“डर नहीं, अनुभव और हिम्मत से खुलती हैं यात्राओं की राहें”

महिला दिवस पर ट्रेवल एजेंट्स एसोसिएशन का संवाद :
चार अलग-अलग क्षेत्रों की महिलाओं ने साझा किए अनुभव

सुरक्षित और जागरूक पर्यटन पर हुई चर्चा


इंदौर। क्षेत्र चाहे कोई भी हो, लेकिन हर क्षेत्र की अपनी कुछ अलग चुनौतियां हैं, जिससे अगर लड़ लिया जाए, तो हम हर मुश्किल को पार कर सकते हैं। यह हिम्मत ही है, जो हमें यहां तक लेकर आई है कि आज हर क्षेत्र में अपनी मुश्किलों को हराकर महिलाएं आगे बढ़ रही हैं और यही आगे आने वालों की राहें खोलने के लिए काफी है।

यह बात ट्रेवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टाई) के मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ चैप्टर के सोमवार की शाम ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर आयोजित संवाद में सामने आई। आयोजन में विभिन्न क्षेत्र की महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए यात्रा, पर्यटन और महिलाओं की भागीदारी पर खुलकर चर्चा की। आयोजन में एडिशनल डीसीपी (मुख्यालय) सीमा अलावा, वरिष्ठ पत्रकार जयश्री पिंगले, इतिहासकार शर्वाणी और सोलो ट्रेवलर पूजा दवे ने अपने अनुभवों को मंच से साझा कर रोचक संवाद किया, जिसका संचालन वर्षा पांडे ने किया।

एडिशनल डीसीपी (मुख्यालय) सीमा अलावा ने कहा कि हर क्षेत्र की अपनी चुनौतियां होती हैं, लेकिन अगर महिलाएं अपना रास्ता खुद तय करें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में बेहतर काम कर रही हैं, बस उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहना जरूरी है।

वरिष्ठ पत्रकार जयश्री पिंगले ने कहा कि किसी भी महिला की असली ताकत उसकी अंदरूनी हिम्मत और आत्मविश्वास होता है, जो उसे आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में केवल टूरिज्म सेक्टर ही तेजी से बढ़ रहा है और विशेष रूप से धार्मिक पर्यटन ने देश के पर्यटन माहौल को नया आयाम दिया है। ऐसे में सुरक्षित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार और संबंधित संस्थाओं के बीच संवाद भी जरूरी है।

सोलो ट्रेवलर पूजा दवे ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यात्रा करना हमेशा खुशी और सीख से भरा अनुभव होता है। उन्होंने बताया कि आज भी कई लोगों के मन में सोलो ट्रेवल को लेकर डर होता है, जिसे दूर करना जरूरी है और इसमें ट्रेवल इंडस्ट्री से जुड़े लोग अहम भूमिका निभा सकते हैं। वहीं, इतिहासकार शर्वाणी ने कहा कि मालवा क्षेत्र इतिहास और संस्कृति की दृष्टि से बेहद समृद्ध है। हमें सबसे पहले अपने शहर और आसपास के इतिहास को जानना चाहिए और मालवा की विशेषताओं को गहराई से दुनिया के सामने प्रस्तुत करना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में टाई (मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ चैप्टर) के चेयरपर्सन हेमेंद्र सिंह जादौन ने सभी अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अब समय के साथ सोच बदल रही है। यहां मिले सुझावों के अनुसार अब एसोसिएशन के माध्यम से शहर के साथ-साथ आसपास के पर्यटन स्थलों को भी प्रमोट करने के प्रयास और यह किए जाएंगे। साथ ही पर्यटन से जुड़े मुद्दों को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का भी प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में एसोसिएशन से जुड़ी कई महिला सदस्य उपस्थित रहीं।

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