- Bollywood’s Favourite Jodi - Saifu and Bebo lagayenge Hasi Ke Tyo-Ha-Ha-Har mein chaar chaand only on The great Indian Kapil Show
- Disha Patani leaves fans curious as she drops a series of cryptic stories: There are humans amongst us
- It’s October Season! 7 Bollywood Actors Who Are Your Libra–Scorpio Twins — Rekha, Aditi Rao Hydari to Kunal Kapoor
- मिराया होटल एंड रिज़ॉर्ट्स ने धनंजय श्रीवास्तव को क्लस्टर जनरल मैनेजर नियुक्त किया
- भारत की नंबर 1 EV अब INDULGE के लिए तैयार है!
हर पिता को अपने बच्चे के सपनों को सपोर्ट करना चाहिए : आशय मिश्रा
मुम्बई : सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन का ताजातरीन शो ‘स्टोरी 9 मंथ्स की’ ने दर्शकों को ऐसी महिलाओं के प्रति सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन का शो ‘स्टोरी 9 मंथ्स की’ एक यंग और सफल बिजनेसवुमन आलिया श्रॉफ (सुकीर्ति कांडपाल) की कहानी है, जो अपनी मर्जी से आईवीएफ के जरिए सिंगल मां बनने का चुनाव करती है। उसके सफर में तब एक नया मोड़ आता है, जब उसकी मुलाकात मथुरा से आए सारंगधर पांडे (आशय मिश्रा) से होती है।
इस शो में सारंगधर अपने पिता की इच्छा के विरुद्ध लेखक बनने का सपना लिए 30 साल की उम्र में मुंबई चला आता है, जबकि उनके पिता चाहते थे कि वो अपने परिवार का व्यवसाय संभाले। लेकिन वो अपनी महत्वाकांक्षा को चुनता है और मुंबई आकर अपना करियर बनाता है।
सारंगधर के पिता के बारे में बताते हुए आशय कहते हैं, “सारंगधर के पिता उसके करियर में उसके साथ नहीं होते हैं। मुझे खुशी है कि मेरे पिता ने मेरे एक्टर बनने के सपनों का साथ दिया। मेरा मानना है कि आज मैं जो कुछ भी हूं, अपनी मेहनत और अपने पिता के सपोर्ट से हूं। मुझे खुशी है कि उन्होंने मुझे अपना रास्ता चुनने की आजादी दी।
यदि मेरे पिता ने मेरा साथ ना दिया होता, तो मुझे नहीं पता मेरा सफर किस तरह आगे बढ़ता। कई बार जब बच्चे एक्टिंग को करियर बनाना चाहते हैं तो मां-बाप को संशय होता है। खासतौर से छोटे शहरों में अक्सर ऐसा देखने को मिलता है। लेकिन मैं अपने पिता का आभारी हूं जिन्होंने मुझे अपने फैसले खुद लेने दिए।“
आशय मिश्रा आगे बताते हैं, “मेरे पिता हमारे परिवार के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। वो बहुत समझदार और सपोर्टिव हैं। उन्होंने मुझे हमेशा बड़े सपने देखने और उन्हें पाने के लिए प्रेरित किया। पूर्व में यदि मैं असफल भी हो जाता था, तब भी वो मेरे प्रयास के लिए मेरी पीठ थपथपाते थे। मैं उन्हीं की वजह से इस मुकाम पर हूं।“


