इंदौर में एमपी एमएसएमई कैपिटल कनेक्ट में 200 से अधिक उद्यमियों की सहभागिता; एमपीएलयूएन ने बीएसई और आईसीएआई के साथ किए एमओयू

बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग में उद्यमों ने दिखाई रुचि; आईपीओ की तैयारी, वित्तीय अनुशासन एवं विकास पूंजी पर विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शन

इंदौर, 13 अक्टूबर 2026: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, मध्य प्रदेश शासन द्वारा एमपी एमएसएमई कैपिटल कनेक्ट का आयोजन एस्सेन्टिया लग्जरी होटल, इंदौर में किया गया। कार्यक्रम में 200 से अधिक एमएसएमई उद्यमियों ने सहभागिता की। भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय की रेज़िंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (रैम्प) योजना के अंतर्गत राज्य नोडल एजेंसी मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड (एमपीएलयूएन) द्वारा बीएसई लिमिटेड के सहयोग से आयोजित इस कॉन्क्लेव में वित्त तक पहुँच तथा एसएमई स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग के अवसरों पर विशेष चर्चा हुई। कार्यक्रम के आयोजन में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई), मध्य प्रदेश तथा इसके डिप्टी रेजिडेंट डायरेक्टर श्री अनिरुद्ध दुबे का भी सहयोग रहा। बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग की संभावनाएँ तलाशने में उद्यमों ने रुचि व्यक्त की।

कार्यक्रम के प्रारंभ में एमपीएलयूएन के उप मुख्य महाप्रबंधक एवं रैम्प के राज्य नोडल अधिकारी श्री अनिल थागले ने स्वागत उद्बोधन दिया, तथा सीए शिवानी लोधी, एसपीआईयू, रैम्प मध्य प्रदेश ने कार्यक्रम का परिचय प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में एमपीएलयूएन एवं बीएसई लिमिटेड तथा एमपीएलयूएन एवं इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के बीच अलग-अलग एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। बीएसई के साथ सहभागिता का उद्देश्य प्रदेश के पात्र एमएसएमईज़ को एसएमई लिस्टिंग की प्रक्रिया समझने एवं पूंजी बाजार तक पहुँच बनाने में सहयोग देना है। वहीं आईसीएआई के साथ एमओयू के माध्यम से उद्यमियों को पेशेवर परामर्श, वित्तीय जागरूकता तथा क्षमता संवर्धन में सहयोग प्रदान किया जाएगा।

बीएसई की हेड, इश्यूअर रिलेशंस एंड कॉरपोरेट सेल्स, श्रीमती राधा कीर्तिवासन ने बताया कि एसएमई आईपीओ के माध्यम से उद्यम विकास के लिए इक्विटी पूंजी जुटाने, बाजार में विश्वसनीयता बढ़ाने तथा निवेशकों से जुड़ने के अवसर प्राप्त होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईपीओ की तैयारी समय रहते प्रारंभ करना, पारदर्शी वित्तीय विवरण रखना, अनुपालन संबंधी कमियों को दूर करना तथा यथार्थपरक वैल्यूएशन निर्धारित करना आवश्यक है। उन्होंने इच्छुक उद्यमियों को लिस्टिंग की प्रारंभिक तैयारी से लेकर प्रक्रिया के विभिन्न चरणों तक बीएसई की ओर से मार्गदर्शन एवं हैंडहोल्डिंग का आश्वासन दिया।

आईसीएआई के केंद्रीय परिषद सदस्य सीए ज्ञान चंद्र मिश्रा ने एमएसएमईज़ के विकास में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका को रेखांकित करते हुए नियमित कंप्लायंस, पेशेवर सलाह तथा आईसीएआई द्वारा संचालित एमएसएमई क्लिनिक्स के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उद्यमियों के लिए नियमित जागरूकता एवं क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों में विशेषज्ञ सहयोग की उपलब्धता का भरोसा दिलाया। आईसीएआई के केंद्रीय परिषद सदस्य सीए पंकज शाह ने उद्यमियों को सलाह दी कि वे अपनी ऑडिटेड बैलेंस शीट की चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ समीक्षा कर पात्र शासकीय प्रोत्साहनों, लंबित भुगतान से जुड़े उपायों एवं व्यवसाय के लिए पाँच वर्षीय विकास योजना पर विचार करें।

सेरेन कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक सीए गौतम लाठ ने मर्चेंट बैंकर सत्र में बताया कि आईपीओ केवल पूंजी जुटाने का माध्यम नहीं, बल्कि उद्यम के विस्तार, संस्थागत विश्वसनीयता एवं दीर्घकालिक मूल्य सृजन का अवसर भी है। उन्होंने इक्विटी डाइल्यूशन को लेकर उद्यमियों की आशंकाओं, ड्यू डिलिजेंस, ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी), स्टॉक एक्सचेंज की जाँच तथा निवेशकों के साथ संवाद जैसे व्यावहारिक पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विश्वसनीय सलाहकारों के चयन, उचित वैल्यूएशन तथा स्पष्ट विकास दृष्टि पर जोर दिया। गैलार्ड स्टील लिमिटेड के प्रवर्तक श्री कैद जौहर कलाभाई ने एसएमई लिस्टिंग के अपने अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम में रिसीवेबल्स एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (आरएक्सआईएल) की सुश्री ऋचा शर्मा ने टीआरईडीएस, डॉ. प्रिया अग्रवाल ने वित्तीय जागरूकता, जेड एक्सपर्ट ने जेड सर्टिफिकेशन तथा आईपीआर एक्सपर्ट डॉ. अजय कुमार चौबे ने इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (आईपीआर) पर जानकारी दी।

सत्रों के दौरान उद्यमियों ने वित्त, अनुपालन, पूंजी बाजार एवं व्यवसाय विस्तार से जुड़े प्रश्न पूछे और विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में ईवाई ने नॉलेज पार्टनर तथा आईसीएआई ने इकोसिस्टम पार्टनर के रूप में सहयोग किया।

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