- Kumar Sanu surprises contestant Durgesh; says, “I will send a TV to your home so that your mother and father can watch you on Sa Re Ga Ma Pa”
- ‘सा रे गा मा पा’ के कंटेस्टेंट दुर्गेश यादव के लिए कुमार सानू का खास तोहफा, बोले, “आज ही आपके घर टीवी भिजवाऊंगा, ताकि आपके माता पिता आपको शो में देख सकें”
- यूनिक हॉस्पिटल में दिव्यांग बच्चों के लिए 30 बेड के निःशुल्क विशिष्ट सेवा वार्ड का लोकार्पण
- Kunal Kapoor Offers a Glimpse into His World as Lord Indra in Ramayana, Calls It a Magnum Opus: “So Much Goes into Creating Something of This Scale”
- राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस: शुरुआती पहचान और समय पर उपचार से बढ़ सकती हैं स्वस्थ जीवन की संभावनाएं
भारत की जीवन बीमा कंपनियों ने FY25 में ₹6.30 लाख करोड़ का भुगतान किया, घरेलू वित्तीय सुरक्षा का मजबूत आधार बनीं
मुंबई : भारत का जीवन बीमा क्षेत्र परिवारों की आर्थिक सुरक्षा और दीर्घकालिक वित्तीय योजना में अहम भूमिका निभाता जा रहा है। IRDAI की वार्षिक रिपोर्ट 2024-25 के अनुसार, जीवन बीमा कंपनियों ने वित्त वर्ष 2024-25 में कुल ₹6.30 लाख करोड़ के लाभ (बेनिफिट) का भुगतान किया। यह आंकड़ा दर्शाता है कि जीवन बीमा उद्योग जीवन के अलग-अलग चरणों—सुरक्षा से लेकर रिटायरमेंट और धन सृजन—तक परिवारों को मजबूत सहारा दे रहा है।
कुल भुगतान में से ₹2.33 लाख करोड़ राशि पॉलिसी से निकासी और सरेंडर के रूप में दी गई, जो पिछले साल से 1.77% अधिक है। पॉलिसी की निरंतरता (पर्सिस्टेंसी) बेहतर बनी हुई है, जिससे साफ है कि लोग योजनाबद्ध तरीके से पैसे निकाल रहे हैं। पॉलिसीधारक इन पैसों का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, घर खरीदने या विदेश यात्रा जैसे लक्ष्यों के लिए कर रहे हैं। अब जीवन बीमा केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोग इसे अन्य जरूरी जरूरतों के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
इंश्योरेंस अवेयरनेस कमेटी (IAC-Life) के चेयरपर्सन कमलेश राव ने कहा, “जीवन बीमा कंपनियों के आंकड़े बताते हैं कि यह क्षेत्र न केवल सुरक्षा देता है, बल्कि परिवारों के लिए दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता और जरूरत के समय नकदी उपलब्ध कराने का मजबूत साधन भी है। 92% भुगतान ‘लिविंग बेनिफिट्स’ के रूप में होना इस बात का प्रमाण है कि जीवन बीमा अब परिवारों का वित्तीय साथी बन चुका है।”
बीमा उत्पादों में भी बदलाव आया है। अब बच्चों की योजनाएं, पेंशन (एन्युटी) योजनाएं और मार्केट से जुड़ी योजनाएं उपलब्ध हैं, जिससे लोग अपनी जरूरत के अनुसार निवेश कर सकते हैं और भविष्य के लक्ष्यों को पूरा कर सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कुल लाभ भुगतान नेट प्रीमियम आय का 71.92% रहा, फिर भी कंपनियों की सॉल्वेंसी (भुगतान क्षमता) नियामकीय सीमा से ऊपर बनी हुई है। 31 मार्च 2025 तक सभी जीवन बीमा कंपनियां न्यूनतम 1.50 सॉल्वेंसी अनुपात के मानक पर खरी उतरीं। यह मजबूत वित्तीय प्रबंधन, संतुलित निवेश और सख्त नियमों के कारण संभव हुआ है। साथ ही, लगभग 100% क्लेम सेटलमेंट रेशियो उद्योग की विश्वसनीयता को भी दर्शाता है।
वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं के बीच भारत की $5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनने की राह में चुनौतियां बनी रहेंगी। ऐसे में नागरिकों के लिए वित्तीय सुरक्षा बेहद जरूरी है। जीवन बीमा क्षेत्र देश की आर्थिक मजबूती बढ़ाने और परिवारों को वित्तीय सुरक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


