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शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की बैठक में डॉ. ए.के. द्विवेदी ने दी भारतीय ज्ञान परंपरा पर विशेष जानकारी
मंदसौर। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, मालवा प्रांत की जिला स्तरीय बैठक आज मंदसौर में आयोजित की गई। इस अवसर पर शिक्षा स्वास्थ्य न्यास के प्रांत संयोजक डॉ. ए.के. द्विवेदी ने अपने व्याख्यान में कहा कि आने वाली पीढ़ियों को भारतीय ज्ञान परंपरा का ज्ञान होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हमारे दैनिक जीवन में प्रयुक्त होने वाले मसालों और औषधीय पौधों का स्वास्थ्य से गहरा संबंध है।
डॉ. द्विवेदी ने उदाहरण देते हुए कहा कि जीरा, अजवाइन और सौंफ का नियमित सेवन शरीर को स्वस्थ बनाए रखता है। भोजन के बाद सौंफ खाने की परंपरा इसलिए है क्योंकि यह रक्त को शुद्ध करती है और पाचन को मजबूत बनाती है। इसी तरह तुलसी केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी है। यदि हम प्रतिदिन तुलसी की पत्तियों का सेवन करें और बच्चों को भी कराएँ, तो उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और वे बीमारियों से बचे रहते हैं।
कार्यशाला की प्रमुखता बड़वानी से पधारे श्री रामसागर मिश्रा जी ने निभाई। झाबुआ से आए श्री ओम प्रकाश शर्मा जी, इंदौर से श्री दिनेश दवे जी एवं प्राचार्य इंदौर श्रीमती ममता चंद्रशेखर रायकवार जी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।


