- जल संरक्षण पर डॉ. ए.के. द्विवेदी के सुझावों की मंत्री तुलसी सिलावट ने की सराहना, अधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही के दिए निर्देश
- Raj Kundra on the Ongoing Pornography Case: I am ready to give up my life if I am found guilty
- पुरी रथ यात्रा से पहले एयरटेल ने पूरे ओडिशा में अपने नेटवर्क को और मजबूत किया
- A Menstrual Hygiene Initiative Fueled Manushi Chhillar's Win for Miss India 2017 Crown
- जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने एमजी एडाप्ट का किया अनावरण
जीवन का अनभुव ही आपका शिक्षक:शक्ति अरोड़ा
इंदौर. अभिनय हो या अन्य कोई क्षेत्र आपके जीवन का अनभुव ही आपका शिक्षक है. अपने जीवन में अगर आपने वो अनुभव लिए है जो किरदार के लिये जरूरी है तो उसे आप बेहतर रूप से परदे जीवंत कर सकते हैं. साथ ही ऑडिशन की ट्रेनिंग भी अभिनेता के लिए बेहतर साबित होती है.
यह कहना है अभिनेता शक्ति अरोड़ा का. वे मंगलवार को कलर्स टीवी के शो सिलसिला बदलते रिश्तों का के प्रमोशन के लिए शहर में थे. उनके साथ अभिनेत्री अदिति शर्मा भी थी. शो के विषय में चर्चा करते हुए शक्ति ने बताया कि कुणाल का किरदार निभा रहा हूं जो कि डॉक्टर है. इसमें दो जोडिय़ां है कुणाल-मौली की और राजदीप नंदनी की. इसमें कुणाल और मौली के बीच गहरा प्यार दिखाया है जबकि राजदीप-नंदनी में प्यार नहीं है. इसमें आज के दौर की रिलेशनशिप दिखाई है जो वक्त के साथ बदलती है. केवल रिलेशनशिप ही नहीं इंसान भी बदलता है.
शक्ति ने बताया कि मैं मुंबई से हूं और मैंने बचपन से ही बॉलीवुड में आने का मन बना लिया था क्योंकि मेरा नानाजी चंद्रशेखर भी अभिनेता थे. उन्होंने उनके समय में एक्टिंग भी की और कई फिल्में भी बनाई. वे मेरी प्रेरणा रहे. लेकिन जब मैंने देखा कि बॉलीवुड में बहुत स्ट्रगल है तो मैंने अपना थोड़ा मूड बदल लिया. इसके बाद मैंने टीवी के लिये कोशिश की. इसके साथ ही अन्य काम और नौकरी भी की. काम के साथ ही ऑडिशन भी देता था. मैंने एक्टिंग के लिए एक संस्थान से प्रशिक्षण लिया था. लेकिन मेरा मानना है अभिनय में आपके असली जीवन के अनुभव ही काम आते हैं. प्रशिक्षण से केवल अभिनय की तकनीक सीख सकते हैं. भाव नहीं ला सकते.
लक और हार्ड वर्क दोनों जरूरी
शक्ति ने बताया कि अभिनय के क्षेत्र लक और हार्डवर्क दोनों जरूरी है. केवल अच्छा दिखने भर से काम नहीं चलता. जितनी चकाचौंध दिखती है, उतनी आसान नहीं है इंडस्ट्री. यहा बहुत ज्यादा स्ट्रगल है. मैंने 2002 से काम शुरू किया और 2007 में जाकर मुझे पहला बड़ा रोल मिला. इस दौरान मैंने छोटे किरदार और एपिसोडिक लीड किए. जब मुझे विश्वास हुआ कि मैं लीड किरदार कर सकता हूं तब उसके लिए प्रयास किया और मुझे लीड किरदार मिले. शक्ति ने कहा कि इस इंडस्ट्री में जो आना चाहता है केवल शौक के लिए न आए. अगर अभिनय के प्रति पेशन और उसमें माहिर हो तभी कोशिश करें. आसान नहीं है अभिनय का क्षेत्र.
इंडोनेशिया में मिला सुपरस्टार जैसा ट्रीटमेंट
शक्ति ने कहा कि मुझे शाहरूख खान का ऑन स्क्रीन रोमांस और आमिर खान का हर किरदार में ढल जाना अच्छा लगता है. ये दोनों मेरी प्रेरणा है. मैंने हर किरदार में ढलना आमिर से सीखा है. जब मुझे स्क्रीप्ट मिलती है तो मैं पूरी तरह किरदार को समझकर उसमें ढलने की कोशिश करता हूं. कई बार कुछ स्क्रीप्ट में परिवर्तन भी करता हूं. अभी तो मैं सीरियल में व्यस्त हूं. भविष्य में बॉलीवुड में काम करने का मौका मिला तो कोई बायोपिक करना पसंद करूंगा. शक्ति ने बताया कि मेरा सीरियल मेरी आशिकी तुम से ही इंडोनेशिय में बहुत पसंद किया गया. जब मैं वहां गया तो मुझे एक सुपर स्टार जैसा ट्रीटमेंट मिला. वहां के लिए मैं सुपर स्टार हूं. मैं वहां 8 महीने रहा. वहां मैंने कुछ शो और एक फिल्म की है जो जल्द ही रिलीज होने वाली है.
रियलिटी शो से आ गई इंडस्ट्री में: अदिति
अदिति ने बताया कि मैं डॉ. मौली का किरदार निभा रही हूं जो कि अपने पति कुणाल की तरह आदर्शवादी है. वह घर और काम दोनों का सामंजस्य बनाकर चलती है. वह बिल्कुल आज की औरत की तरह ही है. शो में नंदनी मेरी बचपन की दोस्त है. जो मेरा मना करना पर भी अपने प्यार को चुन लेती है. 8 साल से हमारी बातचीत नहीं है लेकिन वह अपने रिश्ते में खुश नहीं है बावजूद इसके वह रिश्ता बचाने की कोशिश कर रही है. यह मुझे मिलने के बाद पता चलता है और फिर एक मोड़ आता है. वही इसमें दिखाया है. यह आज की ही सोसायटी की कहानी है.
अदिति ने आगे कहा कि मैं पंजाब से हूं लेकिन लखनऊ में पली-बढ़ी हूं. मैंने एक्टिंग का सोचा था लेकिन इंडस्ट्री में आने का नहीं सोचा था. बस स्कूल और कॉलेज में प्ले व थियेटर किया करती थी. कॉलेज के दिनों इंडियाज सिने स्टार की खोज रियलिटी शो आया था जिसमें मैंने पार्टिसिपेट किया और जीत गई. यहां से इंडस्ट्री में आ गई. हांलाकि यह इंडस्ट्री जितनी आसान दिखती है उतनी है नहीं. मैंने भी शो जितने के बाद सोचा था अब तो आसानी से काम मिल जाएगा लेकिन मुझे भी इंतजार करना पड़ा. इसमें सबसे अच्छी बात यह रही कि मुझे परिवार का पूरा सहयोग मिला. इस क्षेत्र में आने वाली लड़कियों से यही कहूंगी सिर्फ ग्लैमर के लिये न आएं. आपमें पेशन या नाटक और प्ले करना अच्छा लगता हो तो ही आएं. साथ ही थोड़ा प्रशिक्षण भी ले.
साउथ की इंडस्ट्री से बहुत कुछ सीखा
अदिति ने बताया कि मैंने धारावाहिक भी किए और साउथ की फिल्मों भी की है. साउथ की फिल्मों से मैंने गजब की पंक्चुअलिटी देखी है. वहां से बहुत कुछ सीखा है मैंने. खासकर मदन सर से. मैंने अभी तक दो शो किए हैं और दोनों ही मेरे लिये ड्रीम रोल की तरह है. फिल्मों मैं तब्बू का चांदनी बार, काजोल का दुश्मन, श्रीदेवी का सदमा और कंगना का क्वीन जैसा किरदार करना चाहती हूं.


