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‘कालखंड के अनुसार चिकित्सा करें’ – डॉ. प्रकाश शास्त्री
होम्योपैथी चिकित्सा को रिसर्च आधारित बनाएं नई पीढ़ी के चिकित्सक : अतुल भाई सेठ
एसकेआरपी गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में दीक्षांत समारोह, 450 छात्र-छात्राओं ने लिया सहभागिता
इंदौर। श्री गुजराती समाज इंदौर द्वारा संचालित श्रीमती कमलाबेन रावजीभाई पटेल गुजराती होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय में गरिमामय दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में लगभग 450 छात्र-छात्राओं के साथ करीब 100 पालक, महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं कार्यालयीन कर्मचारी उपस्थित रहे। अध्ययन पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें चिकित्सा सेवा के माध्यम से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक, शिक्षाविद एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मालवा प्रांत के संघचालक डॉ. प्रकाश जी शास्त्री ने अपने उद्बोधन में युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि चिकित्सा का मूल उद्देश्य लोगों के दुःख-दर्द को कम करना और मानव सेवा करना है। भारत की संस्कृति ने सदैव “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की भावना को आगे बढ़ाया है और इसमें होम्योपैथिक चिकित्सा की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों को हैनीमैनियन ओथ के अनुरूप सेवा भावना के साथ जीवनपर्यंत चिकित्सा क्षेत्र में समर्पित रहने का संकल्प लेने का संदेश दिया।
डॉ. शास्त्री ने कहा कि चिकित्सा पद्धति को कालखंड की आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाना चाहिए। बदलते समय, बदलती जीवनशैली और नई स्वास्थ्य चुनौतियों को समझते हुए चिकित्सकों को अपने ज्ञान, दृष्टिकोण और उपचार पद्धति में निरंतर विकास करना चाहिए। चिकित्सा केवल रोग के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक उद्देश्य मानव जीवन को स्वस्थ, सुखी और बेहतर बनाना है। उन्होंने युवा चिकित्सकों से सेवा, संवेदना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपने पेशे का आधार बनाने का आह्वान किया।
विशेष अतिथि श्री अतुल भाई सेठ, अध्यक्ष, शिक्षण समिति, श्री गुजराती समाज इंदौर, कॉलेज स्कीम नंबर 54 ने कहा कि होम्योपैथी के क्षेत्र में रिसर्च की अभी भी व्यापक आवश्यकता है। नई पीढ़ी के होम्योपैथिक चिकित्सकों को रिसर्च आधारित चिकित्सा को प्राथमिकता देना चाहिए। उन्होंने युवा चिकित्सकों से कैंसर, अप्लास्टिक एनीमिया, गठिया, ऑटोइम्यून डिसऑर्डर्स, डायबिटीज, हार्मोनल डिसऑर्डर्स, सोरायसिस सहित जटिल एवं दीर्घकालिक रोगों के क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शोध, प्रमाण और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ होम्योपैथी को और अधिक प्रभावी एवं विश्वसनीय बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री राजेश भाई व्यास, अध्यक्ष, शासी निकाय, होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज ने की। उन्होंने उत्तीर्ण विद्यार्थियों एवं उनके पालकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.पी. सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश में होम्योपैथिक कॉलेजों की काउंसलिंग प्रक्रिया में एसकेआरपी गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की सीटें पूर्ण होना महाविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिष्ठा और विद्यार्थियों के विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए श्री गुजराती समाज के सभी पदाधिकारियों, मानद महामंत्री श्री पंकज भाई संघवी तथा समस्त प्राध्यापकों को बधाई एवं धन्यवाद दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. प्रकाश जी शास्त्री ने कहा कि श्री गुजराती समाज इंदौर द्वारा शिक्षा के साथ-साथ होम्योपैथिक चिकित्सा शिक्षा का महाविद्यालय संचालित करना समाज सेवा की बड़ी मिसाल है। समाज द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं।
समारोह में श्री मनोज भाई पारीख, मंत्री ट्रस्ट बोर्ड, श्री गुजराती समाज इंदौर तथा श्री भरतभाई बावीसी, मानद हिसाबनिस, श्री गुजराती समाज इंदौर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अतिथियों का स्वागत वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. राजेश बोर्डिया, डॉ. ए.के. द्विवेदी, डॉ. कोमल जोशी एवं अन्य शिक्षकों द्वारा किया गया। समारोह अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, कार्यालयीन स्टाफ, विद्यार्थी एवं पालकों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। आभार डॉ. कुशल परख ने व्यक्त किया।


