- Solaryaan Joins Haryana Green Energy Roadshow as Inverter Sales Cross 1 Lakh in H1 FY27
- फेयरफील्ड बाय मैरियट इंदौर में 7 अक्टूबर को शुरू होगा, ग्लास स्काई रूफटॉप रेस्टोरेंट, मिलेगा खास डाइनिंग एक्सपीरियंस
- ICICI Bank brings back ‘Festive Bonanza’ with exciting deals across shopping, travel, and lifestyle brands
- आईसीआईसीआई बैंक ने खरीदारी, यात्रा और लाइफस्टाइल ब्रांड्स पर आकर्षक ऑफर के साथ ‘फेस्टिव बोनांजा’ की फिर की शुरुआत
- Mumbai Deputy Mayor Sanjay Ghadi Honored with Mumbai Achievers Awards 2026
पुणे के नोबल हॉस्पिटल ने रचा इतिहास, सफलतापूर्वक रोबोटिक लेफ्ट एट्रियल मिक्सोमा एक्सिशन प्रक्रिया की
· महाराष्ट्र में पहली बार हुई इस प्रकार की रोबोटिक हार्ट सर्जरी — देश में भी अपनी तरह की दूसरी प्रक्रिया बनी
हडपसर के नोबल हॉस्पिटल्स एंड रिसर्च सेंटर ने कार्डियक केयर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल ने सफलतापूर्वक रोबोटिक लेफ्ट एट्रियल मिक्सोमा एक्सिशन किया — यह दिल के जटिल ट्यूमर को हटाने की सर्जरी है, जिसे पूरी तरह सर्जिकल रोबोट की मदद से छोटे की होल पोर्ट्स के जरिए किया गया। यह प्रक्रिया पुणे में की गई पहली रोबोटिक हार्ट सर्जरी, महाराष्ट्र की पहली और देश में अपनी तरह की केवल दूसरी सर्जरी है।
55 वर्षीय महिला मरीज़ के दिल के एक चैम्बर में नियमित जांच के दौरान गैर-कैंसरयुक्त ट्यूमर पाया गया। लेफ्ट एट्रियल मिक्सोमा भले ही कैंसर न हो, लेकिन लक्षण वाले मरीजों में यह स्ट्रोक या गंभीर सांस फूलने जैसी समस्या पैदा कर सकता है। इसका एकमात्र पक्का इलाज सर्जरी के जरिए इसे हटाना ही है।
आमतौर पर इस प्रक्रिया के लिए मीडियन स्टर्नोटॉमी करनी पड़ती है, जिसमें दिल तक पहुंचने के लिए छाती की हड्डी को बीच से काटकर खोला जाता है। लेकिन नोबल हॉस्पिटल्स में यही ऑपरेशन कुछ छोटे पोर्ट कट्स के जरिए किया गया, न बड़ा चीरा लगाया गया और न ही छाती की हड्डी काटी गई। मरीज को हार्ट-लंग मशीन पर रखने और दिल को अस्थायी रूप से रोकने के बाद, सर्जिकल टीम ने हाई-डेफिनिशन 3D विजन की मदद से लेफ्ट एट्रियम तक पहुंच बनाई, दिल की दीवार से ट्यूमर को बेहद सटीक तरीके से हटाया और रोबोट की सहायता से 10 गुना ज्यादा सटीकता के साथ उस हिस्से की सिलाई की।
रोबोटिक कार्डियक सर्जरी से मरीजों को कई बड़े फायदे मिलते हैं, ऑपरेशन के बाद दर्द काफी कम होता है, रिकवरी तेजी से होती है, अस्पताल में कम समय रुकना पड़ता है, खून कम बहता है और लंबे छाती के निशान की जगह केवल छोटे पोर्ट के निशान रह जाते हैं।
इस ऐतिहासिक सर्जरी का नेतृत्व सीनियर कार्डियक सर्जन डॉ. धैर्यशील कणसे ने किया। उन्हें सीनियर ऑन्कोसर्जन डॉ. आशीष पोखरकर का सहयोग मिला। सर्जिकल टीम में डॉ. अनिरुद्ध ढेकणे और डॉ. एन. जाधव शामिल थे। एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. सम्राट मदनाइक और डॉ. पर्मिता दीक्षित ने संभाली, जबकि हार्ट-लंग मशीन का संचालन श्री शशिकांत काले ने किया।
यह सफलता रोबोटिक कार्डियक प्रक्रियाओं के एक बड़े दायरे का रास्ता खोलती है। डॉक्टरों का मानना है कि जल्द ही इसी तकनीक का इस्तेमाल रोबोटिक एएसडी क्लोज़र, रोबोटिक वाल्व रिप्लेसमेंट और रोबोटिक-असिस्टेड बायपास सर्जरी में भी किया जाएगा, जिससे एडवांस कार्डियक केयर कम जटिल, ज़्यादा सटीक और दुनियाभर के मरीजों के लिए कहीं अधिक सुलभ बन सकेगी।
इस उपलब्धि पर बात करते हुए डॉ. कणसे ने कहा, “यह हार्ट सर्जरी के नए दौर की सिर्फ शुरुआत है, एक ऐसा दौर, जिसमें मरीजों को कम से कम तकलीफ के साथ विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा।”
इस उपलब्धि पर बात करते हुए नोबल हॉस्पिटल्स के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दिविज माने ने कहा, “आज पुणे ने नेक्स्ट-जनरेशन कार्डियक केयर के वैश्विक मानचित्र पर अपनी जगह बना ली है। हमारी टीम ने यह साबित किया है कि दुनिया की सबसे एडवांस रोबोटिक कार्डियक सर्जरी, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के सर्जन और इस क्षेत्र की अत्याधुनिक तकनीक के साथ किया जाता है, अब यहीं संभव है। इसके नतीजे दुनिया के बेहतरीन सेंटरों के बराबर हैं। उत्कृष्ट इलाज के लिए मरीजों को दूसरे देशों में जाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए; हमारी कोशिश है कि हम वही बेहतरीन सुविधा उनके पास लेकर आएं। यह उपलब्धि हमारे इरादों का संदेश है। हम लगातार मेडिकल साइंस की सीमाओं को आगे बढ़ाते रहेंगे, तकनीक और विशेषज्ञता में निवेश करते रहेंगे और मरीज-केंद्रित तथा बेहतर परिणाम देने वाली कार्डियक केयर के नए मानक तय करेंगे, उनका सिर्फ पालन नहीं करेंगे। आने वाले समय में दुनिया एडवांस हार्ट सर्जरी के लिए पुणे की ओर देखेगी और हम इस बदलाव का नेतृत्व करने का इरादा रखते हैं।”
नोबल हॉस्पिटल्स एंड रिसर्च सेंटर के ग्रुप एग्जीक्यूटिव ऑफिसर डॉ. संजय पठारे ने कहा, “यह उपलब्धि हमारे शहर में कार्डियक केयर के लिए एक बड़ा कदम है। रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी न सिर्फ सटीकता बढ़ाती है, बल्कि इससे मरीज़ जल्दी ठीक होते हैं, दर्द कम होता है और क्लिनिकल परिणाम बेहतर मिलते हैं। हम हेल्थकेयर सेवाओं के मानकों को नई पहचान देने के लिए एडवांस मेडिकल तकनीकों और विशेषज्ञ डॉक्टरों में लगातार निवेश करते रहेंगे।
नोबल हॉस्पिटल्स एंड रिसर्च सेंटर के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दिलीप माने ने कहा, “हमारे अस्पताल में रोबोटिक कार्डियक सर्जरी की शुरुआत हमारी उस सोच का प्रमाण है, जिसमें तकनीक को बेहतरीन मेडिकल विशेषज्ञता के साथ जोड़ा गया है। यह उपलब्धि बेहद सटीक योजना, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और हमारी अत्यधिक कुशल मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की मेहनत का परिणाम है।”


