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आने वाले समय में हर युवा होगा हाइपरटेंशन का मरीज
इंदौर । जीवन की भागदौड़ और प्रतियोगिता के तनाव ने युवाओं को इस कदर अपनी चपेट में ले लिया है कि 15 साल की उम्र में ही हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों ने घेर रही है। अनियमित लाइफ स्टाइल, तनाव और मोटापे से आने वाले समय मे देश का हर युवा हाइपरटेंशन का शिकार होगा। हमारे देश में हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या लगभग 80 मिलियन है और बीमारों की यह संख्या यूनाइटेड किंगडम की कुल आबादी की से भी ज्यादा है ।
उपरोक्त विचार शेल्बी हास्पिटल के वरिष्ठ ह््रदय रोग विशेषज्ञ, एमडी डीएमएफएसीसी (यूएसए) डॉ राकेश जैन ने वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे के मौके पर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हाइपरटेंशन एक साइलेंट किलर हैं । हाइपरटेंशन के कारण 3 बड़ी बीमारियां होती हैं जिसमें हार्ट अटैक, किडनी फैलियर और ब्रेन हेमरेज शामिल है। इस बीमारी से बचने के लिए नियमित संतुलित खानपान योगा और व्यायाम तो जरूरी है ही लेकिन समय पर बीपी के जांच भी करना अनिवार्य है।
हाइपरटेंशन के पीड़ित लोगों में 50 प्रतिशत लोगों को पता ही नहीं होता है कि उन्हें ये बीमारी है और जिन 50 प्रतिशत लोगों को पता होता है उनमें से केवल 7 प्रतिषत लोग ही नियमित दवा का सेवन करते है। हाइपरटेंशन के मरीज के लिए जीवन भर बीपी की दवा लेना अनिवार्य होता है लेकिन प्रायः देखा जाता है कि मरीज कुछ समय दवा लेने के बाद अपने आप ही बंद कर देते हैं और यह मान लेते हैं कि वह ठीक हो चुके हैं। यही मान्यता आगे चलकर शरीर के लिए नुकसानदायक साबित होती है । बी पी का लगातार बढे रहना बड़ी बीमारी को न्यौता देना है।
डॉ राकेश जैन ने बताया कि शुगर के मरीजों को तो खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है । शुगर के मरीजों को हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावना लगभग 3 गुनी होती है। युवाओं को शराब और धूम्रपान से बचना चाहिए । क्योंकि वर्तमान समय में हर पांचवा भारतीय हाइपरटेंशन का शिकार है और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही हैं।
विदेशों की तुलना में भारत में हाइपरटेंशन के मरीजों की औसत आयु काफी कम है इसका सबसे बड़ा कारण व्यायाम से दूर होना और जंक फूड के साथ ही शराब व धूम्रपान करना है। युवाओं को चाहिए कि इस बीमारी से बचने के लिए वे मेडिटेशन का सहारा ले नियमित खान-पान रखेऔर व्यसनों से दूर रहे। इसके साथ ही युवाओं को अपने मोटापे कम करने पर भी लगातार ध्यान देना चाहिए।


