- आईआईएम इंदौर ने मनाया 30वां स्थापना दिवस
- IIM Indore Marks 30 Years of Excellence, Impact, and Institution-Building
- पाँच साल बाद पर्दे पर तनिशा मुखर्जी की वापसी, डायरेक्टर कपिल कौस्तुभ शर्मा की ‘ज़िंदगी फिर भी खूबसूरत है’ के साथ
- Ananya Panday, Alaya F to Khushi Kapoor: Bollywood Actresses & Their Love for Black Ensembles
- बिरला स्टूडियोज़ और अप्लॉज़ एंटरटेनमेंट की ‘हुंकार: द रोअर’ ने दुनिया भर में बनाई अपनी पहचान, जियोहॉटस्टार पर बनी बड़ी सफलता
“बड़प्पन की परम्परा (लघुकथा)”
डॉ. रीना रवि मालपानी (कवयित्री एवं लेखिका) पता नहीं पार्वती को कैसे हर किसी को माफ करना, छोटी-छोटी बातों पर ध्यान न देना, अपनी कटु आलोचना पर भी सहज रहना, ईश्वर की नियति को सहर्ष स्वीकार करना आता था। पार्वती को विवाह के पश्चात अनेक परिस्थितियों से सामंजस्य बैठाना पड़ा। पति की संकीर्ण सोच, सास का तुनकमिजाज रवैय्या, ससुर की कठोर वाणी से भी पार्वती के चेहरे से मुस्कान कम नहीं हुई। परिस्थितियों के अनुकूल…
Read More









