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हाई कोर्ट के निर्देश के बाद निगम ने ढहाया अवैध निर्माण
इंदौर. नगर निगम ने गुरुवार दोपहर गांधी नगर स्थित एक अवैध निर्माण पर को धाराशायी कर दिया. टीम ने यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के बाद की. एक व्यक्ति ने दूसरे प्लाट पर अवैध कब्जा कर निर्माण कर लिया था. मामले में पीडि़त ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. कोर्ट ने सुनवाई करते हुए भवन को तोडऩे के आदेश दिए थे. निगम की टीम ने पुलिस-प्रशासन की मदद से कार्रवाई को अंजाम दिया.
भवन अधिकारी विवेश जैन ने बताया कि श्रीमती नीलम पति आलोक जैन के मकान नंबर 2 गांधी नगर में भू तल भाग और प्रथम तल पर अवैध भवन का निर्माण किया गया था. नगर निगम द्वारा उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार अवैध निर्माण होने से कारण उक्त अवैध निर्माण निगम रिमूव्हल विभाग द्वारा आज निगम, पुलिस व जिला प्रशासन की संयुक्त टीम के उपस्थिति में द्वारा तोडा गया.
हालांकि मौके पर भवन मालिक के परिजन अधिकारियों से बहस करते नजर आए, लेकिन अधिकारियों ने बिना किसी दबाव के कार्रवाई को अंजाम दिया. वहीं पीडि़त ललित सिसोदिया के अ्रुसार गांधी नगर में ओमकार मार्ग पर स्थित उनके प्लाट पर किसी व्यक्ति ने राजनीतिक पावर दिखाते हुए अवैध कब्जा कर निर्माण कर लिया था.
इस प्लाट पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर हाई कोर्ट ने 2010 में रोक लगा दी थी. इसके बाद मेरी याचिका पर कोर्ट ने 2016 में अवैध निर्माण को ढहाने के आदेश दिए थे। पुलिस फोर्स नहीं मिल पाना, निगम की टीम का नहीं पहुंचना, राजनीतिक दबाव के कारण यह टलता जा रहा था। गुरुवार को निगम की टीम ने पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर कार्रवाई को अंजाम दिया.


