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अंजलि पाटिल और सेलैश रत्नकुमार की ‘सेल्वी’ का बुसान में डबल धमाका, दो अवॉर्ड्स पर जमाया कब्ज़ा!
नैशनल अवॉर्ड विनर एक्ट्रेस अंजलि पाटिल की तमिल फिल्म ‘सेल्वी’ ने 31वें बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में डबल जीत हासिल करते हुए दो बड़े अवॉर्ड्स अपने नाम कर लिए हैं। फिल्म को ताइपे फिल्म कमीशन अवॉर्ड और हाइलाइफ विज़न अवॉर्ड से नवाज़ा गया है। सेलैश रत्नकुमार के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 9 अक्टूबर, 2026 को फेस्टिवल में हुआ था। फिल्म को दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला और इसके बाद की स्क्रीनिंग्स भी हाउसफुल रहीं।
ये दोनों अवॉर्ड्स फेस्टिवल के विज़न सेक्शन का हिस्सा हैं, जहां एशिया भर की फिल्मों को शोकेस किया जाता है। खास बात ये है कि दोनों अवॉर्ड्स के साथ 10 मिलियन कोरियन वॉन की कैश प्राइज़ मनी भी दी जाती है। सेलैश के लिए ये जीत बेहद खास है, क्योंकि उनकी डेब्यू फीचर फिल्म ने एशिया के बड़े फिल्म फेस्टिवल्स में से एक में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई है।
पिछले साल के फेस्टिवल में त्रिबेनी राय की ‘शेप ऑफ मोमो’ ने ताइपे फिल्म कमीशन अवॉर्ड जीता था, जबकि हाइलाइफ विज़न अवॉर्ड्स अंशुल चौहान की ‘टाइगर’ और संजू सुरेंद्रन की ‘इफ ऑन अ विंटर्स नाइट’ को मिले थे।
अंजलि पाटिल के प्रोडक्शन में बनी ‘सेल्वी’ में वह खुद लीड रोल में भी नज़र आती हैं। फिल्म की कहानी एक ऐसी माइग्रेंट होम-केयर नर्स की है, जो अमीर परिवारों के घरों में काम करती है। उसकी ड्यूटी कभी 12 घंटे तो कभी सीधे 72 घंटे तक खिंच जाती है, जिससे अपनी ही ज़िंदगी पर उसका कंट्रोल लगभग खत्म हो जाता है। लेकिन जब उसके अतीत की एक घटना दोबारा सामने आती है, तो उसे एक मुश्किल हालात का सामना करना पड़ता है। फिल्म माइग्रेशन, दोस्ती, देखभाल और ज़िंदगी में बने रहने के लिए इंसान को लेने पड़ने वाले फैसलों की कहानी बयां करती है।
फिल्म की जीत पर बात करते हुए अंजलि पाटिल ने कहा, “इस कहानी को हकीकत में बदलने के लिए सेलैश ने सबसे ज्यादा मेहनत की है और इन जीतों के असली हकदार वही हैं। यह उनकी पहली फीचर फिल्म है। हमें ताइपे फिल्म कमीशन के लोगों से जो फीडबैक मिला, वह बेहद खास था। उनका कहना था कि फिल्म में इतनी बारीकी, स्टाइल और शानदार फिनिश देखकर यह हैरानी नहीं होती कि किसी डेब्यू फिल्म ने ऐसा कमाल किया है। यकीन करना मुश्किल है कि यह उनकी पहली फिल्म है!
हमें हमेशा से सेलैश की काबिलियत पर इतना भरोसा रहा है और इस पहचान ने हमारा हौसला और भी बढ़ा दिया है। बतौर प्रोड्यूसर, यह सम्मान आपको आगे भी काम करते रहने और ईमानदारी, बारीकी और पूरे प्यार के साथ ऐसी कहानियां बनाने की ताकत देता है, जो मायने रखती हैं।
कोरिया, वहां के दर्शकों, सिनेमा प्रेमियों और सिनेमा को पसंद करने वाली युवा पीढ़ी से हमें जो प्यार और सम्मान मिला है, वह वाकई शानदार है। इसलिए ऐसा लगता है कि यह जीत हम सभी लोगों की तरफ से हासिल हुई है।”
डायरेक्टर सेलैश रत्नकुमार ने कहा, “मेरी पहली फीचर फिल्म का बुसान में प्रीमियर होना अपने आप में मेरे लिए बहुत बड़ा पल था और अब दो अवॉर्ड्स जीतने से यह सफर और भी यादगार बन गया है। ‘सेल्वी’ ऐसी कहानी है, जिसे मैं दिल से कहना चाहता था। मैं अंजलि का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने इस कहानी पर भरोसा किया और प्रोड्यूसर के तौर पर फिल्म को सपोर्ट किया।
यह पहचान पूरी टीम के लिए बहुत मायने रखती है, जिसने इस कहानी को पर्दे पर उतारने के लिए कड़ी मेहनत की है। मुझे खुशी है कि यहां के दर्शकों के साथ फिल्म का एक खास कनेक्शन बना है। उम्मीद है कि दूसरे फिल्म फेस्टिवल्स तक पहुंचते-पहुंचते यह कहानी और भी ज्यादा लोगों के दिलों तक पहुंचेगी।”
‘सेल्वी’ में अंजलि पाटिल के साथ स्वाति कृष्णन, विनोद किशन, अर्चना पद्मिनी, सेम्मलार अन्नम और मेखा राजन भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म की टेक्निकल टीम भी काफी दमदार है। नौ बार नैशनल अवॉर्ड जीत चुके ए. श्रीकर प्रसाद ने फिल्म की एडिटिंग की है, जबकि नैशनल अवॉर्ड विनर साउंड डिज़ाइनर आनंद कृष्णमूर्ति ने इसके साउंड डिज़ाइन की कमान संभाली है।
‘सेल्वी’ को रेड सी फंड ने को-प्रोड्यूस किया है, जो रेड सी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की एक पहल है। फिल्म को हांगकांग एशिया फिल्म फाइनेंसिंग और भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का भी सपोर्ट मिला है। बुसान में शानदार शुरुआत के बाद अब यह फिल्म 50वें साओ पाउलो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी स्क्रीनिंग के लिए तैयार है।


