राजनीति के विभिन्न आयामों को नए सिरे से समझाती डॉ. अतुल मलिकराम की नई पुस्तक ‘दिल सियासत’

राजनीति के विभिन्न आयामों को नए सिरे से समझाती डॉ. अतुल मलिकराम की नई पुस्तक ‘दिल सियासत’

इंदौर, 22/9/26। राजनीतिक रणनीतिकार, लेखक एवं समाजसेवी डॉ. अतुल मलिकराम की नई पुस्तक ‘दिल सियासत’ पाठकों के बीच दस्तक दे चुकी है। राजनीति और लोकतंत्र को केंद्र में रखकर लिखी गई यह पुस्तक आजादी के बाद भारतीय राजनीति के बदलते स्वरूप, राजनीतिक विचारधाराओं, दलों के उत्थान-पतन, नेतृत्व, सामाजिक समीकरणों और भविष्य की राजनीतिक दिशा जैसे विषयों को समेटती है। दिल सियासत में 1977 से 2026 तक भारतीय राजनीतिक विचारधारा में आए बदलाव से लेकर लोकतांत्रिक…

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अंगदान को धार्मिक आस्था के विरुद्ध मानने वालों को चाहिए गीता का ज्ञान- डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

अंगदान को धार्मिक आस्था के विरुद्ध मानने वालों को चाहिए गीता का ज्ञान- डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

अंगदान केवल चिकित्सा व्यवस्था का विषय नहीं है, यह मानवीय संवेदना, सामाजिक जिम्मेदारी और हमारी आस्थाओं से भी जुड़ा प्रश्न है। भारत जैसे विविध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं वाले देश में किसी भी सामाजिक बदलाव को सफल बनाने के लिए जरूरी है कि विज्ञान और आस्था को आमने-सामने खड़ा करने के बजाय दोनों के बीच संवाद का रास्ता बनाया जाए। अंगदान के मामले में भी यही दृष्टिकोण सबसे अधिक उपयोगी हो सकता है। मध्य प्रदेश…

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परीक्षा सुधार के साथ शिक्षा को भी रोजगारोन्मुखी बनाना होगा

परीक्षा सुधार के साथ शिक्षा को भी रोजगारोन्मुखी बनाना होगा

डॉ. ए. के. द्विवेदी वरिष्ठ होम्योपैथ चिकित्सक एवं शिक्षाविद्, इंदौर, सदस्य, एथिकल कमेटी, CCRH, आयुष मंत्रालय, भारत सरकारसदस्य, वैज्ञानिक सलाहकार समिति (SAC), NEIAH, शिलांग, कार्य परिषद सदस्य, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर (म.प्र.) केवल परीक्षा सुधार कर देने से शिक्षा व्यवस्था की सभी चुनौतियों का समाधान नहीं होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 का मूल उद्देश्य शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, कौशल आधारित और रोजगारोन्मुखी बनाना है। इसलिए अब आवश्यकता है कि इस नीति को प्रभावी रूप से धरातल पर…

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“एक नाम से काम नहीं होगा : 25–50 वर्षों की जल चुनौती के लिए आज से सामूहिक प्रयास जरूरी — डॉ. ए.के. द्विवेदी”

“एक नाम से काम नहीं होगा : 25–50 वर्षों की जल चुनौती के लिए आज से सामूहिक प्रयास जरूरी — डॉ. ए.के. द्विवेदी”

इंदौर। भीषण गर्मी और पानी की बढ़ती किल्लत को मानव जीवन के सामने गंभीर चुनौती बताते हुए डॉ. ए.के. द्विवेदी, सदस्य, सीसीआरएच, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार एवं कार्यपरिषद सदस्य, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर ने सभी नागरिकों से जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने के लिए सामूहिक जनआंदोलन खड़ा करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि आज की पानी की समस्या के समाधान के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं, वे काफी देर से शुरू…

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विश्व मलेरिया दिवस: एक मच्छर के एक काटने से बिगड़ सकती है सेहत, समय रहते पहचान और बचाव है जरूरी

विश्व मलेरिया दिवस: एक मच्छर के एक काटने से बिगड़ सकती है सेहत, समय रहते पहचान और बचाव है जरूरी

इंदौर, 25 अप्रैल 2026। हर वर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को मलेरिया जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी के प्रति जागरूक करना है। यह दिवस विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा उन प्रयासों को मजबूती देने के लिए मनाया जाता है, जिनका लक्ष्य मलेरिया की रोकथाम, समय पर पहचान, उपचार और जनसहभागिता को बढ़ाना है। आज भी दुनिया के अनेक देशों में मलेरिया लाखों लोगों को प्रभावित करता है और भारत…

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मोदी के बाद की बीजेपी!

मोदी के बाद की बीजेपी!

– डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार) भारतीय राजनीति के वर्तमान दौर को यदि मोदी युग कहा जाए, तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले एक दशक में न केवल देश की सत्ता संभाली, बल्कि राजनीति के व्याकरण को ही बदल दिया। गुजरात के वडनगर की साधारण गलियों से निकलकर विश्व पटल पर छा जाने वाले मोदी का सफर संघर्ष और दूरदर्शिता की एक अनूठी कहानी है। लेकिन साल 2026 में खड़े होकर…

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“भक्त शिरोमणि रामदूत हनुमान”

“भक्त शिरोमणि रामदूत हनुमान”

डॉ. रीना रवि मालपानी (कवयित्री एवं लेखिका) राम नाम के अनन्य प्रेमी भक्त शिरोमणि अंजनीसुत हनुमानजी की महिमा से भला कौन परिचित नहीं है। रामायण की कल्पना रामदूत हनुमान के बिना नहीं की जा सकती। भक्त और भक्ति की उत्कृष्टता को सिद्ध करने वाले हनुमानजी की लीला न्यारी है। श्रीराम दूत हनुमान भक्ति की उच्च पराकाष्ठा को सिद्ध करते है इसी कारण श्रीराम भी सदैव उनके साथ ही अपनी पूर्णता को प्रदर्शित करते है, इसीलिए…

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वंदे मातरम: राष्ट्र चेतना का शाश्वत उद्घोष

वंदे मातरम: राष्ट्र चेतना का शाश्वत उद्घोष

डॉ. रीना रवि मालपानी (कवयित्री एवं लेखिका) 150 वर्ष की यात्रा का मधुर संगीत है वंदे मातरम।भारत को एकता के सूत्र में बांधने वाला उद्घोष है वंदे मातरम।सामूहिक चेतना का अनुपम वक्तव्य है वंदे मातरम।देशभक्ति के जोश का उत्कर्ष है वंदे मातरम।क्रांतिकारियों के बलिदान की आवाज है वंदे मातरम।स्वतंत्रता संग्राम के नारे का उन्मुक्त रूप है वंदे मातरम।मातृभूमि की भव्यता का साक्षात्कार है वंदे मातरम।भारतीय संस्कृति की भावनात्मक दृढ़ता है वंदे मातरम।अनेकता में एकता का…

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बिहार चुनाव 2025: एनडीए का पलड़ा भारी, नीतीश कुमार फिर संभालेंगे सत्ता! – डॉ अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

बिहार चुनाव 2025: एनडीए का पलड़ा भारी, नीतीश कुमार फिर संभालेंगे सत्ता! – डॉ अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को सभी चुनावों की मां कहा जाना अतिशयोक्ति नहीं है। 243 सीटों वाले इस महायुद्ध में न सिर्फ केंद्रीय सत्ता का भविष्य दांव पर है, बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक साख, विपक्षी महागठबंधन की एकजुटता और प्राशांत किशोर जैसे नए लेकिन अनुभवी प्लेयर्स का भविष्य भी अधर में लटक रहा है। 7.42 करोड़ मतदाताओं, जिनमें 14 लाख नए वोटरों के बीच यह चुनाव विकास, बेरोजगारी, जाति समीकरण और प्रवासन जैसे…

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“उत्कृष्ट अभिव्यक्ति का माध्यम हिन्दी”

“उत्कृष्ट अभिव्यक्ति का माध्यम हिन्दी”

डॉ. रीना रवि मालपानी (कवयित्री एवं लेखिका) भाषा की सर्वोत्तम उत्कृष्टता को प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम है हिन्दी। हिन्दी की सहजता, सरलता, सरसता अद्वितीय है। प्रत्येक भाषा अपने आप में निपुण है, परंतु शब्दों की सुंदरता से आलोकित एवं सुशोभित हिन्दी भाषा अप्रतिम है। यह सत्य है कि भाषा विहीन व्यक्ति कभी भी उन्नति के मार्ग पर अग्रसर नहीं हो सकता। भाषा ही हमारी उन्नति को पल्लवित, पुष्पित एवं चहुं ओर हमारे विकास को…

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