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राम राजा मंदिर में रामायण की कथाओं की प्रस्तुति से जीवंत हुई ओरछा की सांस्कृतिक विरासत
ओरछा, 3 नवंबर, 2026: मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर ओरछा के राम राजा मंदिर में 30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक तीन शाम रामलीला का आयोजन किया गया। सभ्यता फाउंडेशन ने मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के साथ मिलकर इस कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। देशभर में पहचान बना चुके शुभ प्रवेश इवेंट्स रामलीला ग्रुप के 32 कलाकारों ने पारंपरिक नाट्य शैली में रामायण के प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया। इस दौरान मंदिर में दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोग और पर्यटक भी शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद माननीय श्री महेश केवट, ओरछा नगर परिषद के अध्यक्ष श्री शिशुपाल सिंह राजपूत, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री राजेश पतेरिया, जनभागीदारी अध्यक्ष श्री संजय नकीब, भाजपा जिला महामंत्री श्री विवेक तोमर, जिलाधिकारी श्रीमती जमुना भिड़े और एसडीएम श्री अशोक जैन उपस्थित रहे। सभ्यता फाउंडेशन के सीईओ श्री पराग साहनी ने अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया।
रामलीला में रामायण की पूरी कथा को उसके प्रमुख प्रसंगों के माध्यम से दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया गया। पहले दिन भगवान राम के जन्म, उनके बचपन और सीता स्वयंवर का मंचन हुआ। दूसरे दिन उनके वनवास और माता सीता के हरण तक की घटनाएँ प्रदर्शित की गईं। अंतिम दिन भगवान हनुमान की लंका यात्रा, रावण के साथ युद्ध और अंत में रावण के वध का मंचन किया गया। इस तरह तीन दिनों की प्रस्तुतियों के साथ रामायण की कथा पूरी हुई।
राम राजा मंदिर में इस रामलीला का आयोजन खास महत्व रखता है, क्योंकि यहाँ भगवान राम की पूजा राजा के रूप में की जाती है। ऐसे स्थान पर रामायण की कथा का मंचन होने से इस प्रस्तुति को एक अलग पहचान मिली। इसके माध्यम ओरछा की जीवंत आध्यात्मिक परंपराओं को भारत की समृद्ध नाट्य कला से जोड़ने का प्रयास किया गया।
मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रवक्ता ने कहा, “ओरछा की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत इसे मध्य प्रदेश में हेरिटेज टूरिज्म के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में पहचान दिलाती है। इस तरह के रामलीला आयोजन पर्यटकों को शहर की जीवंत परंपराओं को करीब से जानने का अवसर देते हैं। साथ ही, इनके माध्यम से ओरछा की सांस्कृतिक पहचान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाया जा सकता है। हम ऐसे आयोजनों और अनुभवों को सहयोग देना चाहते हैं, जो ओरछा को सांस्कृतिक और हेरिटेज टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में और पहचान दिलाएँ।”
इस पहल पर सभ्यता फाउंडेशन की एडवाइजरी बोर्ड की सह-अध्यक्ष श्रीमती अवंतिका डालमिया ने कहा, “ओरछा में हमारी पहली सांस्कृतिक प्रस्तुति को लोगों से मिला अच्छा प्रतिसाद देखकर बहुत खुशी हुई। हम इस पहल को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इसके तहत ऐसे और सांस्कृतिक कार्यक्रम और खास अनुभव तैयार किए जाएँगे, जिनसे पर्यटकों को ओरछा को नए तरीके से जानने और यहाँ की विरासत को करीब से देखने का मौका मिले।”
इस सफल आयोजन के साथ ही मध्य प्रदेश में सभ्यता फाउंडेशन की गतिविधियों की शुरुआत हुई है। भारत सरकार की ‘अडॉप्ट ए हेरिटेज 2.0’ पहल के तहत फाउंडेशन स्मारक सारथी के रूप में काम कर रहा है। इसी क्रम में फाउंडेशन, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के साथ मिलकर ओरछा में आगे भी सांस्कृतिक कार्यक्रम और पर्यटकों के लिए खास अनुभव तैयार करेगा। इन पहलों के माध्यम से शहर की स्थापत्य विरासत और आध्यात्मिक महत्व को यहाँ की कहानियों, परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर पर्यटकों के सामने पेश किया जाएगा। इससे ओरछा को एक प्रमुख हेरिटेज टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।


