- Netizens hail Varun Dhawan’s acting in Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai call it a ‘Paisa Vasool Entertainer'
- June Calls for a Laugh: The Best Comedy Titles to Stream on Netflix
- एका मोबिलिटी ने पुणे प्लांट से 1,000वें एससीवी को हरी झंडी दिखाई
- मोटोरोला ने लॉन्च किया edge 70 pro+, जो 2026 का सबसे स्टाइलिश फ्लैगशिप किलर स्मार्टफोन है
- जावेद जाफरी ने सरोज खान को दिया श्रेय, कहा उन्होंने सिखाया कि डांस में एक्सप्रेशन कितनी अहम है
USICON Day-2 में इंदौर बना ‘हेल्थ और साइंस’ की राजधानी
सुपर कॉरिडोर पर साइक्लोथॉन से दिन की शुरुआत, हॉल में रोबोटिक सर्जरी का लाइव प्रसारण और शाम को हेरिटेज वॉक:
इंदौर, 30 जनवरी 2026। स्वच्छता के लिए देशभर में पहचान बना चुका इंदौर अब स्वास्थ्य और चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम कर रहा है। USICON 2026 के दूसरे दिन शहर में ऐसा माहौल दिखा, मानो यह सिर्फ डॉक्टरों का सम्मेलन नहीं, बल्कि सेहत का जनउत्सव हो। सुबह 6 बजे सूरज की पहली किरण के साथ सुपर कॉरिडोर पर सैकड़ों डॉक्टर, सर्जन और युवा रेजिडेंट्स साइक्लोथॉन में शामिल हुए। सफेद कोट की जगह स्पोर्ट्स गियर में ये विशेषज्ञ साइकिल चलाते हुए फिटनेस और एक्टिव लाइफस्टाइल का संदेश दे रहे थे। “डॉक्टर फिट तो देश फिट” का नारा पूरे रास्ते गूंजता रहा।
साइक्लोथॉन के बाद ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर के हॉल्स में चिकित्सा विज्ञान का हाईटेक चेहरा नजर आया। 70 से अधिक अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी और देश के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट्स ने दिनभर रोबोटिक, लेजर और मिनिमली इनवेसिव सर्जरी की नई तकनीकों का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की शुरुआत योग सत्र से हुई, इसके बाद सेमी-लाइव सर्जिकल सेशन, इंटरनेशनल सोसाइटी लेक्चर, यूरो-ऑन्कोलॉजी केस डिस्कशन, एंडो-यूरोलॉजी अपडेट्स और विश्वस्तरीय विशेषज्ञों द्वारा लाइव सर्जरी का सीधा प्रसारण हुआ। अलग-अलग हॉल्स में एक साथ कई सत्र चलते रहे, जहां युवा डॉक्टरों ने ऑपरेशन थिएटर की बारीकियां बड़े स्क्रीन पर रियल-टाइम देखीं और सीखी। यह पूरा दिन ‘देखो-समझो-सीखो’ थीम पर केंद्रित रहा।
दोपहर बाद मेहमानों के लिए हेरिटेज वॉक आयोजित की गई, जिसमें देश-विदेश से आए डॉक्टरों ने राजवाड़ा, सराफा और पुराने इंदौर की गलियों का इतिहास जाना। आयोजकों का कहना है कि मेहमान यहां से केवल मेडिकल ज्ञान ही नहीं, बल्कि इंदौर की संस्कृति, स्वाद और आत्मीयता की यादें भी साथ लेकर जाएं। वहीं 1 फरवरी को ‘Pass the Baton of Life’ थीम पर होने वाली मैराथन को लेकर भी प्रतिभागियों में खासा उत्साह है, जो ऑर्गन डोनेशन और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देगी।
दूसरे दिन का खास फोकस आम जनता के लिए स्वास्थ्य जागरूकता भी रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि आजकल किडनी स्टोन, प्रोस्टेट बढ़ना (BPH), पेशाब में जलन या खून आना, बार-बार यूरिन इंफेक्शन और ब्लैडर-किडनी कैंसर जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कम पानी पीना, जंक फूड, धूम्रपान, लंबे समय तक बैठकर काम करना और पेशाब रोकना इसके मुख्य कारण हैं। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी कि रोज 3–4 लीटर पानी पिएं, नियमित व्यायाम करें, नमक और तले-भुने भोजन से बचें और 40 वर्ष की उम्र के बाद सालाना जांच जरूर कराएं। उन्होंने चेताया कि पेशाब में दर्द, रुकावट, खून, कमर दर्द या रात में बार-बार उठना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना गंभीर बीमारी को न्योता दे सकता है।
ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. सुशील भाटिया ने कहा,
“USICON को हमने सिर्फ एक मेडिकल कॉन्फ्रेंस के रूप में नहीं, बल्कि हेल्थ मिशन के रूप में डिजाइन किया है। यहां दिखाई जा रही रोबोटिक और लेजर तकनीकें मरीजों के लिए वरदान हैं — कम दर्द, कम खून, कम अस्पताल में भर्ती और जल्दी रिकवरी। हमारा सपना है कि इंदौर इलाज के लिए भी देश की पहली पसंद बने।”
ऑर्गनाइजिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ. संजय शिंदे ने कहा,
“हम चाहते थे कि डॉक्टरों का यह आयोजन समाज से जुड़ा हुआ दिखे। इसलिए साइक्लोथॉन, मैराथन और हेरिटेज वॉक जैसे कार्यक्रम रखे गए। स्वस्थ जीवनशैली ही हर बीमारी की पहली दवा है। अगर लोग फिट रहेंगे तो अस्पतालों की जरूरत ही कम पड़ेगी।”
ऑर्गनाइजिंग कमेटी के ट्रेज़रर डॉ. नितीश पाटीदार ने बताया,
“70 से ज्यादा इंटरनेशनल फैकल्टी और इतने बड़े स्तर की लाइव सर्जरी इंदौर में होना हमारे लिए गर्व की बात है। यह आयोजन शहर की क्षमता, इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल एक्सीलेंस को दुनिया के सामने दिखा रहा है। इससे मेडिकल टूरिज्म को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।”
को-ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. रवि नागर ने कहा,
“हमने हर सत्र को प्रैक्टिकल बनाया है ताकि डॉक्टर सिर्फ सुनें नहीं, बल्कि देखकर और समझकर सीखें। यहां सीखी गई तकनीकें छोटे शहरों और गांवों तक बेहतर इलाज पहुंचाने में मदद करेंगी। आखिरकार हमारा लक्ष्य मरीज की जिंदगी आसान बनाना है।”
को-ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. श्याम अग्रवाल ने जोड़ा,
“लोग अक्सर यूरोलॉजी की समस्याओं को शर्म या लापरवाही में छिपा लेते हैं। यही सबसे बड़ी गलती है। समय पर जांच और सही विशेषज्ञ से इलाज कराने पर ज्यादातर बीमारियां पूरी तरह ठीक हो सकती हैं। जागरूकता ही असली इलाज है और USICON इसी जागरूकता को बढ़ाने का मंच बन रहा है।”
दिनभर चले वैज्ञानिक सत्रों, फिटनेस गतिविधियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने यह साफ कर दिया कि USICON 2026 केवल डॉक्टरों का सम्मेलन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, तकनीक और समाज को जोड़ने वाला बड़ा आंदोलन बन चुका है। स्वच्छता के बाद अब इंदौर ‘हेल्थ और साइंस कैपिटल’ की नई पहचान गढ़ रहा है।


