- Solaryaan Joins Haryana Green Energy Roadshow as Inverter Sales Cross 1 Lakh in H1 FY27
- फेयरफील्ड बाय मैरियट इंदौर में 7 अक्टूबर को शुरू होगा, ग्लास स्काई रूफटॉप रेस्टोरेंट, मिलेगा खास डाइनिंग एक्सपीरियंस
- ICICI Bank brings back ‘Festive Bonanza’ with exciting deals across shopping, travel, and lifestyle brands
- आईसीआईसीआई बैंक ने खरीदारी, यात्रा और लाइफस्टाइल ब्रांड्स पर आकर्षक ऑफर के साथ ‘फेस्टिव बोनांजा’ की फिर की शुरुआत
- Mumbai Deputy Mayor Sanjay Ghadi Honored with Mumbai Achievers Awards 2026
एचडीएफसी बैंक ने पुलिस ऑफिसर्स के लिए किया फ्रॉड अवेयरनेस वर्कशॉप
· रतलाम और धार में सेफ डिजिटल बैंकिंग पर 100 से अधिक पुलिस अधिकारियों को किया जागरूक
इंदौर, 26 फरवरी 2024: डिजिटल बैंकिंग अवेयरनेस ड्राइव के अंतर्गत एचडीएफसी बैंक ने रतलाम और धार में पुलिस ऑफिसर्स को सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग के बारे में आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान करने के लिए एक सिक्योर बैंकिंग वर्कशॉप का आयोजन किया।
एचडीएफसी बैंक ने एसपी ऑफिस धार एवं रतलाम में फ्रॉड अवेयरनेस वर्कशॉप का आयोजन किया। इस इंटरैक्टिव सत्र से, 100 से पुलिस अधिकारियों ने छात्रों और कर्मचारियों ने सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
डिजिटल सुरक्षा की महत्वता को ध्यान में रखते हुए वर्कशॉप में कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया:
- आईएफएडब्ल्यू का उद्देश्य: प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी जागरूकता सप्ताह के मिशन/भूमिका के बारे में बताया गया, जो डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण है।
- साइबर फ्रॉड अवेयरनेस: आम साइबर खतरों जैसे विशिंग, फ़िशिंग, स्मिशिंग, रिमोट डिवाइस एक्सेस, सिम स्वैप और यूपीआई धोखाधड़ी के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। वास्तविक जीवन के उदाहरण देकर समझाया गया।
- सिक्योर नेटबैंकिंग और शॉपिंग टिप्स: इन सेशन में सुरक्षित ऑनलाइन लेनदेन के लिए सर्वोत्तम तरीकों पर प्रकाश डाला गया, जिसमें विजिल आंटी के महत्व को दर्शाया गया और सिक्योर ऑनलाइन शॉपिंग के लिए अमूल्य सुझाव दिए गए।
- बचाव के उपाय: प्रतिभागियों को गाइड किया गया था कि वे संवेदनशील जानकारी जैसे ओटीपी, सीवीवी, डेबिट/क्रेडिट कार्ड पिन और यूपीआई पिन किसी को न बताएं।
इस पर टिप्पणी करते हुए एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट इंटेलिजेंस एंड कंट्रोल- एग्जीक्यूटिव वाईस प्रेसिडेंट श्री मनीष अग्रवाल ने कहा, “जैसे-जैसे बैंक डिजिटल होते जा रहे हैं, अपराधी भी ग्राहकों को धोखा देने के नए तरीकों की तलाश कर रहे हैं। इसलिए उनमें जागरूकता पैदा करना जरूरी है ताकि वे गोपनीय बैंकिंग डेटा साझा न करें या असत्यापित लिंक पर क्लिक न करें। हमारी सुरक्षा के लिए पुलिस अधिकारियों को इस तरह की धोखाधड़ी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए ज्ञान और टूल्स से सशक्त बनाना आवश्यक है। इन वर्कशॉप्स ने रतलाम और धार जिलों में हमारे पुलिस बल की क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में काम किया।
इन अवेयरनेस सेशन का उद्देश्य प्रतिभागियों को धोखाधड़ी तौर-तरीकों और सुरक्षित बैंकिंग के बारे में शिक्षित करना है, जिनका पालन उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने से बचाने के लिए करना चाहिए। जिनका पालन उन्हें खुद को ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होने से बचाने के लिए करने की जरूरत है। चालू वित्त वर्ष 24 में, एचडीएफसी बैंक ने पूरे भारत में ऐसे 3,980 से अधिक सेशन आयोजित किए हैं और समाज के अलग अलग वर्गों को कवर करते हुए 42,000 से अधिक प्रतिभागियों तक पहुंचा है। इन वर्कशॉप का उद्देश्य स्कूल, कॉलेज, ग्राहकों, लॉ एन्फोर्समेंट एजेंसियों, वरिष्ठ नागरिकों, स्वयं सहायता समूहों, शैक्षणिक संस्थानों, विक्रेताओं, भागीदारों और कर्मचारियों को शिक्षित करना है।
बैंक अपने ग्राहकों को डिजिटल लेन – देन करते समय सावधानी बरतने और सुरक्षित बैंकिंग आदतों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। साथ ही, किसी के साथ भी अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें। यदि कोई ग्राहक धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उन्हें तुरंत अपनी संबंधित शाखा से संपर्क करना चाहिए और 1930 (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल द्वारा हेल्पलाइन नंबर) पर कॉल करना चाहिए।


