- MIT-WPU के शोधकर्ताओं ने सोलर थर्मल बैटरी विकसित की; सूर्यास्त के बाद भी गर्म पानी रहेगा उपलब्ध
- सुरक्षित रहें: रोज़मर्रा के लेन-देन में अपनाएं सुरक्षित भुगतान आदतें
- मध्यप्रदेश में धूमधाम से मनाई गई छत्रपति शाहूजी महाराज की 152वीं जयंती, सामाजिक न्याय और संगठन विस्तार का लिया संकल्प
- Welcome To The Jungle Emerges as the Biggest Stress Buster of 2026, Wins Hearts as a Complete Family Entertainer
- सोनल चौहान ने मिर्जापुर: द मूवी की दुनिया में रखे कदम; उनका दिलचस्प नया लुक देख फैंस हुए एक्साइटेड
हिंडाल्को और हिंदुस्तान कॉपर ने कॉपर कंसेंट्रेट की आपूर्ति के लिए समझौता किया
भारत के कॉपर क्षेत्र के लिए असाधारण साझेदारी
मुंबई. हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड और सार्वजनिक क्षेत्र के मिनीरत्न केंद्रीय उद्यम, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड ने हिंदुस्तान कॉपर द्वारा उत्पादित कॉपर कंसेंट्रेट के दीर्घकालिक क्रय-विक्रय हेतु आज एक समझौता-पत्र पर हस्ताक्षर किया।
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक, श्री अरूण कुमार शुक्ला और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, श्री सतीश पै द्वारा इस समझौते पर हस्ताक्षर किया गया।
यह एक अनूठी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) है जो सरकार के आत्मनिर्भर भारत के अभियान के अनुरूप है। यह साझेदारी आयात स्थानापन्न और आयातित कॉपर कंसेंट्रेट पर राष्ट्र की निर्भरता कम करने की दिशा में बढ़ाया गया एक प्रमुख कदम है।
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, श्री सतीश पई ने कहा, ”हिंदुस्तान कॉपर के साथ सहयोग हमारे लिए सम्मान की बात है। यह करार आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, चूंकि इससे रिफाइंड कॉपर के घरेलू उत्पादन के लिए स्थानीय रूप से खनन किये गये कॉपर कंसेंट्रेट को उपयोग में लाने में मदद मिलेगी और इससे इस महत्वपूर्ण धातु के आयात पर राष्ट्र की निर्भरता घटेगी।”
श्री पईने आगे कहा, ”इससे हिंडाल्को की मूल्य श्रृंखला का रणनीतिक महत्व बढ़ेगा और हम भारत के विविध कॉपर डाउनस्ट्रीम सेक्टर्स को कॉपर उत्पादों की अधिक विश्वसनीय तरीके से आपूर्ति कर सकेंगे। यह पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप का एक शानदार उदाहरण है और यह दोनों ही कंपनियों के लिए लाभदायक है।”
हिंदुस्तान कॉपर, भारत कॉपर कंसेंट्रेट का एकमात्र उत्पादक है। इस समझौते के तहत, एचसीएल के कॉपर कंसेंट्रेट उत्पादन के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से(कॉपर कंटेंट) का उपयोग हिंडाल्को द्वारा रिफाइंड कॉपर के निर्माण में किया जायेगा। हिंडाल्को के कॉपर का इस्तेमाल विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे व विनिर्माण जैसे प्रमुख उद्योगों द्वारा किया जाता है।
हिंदुस्तान कॉपर के सीएमडी, श्री अरूण कुमार शुक्ला ने कहा, ”यह साझेदारी टिकाऊ तरीके से देश के खनिज संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करते हुए घरेलू कॉपर इंडस्ट्री के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। इस सहयोग से, एचसीएल एक कदम आगे बढ़ाते हुए स्वदेशी कॉपर निर्माताओं के लिए कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। इससे देश का मेक इन इंडिया मिशन और आत्मनिर्भर भारत अभियान का उद्देश्य भी पूरा होगा।”
हिंदुस्तान कॉपर को राष्ट्र का एकमात्र वर्टिकली इंटीग्रेटेड कॉपर उत्पादक कंपनी होने का गौरव प्राप्त है, जो खनन से लेकर सज्जीकरण, रिफाइंड कॉपर की स्मेल्टिंग, रिफाइनिंग एवं कास्टिंग से लेकर डाउनस्ट्रीम बिक्रीयोग्य उत्पाद तैयार करने का काम करती है।
हिंडाल्को, भारत का सबस बड़ा कस्टम कॉपर उत्पादक है, जो वर्तमान में भारत की घरेलू रिफाइंड कॉपर की 50 प्रतिशत से अधिक आवश्यकताएं पूरी करता है। हिंडाल्को के कॉपर उत्पादों का उपयोग भारत के प्रमुख ढांचागत क्षेत्रों जैसे विद्युत, विनिर्माण, ऑटोमोबाइल्स, रेलवे आदि में होता है। हिंडाल्को गुजरात के दाहेज में एशिया के सबसे बड़े सिंगल-लोकेशन कस्टम कॉपर स्मेल्टर का परिचालन करता है।


