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राजनीति भ्रष्टाचार और सत्ता लोभियों से भरी
इन्दौर. आज का युवा राजनीतिक और सामाजिक बवंडर में युवा भटक चुका है। यह बिल्कुल सत्य है क्योंकि युवा पीढ़ी को दिशाहीन बनाने वाली बीमारियां हद से ज्यादा प्रचलित है. इन युवाओं को आज बुरी तल ने घेर लिया है। युवा आज नशा, हिंसा, लालच और धैर्य में फंसता जा रहा है.
युवा आज इन सभी बुरी लतों में फंसकर अपना धर्म और समाज से दूर हो रहा है. आज का युवा राजनीतिक पर कैसे भरोसा करें. जब हमने उसे शिक्षा दे दी और अपनी दृष्टि से दुनिया को देखने का तरीका सीखा दिया है. राजनीति तो भ्रष्टाचार एवं सता लोभियों, लालची नेताओं से भरी है तो युवा उनके पद चिन्हों पर कैसे भटका हुआ नहीं है.
ये विचार स्कूल ऑफ जर्नलिज्म मास कम्युनिकेशन कर रही पूर्वीका बदलानी के हैं जो उन्होंने शुक्रवार को स्व. दादा निर्भयसिंह पटेल विचार मंच द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतर महाविद्यालयीन वाद-विवाद प्रतियोगिता में पक्ष में वर्तमान राजनीति एवं सामाजिक बवंडर में देश का युवा भटक चुका है विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कही.
इसके पश्चात विपक्ष में स्कूल ऑफ जर्नलिज्म की विद्यार्थी तेजस्वी मेहता ने कहा कि आज का युवा अगर सामर्थशाली, महत्वकांक्षी एवं निर्भय है तो वह युवा नहीं भटका हुआ है. केरल की बाढ़ में जो मजहब की सियासत से कोसों दूर युवाओं ने मंदिर की सफाई कर लोगों को निकाला है। उस परिस्थिति में नहीं लगता है कि आज देश का युवा राजनीति और सामाजिक बवंडर में फंसा हुआ है। विभिन्न कॉलेजों से आए विद्यार्थियों ने अपने विचार पक्ष और विपक्ष में रखे।
कार्यक्रम में 15 से अधिक महाविद्यालय के स्टूडेंट्स शामिल हुए थे. स्व. दादा निर्भयसिंह पटेल स्मृति विचार मंच समिति के आयोजक मनोज पटेल, संयोजक अजय सारड़ा एवं रवि पटेल ने बताया कि शुक्रवार को रीगल चौराहा स्थित प्रीतमलाल दुभा सभागृह में दो दिवसीय अंतर विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन प्रतियोगिता की शुरूआत मुख्य अतिथि डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्रा एवं धीरज गर्ग ने दीप प्रज्जवलन के साथ की।
दीप प्रज्जवलन के पश्चात डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्रा ने भी सभी विद्यार्थियों को अपने उद्बोधन में कहा कि युवाओं के लिए इस तरह के आयोजन होना चाहिए ताकि आज का युवा इन सभी बातों का अनुसरण कर सकें। वहीं कार्यक्रम में अलग-अलग महाविद्यालयों से आए स्टूडेंट्स ने भी अपने विचार रखें।
क्लॉथ मार्केट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज की विद्यार्थी दिपीका सोलंकी ने पक्ष में विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज जहां भारत एक ओर विश्व में अपनी पहचान बनाने में कायम हो रहा है। वहीं दूसरी और आज के युवाओं की सोच की चिंता हो रही है। आज युवा अपने संस्कारों, नैतिकता, माता-पिता को भूलकर शराब, लालच, हिंसा और फैशन में घिरता जा रहा है।
क्लॉथ मार्केट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज की विद्यार्थी प्रियल जैन ने विपक्ष में कहा कि आज का युवा भटका हुआ नहीं है। आज देश के युवा किसी भी फिल्म में पीछे नहीं है। आज युवा सोश्यल मीडिया जैसे वाट्सअप और फेसबुक से जुडऩे के साथ एनजीओ से भी जुड़ रहे हैं और अपने सामाजिक दायित्वों को भी निभा रहे हैं।
स्व. दादा निर्भयसिंह पटेल स्मृति विचार मंच समिति संयोजक अजय सारड़ा ने बताया कि महाविद्यालयीन वाद-विवाद प्रतियोगिता में निर्णायक प्रो. रचना बजाज, भूपेंद्र पाटीदार एवं प्रमोद श्रीवास थे। प्रतियोगिता में पक्ष में प्रथम यश शर्मा, द्वितीय मनीष चतुर्वेदी एवं तृतीय संजय कुमावत रहे थे तो वहीं विपक्ष में प्रथम संदीप शर्मा, द्वितीय उन्नित झांझरी एवं तृतीय आरती कुलकर्णी रही।


