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बच्चों तो रूचि के अनुरूप नए विषयों का चयन करने दें
मंथन-2019 के समापन सत्र में पालकों से आग्रह
इंदौर. वर्तमान शिक्षा पद्धति और पाठयक्रम में बहुत कुछ बदलाव ऐसे हुए हैं, जिनके कारण माता-पिता भी कई सवालों में निरूत्तर बन जाते हैं। दसवीं और बारहवीं कक्षाएं बच्चों के कॅरियर का टर्निंग पाईंट होती हैं. जिन बच्चों ने हाल ही घोषित नतीजों में प्रावीण्यता के अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें सोच-समझकर ही अपने विषयों का चयन करना चाहिए. पालकों को भी चाहिए कि वे बच्चों पर दबाव न बनाएं और उनकी रूचि के अनुरूप नए विषयों का चयन करने दें तभी आगे की पढ़ाई की राह आसान हो सकेगी।
राधाकृष्ण फाउंडेशन मल्हारगंज के तत्वावधान में प्राईम सिटी सुखल्या स्थित मदन महल गार्डन पर आयोजित मंथन-2019 कार्यक्रम के समापन सत्र में अतिथि वक्ताओं ने ऐसी अनेक बातें उपस्थित छात्रों को बताई और उनकी जिज्ञासाओं तथा शंकाओं का समाधान भी किया।
इस अवसर पर विषय विशेषज्ञ संदीप अत्रे एवं राजेंद्र भाटिया के साथ फाउंडेशन के रवि अग्रवाल, कला अग्रवाल एवं डायरेक्टर शीतल अग्रवाल ने दीप प्रज्जवलन कर इस सत्र का शुभारंभ किया। इसके सभी सत्र पूरी तरह नि:शुल्क थे। शहर के विभिन्न विद्यालयों के लगभग 500 छात्र-छात्राएं और उनके पालक भी मंथन-2019 में उपस्थित थे।
लगभग 5 घंटे चले इस अभिनव कार्यक्रम में छात्रों के लिए सामान्य ज्ञान सहित विभिन्न स्पर्धाएं भी रखी गई थीं। कार्यक्रम संयोजक सिमरन अग्रवाल, रितिका गोयल एवं हर्ष गोयल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन शिल्पा ग्रोवर ने किया और आभार माना आयुष विजयवर्गीय ने.


