने वाले समय में काफी कमी आएगी और इसकी वजह से ग्राहकों को बेहतरीन सेवा का अनुभव प्राप्त होगा। यह पहल हमारे ब्रांड के बुनियादी सिद्धांत, यानी कि टेक + हार्ट के अनुरूप है, जो इंसान की भावनाओं के साथ तकनीकी समाधान उपलब्ध कराती है।”
इस अवसर पर श्री वेंकट कृष्णन, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, कमर्शियल पार्टनर्स, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया, ने कहा, “माइक्रोसॉफ्ट ने एआई के फायदों को सभी के लिए सुलभ एवं महत्वपूर्ण बनाकर मानवीय कौशल को कई गुना बढ़ाने को अपना लक्ष्य बनाया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकत और इसके बदलाव लाने वाले प्रभावों के जरिए ग्राहकों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के साथ इस साझेदारी से हमें बेहद खुशी हो रही है। इस प्रकार का बेहतरीन सॉल्यूशन उपलब्ध कराने के लिए हम अपने सहयोगी सेलेबल टेक्नोलॉजीज को धन्यवाद देते हैं, जो पॉलिसी को रिन्यू करने एवं दावों के निपटान की प्रक्रिया को पहले से अधिक तीव्र और अधिक कुशल बनाती है।”


