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अपोलो कैंसर सेंटर CAR-T सेल थेरेपी को सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाला भारत का प्रथम निजी अस्पताल
अस्पताल द्वारा अब ‘मेड इन इंडिया’ के तहत CAR-T सेल प्रोग्राम प्रस्तुत किया जाएगा
इस चिकित्सीय मॉडल से दुनियाभर में 25,000 से अधिक मरीजों को लाभ हुआ है
अहमदाबाद, फरवरी, 2024 : एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो कैंसर सेंटर (ACCs) भारत के पहले निजी अस्पताल समूह के रूप में उभरा है, जिसने CAR-T सेल प्रोग्राम को सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। इसे और आगे बढ़ाने के लिए समूह अब 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के रोगियों में बी-सेल लिम्फोमा और बी-एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया के उपचार के लिए NexCAR19™️ (एक्टालिकैब्टाजीन ऑटोल्यूसेल) से शुरुआत करते हुए ‘मेड इन इंडिया’ CAR-T सेल थेरेपी तक एक्सेस(पहुंच) प्रदान करेगा।
CAR-T सेल थेरेपी (जिसे अक्सर ‘जीवित दवाओं’ के रूप में जाना जाता है) में एफेरेसिस नामक प्रक्रिया के माध्यम से रोगी की टी-कोशिकाओं (एक प्रकार की सफेद रक्त कोशिकाएं जिनका कार्य कैंसर कोशिकाओं से लड़ना है) को निकालना शामिल है। बाद में इन टी-कोशिकाओं को एक नियंत्रित लेबोरेट्री(प्रयोगशाला) सेटिंग में एक सुरक्षित वाहन (वायरल वेक्टर) द्वारा आनुवंशिक रूप से संशोधित किया जाता है, ताकि वे अपनी सतह पर संशोधित कनेक्टर्स को व्यक्त कर सकें, जिन्हें चिमेरिक एंटीजन रिसेप्टर्स (CARs) कहा जाता है। ये CARs विशेष रूप से एक प्रोटीन को पहचानने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं जो कुछ कैंसर कोशिकाओं पर असामान्य रूप से व्यक्त होता है। बाद में उन्हें आवश्यकता अनुसार इच्छित डोज़ तक बढ़ाया जाता है और सीधे रोगी में डाला जाता है।
CAR-T सेल थेरेपी ने चुनौतीपूर्ण बी-सेल घातकताओं वाले मरीजों के जीवन को बदलने में अपनी अद्वितीय सफलता के लिए वैश्विक मान्यता प्राप्त की है। दुनियाभर में 25,000 से अधिक रोगियों का इलाज करने के बाद, उन्हें इस चिकित्सीय मॉडल से लाभ हुआ है।
अपोलो कैंसर सेंटर, अहमदाबाद में हेमेट-ऑन्कोलॉजी विभाग के मेडिकल सर्विसेज के प्रमुख और मुख्य सलाहकार डॉ. वेलु नायर ने कहा कि, “व्यावसायिक स्तर पर CAR-T सेल थेरेपी का उपयोग करके तीन मरीजों का सफल उपचार वास्तव में बी-सेल लिम्फोमा और तीव्र लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया के खिलाफ हमारी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण सीमाचिह्न का प्रतिनिधित्व करता है। ये मामले इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने वाले रोगियों के लिए नई आशा प्रदान करने में इस परिवर्तनकारी चिकित्सा की प्रभावकारिता और क्षमता को उजागर करते हैं।”
प्रोग्राम की सफलता के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने आगे कहा कि, “आयातित दवाओं के साथ रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज करने के बाद, अब हम स्वदेशी रूप से निर्मित थेरेपी के साथ उनका इलाज करने के लिए तैयार हैं।”
इस अवसर पर, अपोलो हॉस्पिटल, अहमदाबाद के सीओओ श्री नीरज लाल ने कहा कि, “एक अग्रणी और लंबी यात्रा शुरू करते हुए, अपोलो कैंसर सेंटर्स ने कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। सफल उपचारों के साथ, CAR-T सेल थेरेपी को आगे बढ़ाने के लिए हमारी प्रतिबद्धता अटूट है। इस क्षेत्र में सफलता हासिल करने वाला यह भारत का पहला निजी अस्पताल है। परिवर्तनकारी थेरेपी एक नया मानदंड स्थापित करती है, जो अभूतपूर्व स्वास्थ्य देखभाल के प्रति हमारे समर्पण को और भी मजबूत करती है। स्वदेशी रूप से निर्मित CAR-T उपचार, NexCAR19, सुलभ और प्रभावी समाधानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अपोलो कैंसर सेंटर केवल नेरेटीव नहीं बदल रहा है, किन्तु हम पूरे भारत और उसके बाहर कैंसर रोगियों के लिए बेहतर उपचार परिणाम देने की संभावनाओं को फिर से लिख रहे हैं।
अपोलो कैंसर सेंटर भारतीय चिकित्सा समुदाय में अग्रणी रहा है। अस्पताल ने लगातार अग्रणी मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की शुरुआत की है और कई उपलब्धियां हासिल की हैं CAR-T सेल थेरेपी की शुरूआत देश में कैंसर के इलाज के लिए एक नए युग का प्रतिनिधित्व करती है।


