“एक नाम से काम नहीं होगा : 25–50 वर्षों की जल चुनौती के लिए आज से सामूहिक प्रयास जरूरी — डॉ. ए.के. द्विवेदी”

“एक नाम से काम नहीं होगा : 25–50 वर्षों की जल चुनौती के लिए आज से सामूहिक प्रयास जरूरी — डॉ. ए.के. द्विवेदी”

इंदौर। भीषण गर्मी और पानी की बढ़ती किल्लत को मानव जीवन के सामने गंभीर चुनौती बताते हुए डॉ. ए.के. द्विवेदी, सदस्य, सीसीआरएच, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार एवं कार्यपरिषद सदस्य, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर ने सभी नागरिकों से जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने के लिए सामूहिक जनआंदोलन खड़ा करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि आज की पानी की समस्या के समाधान के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं, वे काफी देर से शुरू…

Read More

विश्व मलेरिया दिवस: एक मच्छर के एक काटने से बिगड़ सकती है सेहत, समय रहते पहचान और बचाव है जरूरी

विश्व मलेरिया दिवस: एक मच्छर के एक काटने से बिगड़ सकती है सेहत, समय रहते पहचान और बचाव है जरूरी

इंदौर, 25 अप्रैल 2026। हर वर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को मलेरिया जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी के प्रति जागरूक करना है। यह दिवस विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा उन प्रयासों को मजबूती देने के लिए मनाया जाता है, जिनका लक्ष्य मलेरिया की रोकथाम, समय पर पहचान, उपचार और जनसहभागिता को बढ़ाना है। आज भी दुनिया के अनेक देशों में मलेरिया लाखों लोगों को प्रभावित करता है और भारत…

Read More

मोदी के बाद की बीजेपी!

मोदी के बाद की बीजेपी!

– डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार) भारतीय राजनीति के वर्तमान दौर को यदि मोदी युग कहा जाए, तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले एक दशक में न केवल देश की सत्ता संभाली, बल्कि राजनीति के व्याकरण को ही बदल दिया। गुजरात के वडनगर की साधारण गलियों से निकलकर विश्व पटल पर छा जाने वाले मोदी का सफर संघर्ष और दूरदर्शिता की एक अनूठी कहानी है। लेकिन साल 2026 में खड़े होकर…

Read More

“भक्त शिरोमणि रामदूत हनुमान”

“भक्त शिरोमणि रामदूत हनुमान”

डॉ. रीना रवि मालपानी (कवयित्री एवं लेखिका) राम नाम के अनन्य प्रेमी भक्त शिरोमणि अंजनीसुत हनुमानजी की महिमा से भला कौन परिचित नहीं है। रामायण की कल्पना रामदूत हनुमान के बिना नहीं की जा सकती। भक्त और भक्ति की उत्कृष्टता को सिद्ध करने वाले हनुमानजी की लीला न्यारी है। श्रीराम दूत हनुमान भक्ति की उच्च पराकाष्ठा को सिद्ध करते है इसी कारण श्रीराम भी सदैव उनके साथ ही अपनी पूर्णता को प्रदर्शित करते है, इसीलिए…

Read More

वंदे मातरम: राष्ट्र चेतना का शाश्वत उद्घोष

वंदे मातरम: राष्ट्र चेतना का शाश्वत उद्घोष

डॉ. रीना रवि मालपानी (कवयित्री एवं लेखिका) 150 वर्ष की यात्रा का मधुर संगीत है वंदे मातरम।भारत को एकता के सूत्र में बांधने वाला उद्घोष है वंदे मातरम।सामूहिक चेतना का अनुपम वक्तव्य है वंदे मातरम।देशभक्ति के जोश का उत्कर्ष है वंदे मातरम।क्रांतिकारियों के बलिदान की आवाज है वंदे मातरम।स्वतंत्रता संग्राम के नारे का उन्मुक्त रूप है वंदे मातरम।मातृभूमि की भव्यता का साक्षात्कार है वंदे मातरम।भारतीय संस्कृति की भावनात्मक दृढ़ता है वंदे मातरम।अनेकता में एकता का…

Read More

बिहार चुनाव 2025: एनडीए का पलड़ा भारी, नीतीश कुमार फिर संभालेंगे सत्ता! – डॉ अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

बिहार चुनाव 2025: एनडीए का पलड़ा भारी, नीतीश कुमार फिर संभालेंगे सत्ता! – डॉ अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को सभी चुनावों की मां कहा जाना अतिशयोक्ति नहीं है। 243 सीटों वाले इस महायुद्ध में न सिर्फ केंद्रीय सत्ता का भविष्य दांव पर है, बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक साख, विपक्षी महागठबंधन की एकजुटता और प्राशांत किशोर जैसे नए लेकिन अनुभवी प्लेयर्स का भविष्य भी अधर में लटक रहा है। 7.42 करोड़ मतदाताओं, जिनमें 14 लाख नए वोटरों के बीच यह चुनाव विकास, बेरोजगारी, जाति समीकरण और प्रवासन जैसे…

Read More

“उत्कृष्ट अभिव्यक्ति का माध्यम हिन्दी”

“उत्कृष्ट अभिव्यक्ति का माध्यम हिन्दी”

डॉ. रीना रवि मालपानी (कवयित्री एवं लेखिका) भाषा की सर्वोत्तम उत्कृष्टता को प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम है हिन्दी। हिन्दी की सहजता, सरलता, सरसता अद्वितीय है। प्रत्येक भाषा अपने आप में निपुण है, परंतु शब्दों की सुंदरता से आलोकित एवं सुशोभित हिन्दी भाषा अप्रतिम है। यह सत्य है कि भाषा विहीन व्यक्ति कभी भी उन्नति के मार्ग पर अग्रसर नहीं हो सकता। भाषा ही हमारी उन्नति को पल्लवित, पुष्पित एवं चहुं ओर हमारे विकास को…

Read More

“प्रेम ह्रदय की स्वामिनी : राधा रानी”

“प्रेम ह्रदय की स्वामिनी : राधा रानी”

डॉ. रीना रवि मालपानी (कवयित्री एवं लेखिका) राधा अष्टमी प्रेम स्वरूपा परम पुनिता किशोरी जी राधा रानी का प्राकट्य दिवस है। ईश्वर की लीला में कृष्ण जन्मोत्सव के आनंद से उल्लासित होने वाले सभी भक्त अब रासेश्वरी ब्रज की महारानी के प्राकट्य दिवस में प्रेम पूर्वक भक्ति की यात्रा की ओर अग्रसर होगें। कहते है श्री कृष्ण की प्रसन्नता राधे-राधे नाम में निहित है। बरसाने वाली राधा रानी तो केवल प्रेम की कृपा बरसाने के…

Read More

“यशोदानंदन नटखट श्री कृष्ण”

“यशोदानंदन नटखट श्री कृष्ण”

डॉ. रीना रवि मालपानी (कवयित्री एवं लेखिका) ममता के माधुर्य का अनूठा रसास्वादन कराने वाले श्री कृष्ण की महिमा अवर्णनीय है। इतना मनमोहक बालक जिसका जन्म आज तक हर माँ की ममता को मोहित कर देता है। ऐसा अनूठा बालक जिसकी लीलाएँ माँ के हृदय को अचंभित और आश्चर्यचकित कर देती है और एक अलौकिक दुनिया में ममत्व की पराकाष्ठा का उन्नयन करती है। ऐसा बालक जो अपने लीलाओं से माँ को सदैव चिंतित बनाता…

Read More

“श्रावण… श्रवण… शिव”

“श्रावण… श्रवण… शिव”

डॉ. रीना रवि मालपानी (कवयित्री एवं लेखिका) सरलता के सुगंध की वर्षा करने वाले शिव का प्रिय माह समापन की ओर अग्रसर है। भूत-भावन भोलेनाथ को राम नाम अत्यंत प्रिय है। वे माता पार्वती को भी राम नाम की कथा श्रवण के लिए प्रेरित करते है और माँ भी आतुर होकर जगतपति श्री राम की कथा श्रृद्धा पूर्वक श्रवण करती है। राम कथा की अमृत वर्षा में महेश और भवानी सदैव सराबोर होते है। भगवान…

Read More
1 2 3 6