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मध्यप्रदेश में पृथक आयुष विश्वविद्यालय बनाने के लिए डा.ए के द्विवेदी ने उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव से इंदौर में मुलाकात कर की चर्चा
आयुष चिकित्सा के छात्र-छात्राओं की परीक्षा और रिजल्ट कभी समय पर नहीं होता जिससे छात्रों के साथ-साथ उनके पालक भी परेशान हैं
इन्दौर। आयुष मेडिकल वेलफेयर फाउन्डेशन के अध्यक्ष डाॅ. ए.के. द्विवेदी ने मध्यप्रदेश के मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव से इंदौर में मुलाकात कर मध्यप्रदेश में आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना बाबत निवेदन किया। डॉ द्विवेदी ने मंत्री को बताया कि आयुष चिकित्सा के छात्र-छात्राओं की परीक्षा और रिजल्ट कभी समय पर नहीं होता जिससे छात्रों के साथ-साथ उनके पालक भी परेशान हैं। आयुष चिकित्सा शिक्षा में आ रही समस्यायों से माननीय मंत्री जी को अवगत कराया।
मंत्री ने बहुत ही अच्छे से सुना तथा डाॅ. द्विवेदी द्वारा किये जा रहे आयुष के विकास कार्यों की सराहना की। मंत्री महोदय ने जानने की कोशिश किया कि, किन-किन प्रदेशों में आयुष विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है, जिसका विस्तृत विवरण डाॅ. द्विवेदी ने दिया।
मध्यप्रदेश में आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना की बात से सहमति जतायी तथा मुख्यमंत्री जी चर्चा कर शीघ्र ही विश्वविद्यालय स्थापना सम्बन्धी आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन भी दिया।
आयुष चिकित्सा शिक्षा के बारे में मंत्री जी को अवगत कराते हुये बताया कि, प्रदेष में पृथक आयुष विश्वविद्यालय न होने से आयुष चिकित्सा के सभी विद्यार्थियों का अध्ययन से लेकर परीक्षा तथा परीक्षा परिणाम तक में अनियमितता सम्बन्धी अन्य कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विदित हो कि, मेडिकल युनिवर्सिटी की पृथक स्थापना होने से आयुष चिकित्सा शिक्षा सम्बन्धी समस्त गतिविधियाँ व संचालन मध्य प्रदेष मेडिकल साइंस विश्वविद्यालय से किया जा रहा है।
डाॅ. द्विवेदी ने मंत्री जी को यह भी अवगत कराया कि, देश के यशस्वी प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने पूरे देश के लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने हेतु आयुष मन्त्रालय की स्थापना अपने पहले कार्यकाल में ही कर दिया था। आयुष की सभी चिकित्सा पद्धतियाँ लगभग हानिरहित होने के कारण पूरे विश्व में दूसरी प्रमुख चिकित्सा विधा के रूप में उभर रही हैं।


