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विश्व नवकार महामंत्र दिवस’ बना वैश्विक आध्यात्मिक ऊर्जा का महापर्व
108 देशों की सहभागिता के साथ गूंजा नवकार महामंत्र, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी दिया प्रेरणादायी संदेश
इंदौर, 09 अप्रैल 2025। मंत्रों में ऊर्जा के संचार की शक्ति होती है, और जब इसे सामूहिक रूप से पढ़ा जाए तो एक अद्वितीय अनुभव होता है। समस्त विश्व में एक यह आध्यात्मिक क्षण साकार हुआ जब बुधवार 09 अप्रैल 2025 को लाखों लोगों ने एक साथ नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप किया। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जीतो) द्वारा आयोजित ‘विश्व नवकार महामंत्र दिवस’ ने एक अभूतपूर्व वैश्विक एकता, शांति और मानवता का संदेश दिया। 108 देशों की सहभागिता और 6000 से अधिक जैन मंदिरों, उपाश्रयों व स्थानकों से लाइव प्रसारण के माध्यम से यह आयोजन मानवता के इतिहास में एक ऐतिहासिक अध्याय के रूप में अंकित हो गया। शहर में आयोजित इस विशेष आयोजन में इंदौर के सांसद श्री शंकर लालवानी एवं मध्यप्रदेश शासन के मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का प्रेरणादायी उद्बोधन
इस आयोजन की गरिमा उस समय और भी बढ़ गई जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश के माध्यम से आयोजन को संबोधित किया। उन्होंने इस वैश्विक आध्यात्मिक प्रयास की सराहना करते हुए कहा, “मैं नवकार महामंत्र की आध्यात्मिक शक्ति को अब अपने भीतर अनुभव कर रहा हूं। नवकार महामंत्र सिर्फ मंत्र नहीं है, ये हमारी आस्था का केंद्र है। हमारे जीवन का मूल स्वर और इसका महत्व सिर्फ आध्यात्मिक नहीं है। ये स्वयं से लेकर समाज तक सबको राह दिखाता है यह जन से जग तक की यात्रा है। इस मंत्र का प्रत्येक पद ही नहीं, प्रत्येक अक्षर अपने आप में मंत्र है। नवकार महामंत्र कहता है कि स्वयं पर विश्वास करो, स्वयं की यात्रा शुरू करो। दुश्मन बाहर नहीं है, दुश्मन भीतर है, नकारात्मक सोच, अविश्वास, वैमनस्य और स्वार्थ ही वो शत्रु हैं जिन्हें जीतना ही असली विजय है। यही कारण है कि जैन धर्म हमें बाहरी दुनिया नहीं, बल्कि खुद को जीतने की प्रेरणा देता है।”

भारत से लेकर विदेशों तक गूंजा नवकार महामंत्र
108 देशों में संपन्न हुआ, जिसने भारतीय संस्कृति और जैन धर्म की वैश्विक प्रतिष्ठा को और भी सशक्त किया। जीतो परिवार इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने वाले सभी श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों, संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आभार प्रकट करता है। ‘विश्व नवकार महामंत्र दिवस’ अब केवल एक तिथि नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक आंदोलन बन चुका है – विश्व के कल्याण हेतु।
जीतो इंदौर के प्रेसिडेंट श्री विमल घोड़ावत और श्री चीफ सेक्रेटरी हितेश तुराखिया ने इस आयोजन को “आध्यात्मिक जागरण का वैश्विक पर्व” बताया। कार्यक्रम की शुरुआत पवित्र शंखनाद और सुरमयी भजन-संगीत से हुई, जिससे वातावरण भक्तिमय और ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया। भजनों की स्वर-लहरियों और मंत्रोच्चारण के साथ लाखों श्रद्धालुओं ने अपनी चेतना को एक सूत्र में पिरोते हुए नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप किया। इस दिव्य संगम ने लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ ही एक अपूर्व आत्मिक अनुभव प्रदान किया।
जीतो यूथ और महिला विंग की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को जन-जन तक पहुँचाया। जीतो इंदौर चैप्टर के नेतृत्व में शहर भर में कई स्थानों पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
श्री प्रतीक सूर्या, श्री अनल जैन, श्रीमती प्रियंका जैन और श्रीमती प्रिया संघवी ने बताया कि यह आयोजन आध्यात्मिकता को व्यवहारिक जीवन में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विश्वभर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार
श्री हुलास बेताला, श्री मयंक दोषी और श्रीमती रेखा वीरेंद्र जैन ने इसे “मानवता के हित में किया गया आत्मिक प्रयास” बताया। उनका कहना है कि नवकार महामंत्र की सामूहिक शक्ति मानसिक शांति के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा की लहर लेकर आती है।


