पिंक अक्टूबर: मैनकाइंड फार्मा ने ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता, शुरुआती पहचान और समय पर इलाज पर दिया जोर

#1MillionLives पहल के तहत कंपनी ने स्तन के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, बीमारी की शुरुआती पहचान और इलाज से जुड़े सही फैसले लेने के महत्व को रेखांकित किया।

इंदौर, 23 अक्टूबर 2026: ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर मैनकाइंड फार्मा ने अपने ‘पिंक अक्टूबर‘ अभियान के जरिए ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता, समय रहते इसकी पहचान और सही समय पर इलाज के महत्व पर जोर दिया। यह पहल कंपनी के #1MillionLives अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कैंसर के प्रति जागरूकता को अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचाना और उनको अपने स्वास्थ्य के प्रति समय रहते जरूरी कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता लोगों को समय पर डॉक्टर से सलाह लेने और इस बीमारी को समझने में मदद करती है। इसके संभावित संकेतों में स्तन में गांठ या असामान्य मोटापन, स्तन के आकार या बनावट में बदलाव, त्वचा या निप्पल में बदलाव और निप्पल से असामान्य स्राव (डिस्चार्ज) शामिल हो सकते हैं।हालांकि, ये बदलाव कैंसर के ही संकेत हों ऐसा नहीं है, लेकिन ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर की सलाह के अनुसार क्लिनिकल जांच और मैमोग्राफी से ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती पहचान में मदद मिल सकती है।

“कैंसर के प्रति जागरूकता केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और समय पर जरूरी कदम उठाने की आदत भी उसका हिस्सा होना चाहिए। #1MillionLives पहल के जरिए हमारा उद्देश्य सही स्वास्थ्य जानकारी को अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचाना और उन्हें अपने स्वास्थ्य से जुड़े फैसले समय रहते और सोच-समझकर लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। पिंक अक्टूबर इसी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाता है। इसके माध्यम से हम स्तनों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, कैंसर की शुरुआती पहचान और समय पर डॉक्टर से सलाह लेने के महत्व पर जोर दे रहे हैं। हमारा मानना है कि लगातार चलाए जाने वाले जागरूकता अभियान लोगों और परिवारों को अपने स्वास्थ्य के बारे में समय रहते सही फैसले लेने में सक्षम बना सकते हैं,” मैनकाइंड फार्मा के सीनियर प्रेसिडेंट आतिश मजूमदार ने कहा।

बीमारी की शुरुआती पहचान से डॉक्टरों को इलाज के बारे में निर्णय लेने में भी मदद मिलती है। जांच और ट्यूमर की प्रोफाइलिंग से ब्रेस्ट कैंसर को समझने और सही फैसले लेने में मदद मिलती है। जरूरत पड़ने पर HER2 टेस्ट के जरिए ट्यूमर में HER2 की स्थिति का पता लगाया जाता है, जिससे डॉक्टर टारगेटेड थेरेपी चुनने का फैसला ले सकते हैं।

“स्तन में किसी भी असामान्य बदलाव को पहचानना और बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेना, समय पर बीमारी का पता लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं। स्क्रीनिंग की सलाह व्यक्ति की उम्र और बीमारी के जोखिम जैसे कारकों पर निर्भर करती है। इसलिए, योग्य डॉक्टर से परामर्श करना जरूरी है। ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित मरीजों के लिए विभिन्न जांच और बायोमार्कर टेस्ट, जिनमें जरूरत पड़ने पर HER2 टेस्ट भी शामिल है, इलाज का सही तरीका तय करने में मदद करते हैं। जागरूकता बढ़ने से लोग समय पर जांच करवा सकते हैं और उन्हें उचित इलाज मिल सकता है,” डॉ. आकाश तिवारी, कंसल्टेंट, मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, रॉबर्ट नर्सिंग होम, ने कहा।

जून 2026 में शुरू की गई मैनकाइंड फार्मा की #1MillionLives पहल के तहत अब तक 500 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वहीं, जुलाई में 285 डॉक्टरों ने 10 लाख परिवारों के स्वास्थ्य की रक्षा में सहयोग देने का संकल्प लिया। पिंक अक्टूबर अभियान के जरिए कंपनी कैंसर से बचाव पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। साथ ही, लोगों को कैंसर की शुरुआती पहचान और समय पर इलाज के महत्व के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रही है।

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