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अपोलो हॉस्पिटल्स इंदौर में लिवर, हेपेटोबिलियरी साइंसेज़ एवं ट्रांसप्लांट संस्थान की शुरुआत
इंदौर 03 जनवरी 2026| सेंट्रल इंडिया के मरीजों को उन्नत, समर्पित एवं समग्र लिवर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में अपोलो हॉस्पिटल्स, इंदौर ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल करते हुए अपोलो इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर, हेपेटोबिलियरी साइंसेज़ एवं ट्रांसप्लांट की औपचारिक शुरुआत की। इस संस्थान का उद्घाटन अपोलो इंदौर के पहले लिवर ट्रांसप्लांट मरीज द्वारा किया गया, जो इस क्षेत्र में लिवर केयर के एक नए, सशक्त और भरोसेमंद अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।
यह नवस्थापित संस्थान लिवर से संबंधित जटिल एवं गंभीर रोगों के उपचार के लिए पूर्णतः समर्पित है, जहां अनुभवी एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक संगठित मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम सेवाएं प्रदान करेगी। इस टीम के पास इंदौर एवं पुणे में अब तक 75 से अधिक सफल लिवर ट्रांसप्लांट का सामूहिक अनुभव है।
संस्थान का नेतृत्व डॉ. अभिषेक यादव (सीनियर लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन), डॉ. सुदेश शारडा (सीनियर लिवर एवं हेपेटोबिलियरी सर्जन) तथा डॉ. अमित बर्फ़ा (सीनियर कंसल्टेंट हेपेटोलॉजिस्ट) कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि डॉ. अमित बर्फ़ा इस क्षेत्र के एकमात्र पूर्णकालिक एवं समर्पित हेपेटोलॉजिस्ट हैं।
इस अवसर पर अपोलो हॉस्पिटल्स इंदौर के सीनियर गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. अश्मीत चौधरी ने कहा,“अपोलो हॉस्पिटल्स इंदौर पहले से ही गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। अब उसी मजबूत नींव को और सुदृढ़ करते हुए लिवर, हेपेटोबिलियरी साइंसेज़ एवं ट्रांसप्लांट संस्थान की शुरुआत की गई है। अपोलो का उद्देश्य श्रेष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञों को एक ही छत के नीचे लाना है, ताकि सेंट्रल इंडिया के मरीजों को जटिल लिवर उपचार के लिए महानगरों की ओर रुख न करना पड़े।”
इस अवसर पर डॉ. अभिषेक यादव ने कहा,“अब अपोलो हॉस्पिटल्स इंदौर में लिवर ट्रांसप्लांट एवं जटिल लिवर सर्जरी एक सुव्यवस्थित, प्रशिक्षित और अनुभवी टीम द्वारा की जाएगी। इससे मरीजों को सुरक्षित, सटीक और उच्च गुणवत्ता वाला उपचार एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेगा।”
डॉ. सुदेश शारडा ने कहा,“यह संस्थान सेंट्रल इंडिया में गंभीर एवं हाई-रिस्क लिवर रोगों के उपचार के लिए एक मजबूत और समर्पित केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यहां लिवर कैंसर, जटिल हेपेटोबिलियरी सर्जरी तथा आपातकालीन लिवर मामलों का उपचार अत्याधुनिक तकनीक, विशेष ट्रांसप्लांट आईसीयू और मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम के माध्यम से किया जाएगा, जिससे सुरक्षित उपचार और बेहतर परिणाम सुनिश्चित होंगे।”
डॉ. अमित बर्फ़ा ने कहा,“लिवर रोगों का उपचार केवल सर्जरी तक सीमित नहीं होता। ट्रांसप्लांट से पहले और बाद की चिकित्सा देखभाल उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। अब तक मरीजों को इस तरह की समग्र और दीर्घकालिक पोस्ट-ट्रांसप्लांट केयर के लिए बड़े महानगरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब जांच, सर्जरी और सर्जरी के बाद की सम्पूर्ण देखभाल अपोलो हॉस्पिटल्स इंदौर में ही उपलब्ध होगी।”
कार्यक्रम के दौरान अपोलो इंदौर के पहले लिवर ट्रांसप्लांट मरीज ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अपने ही शहर में अनुभवी चिकित्सकों से समय पर मिला उपचार उनके लिए जीवनरक्षक सिद्ध हुआ, जिससे उन्हें एक नया जीवन मिला।
यह नया संस्थान वयस्क एवं बाल लिवर ट्रांसप्लांट, लिवर कैंसर, जटिल पित्त नली रोगों के उपचार के साथ-साथ अत्याधुनिक ट्रांसप्लांट आईसीयू तथा 24×7 आपातकालीन लिवर सेवाएं भी उपलब्ध कराएगा।


