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“बसंत पंचमी और बच्चों की शिक्षा”
सरस्वती माता के प्राकट्य का दिन है अत्यंत शुभ।
ज्ञान प्राप्ति की पिपासा तो है जीवन में कौस्तुभ।।
विद्या की अधिष्ठात्री देवी देती उत्कृष्ट जीवन का ज्ञान।
माँ की नित्य आराधना तो बनाती हमें महान।।
विद्या, संगीत और कला में निपुणता दिलाती उच्च स्थान।
इस दिन होता माँ का पूजा-पाठ और ध्यान।।
ज्ञान की स्वामिनी का हुआ इस दिन अवतरण।
ज्ञान की अमूल्य धरोहर से बच्चे जीतेंगे जीवन का रण।।
पीले वस्त्र धारण करने का है इस दिन विधान।
सच्ची और अगाध श्रृद्धा से बच्चों को मिलेगा माँ का वरदान।।
ऋतु परिवर्तन होता है इस दिन से प्रारम्भ।
हमें भी करना है जीवन में नव संकल्पों का आरम्भ।।
नए विचारों का हमें भी करना है पल्लवन।
जीवन में श्रेष्ठ उद्देश्यों का करना है बच्चों को मनन।।
पूर्ण निष्ठा-भक्ति से करना है विद्या प्रदात्री का आह्वान।
ज्ञान की प्राप्ति कर बालक तो बनता है भाग्यवान।।
वीणा वादिनी का जन्मदिवस तो है सिद्ध मुहूर्त।
माँ का आह्वान तो देगा स्वप्नों को रूप मूर्त।।
माँ की स्तुति और आराधना देती इस दिन फल सर्वश्रेष्ठ।
डॉ. रीना कहती, बुद्धि प्रदात्री माँ सिद्ध करेगी बच्चों के अभीष्ट।।
डॉ. रीना रवि मालपानी (कवयित्री एवं लेखिका)


