- Vivriti Asset Management Marks Successful Exit of Vintage II funds; ₹3,400 crore returned since inception
- विवृति एसेट मैनेजमेंट ने विंटेज-II फंड्स से सफलतापूर्वक किया एग्जिट
- DBS Bank India enables Customs Duty, Central Excise and Service Tax payments through ICEGATE 2.0
- Madhya Pradesh Well Positioned to Drive India's Next Wave of Growth: Mr Vir S. Advani, Chairman, CII Western Region
- भारत की विकास यात्रा के अगले चरण को गति देने के लिए मध्य प्रदेश पूरी तरह तैयार: श् वीर एस. आडवाणी, चेयरमैन, सीआईआई पश्चिमी क्षेत्र
पीएनबी ने 18 करोड़ ग्राहकों को यूपीआई पर क्रेडिट सुविधा के विस्तार के लिए Kiwi से हाथ मिलाया
आनलाइन लेन-देन पर 0.5% से लेकर 1.5% तक कैशबैक
मुंबई, 24 अप्रैल 2026: भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक, पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने अपने 18 करोड़ ग्राहकों को क्रेडिट-सक्षम यूपीआई भुगतान की सुविधा शुरू करने हेतु प्रमुख ‘क्रेडिट ऑन यूपीआई’ प्लेटफॉर्म ‘कीवी’ (Kiwi) के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है।
इस सहयोग के तहत, बैंक रुपे नेटवर्क पर पीएनबी कीवी क्रेडिट कार्ड’ लॉन्च करेगा। यह कार्ड पूरी तरह से डिजिटल ऑनबोर्डिंग, निर्बाध यूपीआई एकीकरण और सभी लेनदेन पर 0.5% से 1.5% तक कैशबैक की विशेष सुविधा प्रदान करेगा, जिससे उपयोगकर्ताओं को क्रेडिट का सहज अनुभव मिलेगा।
इस साझेदारी पर अपने व्याख्यान में बैंक के, कार्यपालक निदेशक श्री बिभु प्रसाद महापात्र ने कहा कि “भारत यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की वृद्धि के नेतृत्व में भारत डिजिटल भुगतान की ओर तेजी से बदलाव देख रहा है। हमारी 10,000 से अधिक शाखाओं—जिनमें से 60% अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हैं— के साथ हम कम सेवा वाले वर्गों तक औपचारिक ऋण (क्रेडिट) पहुँचाने के लिए मजबूत स्थिति में हैं। जैसे-जैसे रूपे क्रेडिट कार्ड की लोकप्रियता बढ़ रही है, कीवी के साथ हमारी साझेदारी वित्तीय लचीलापन बढ़ाने और रोजमर्रा की खर्च संबंधी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
कीवी के सह-संस्थापक सिद्धार्थ मेहता ने कहा कि “यह साझेदारी ग्राहकों के क्रेडिट अनुभव के तरीके को बदलने की हमारी यात्रा में देश के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक के विश्वास को दर्शाती है। साथ मिलकर, हमारा लक्ष्य एक सुरक्षित, लचीला और समावेशी क्रेडिट अनुभव प्रदान करना है जो देश भर में औपचारिक ऋण तक पहुंच को सशक्त करे।”


