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रक्षाबंधन केवल उपहारों का नहीं, बल्कि जीवनभर साथ रहने वाली अच्छी आदतों को साझा करने का भी पर्व है: डॉ. सोनिया दत्ता
नई दिल्ली, 25 अगस्त 2026: रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और आपसी देखभाल का पर्व है। यह त्योहार उपहारों, मिठाइयों और पारिवारिक मेल-मिलाप की खुशियों से जुड़ा हुआ है। हालांकि, यह हमें उन छोटे लेकिन महत्वपूर्ण तरीकों की भी याद दिलाता है जिनसे परिवार के सदस्य हर दिन एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं।
प्रख्यात डेंटिस्ट डॉ. सोनिया दत्ता के अनुसार, परिवार द्वारा एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को दी जाने वाली सबसे मूल्यवान सौगातों में से एक है अच्छी मौखिक स्वच्छता (ओरल हाइजीन) की आदत। डॉ. दत्ता ने कहा, “हर परिवार की अपनी कुछ परंपराएँ होती हैं जो वर्षों से आगे बढ़ती रहती हैं। कुछ परंपराएँ खुलकर मनाई जाती हैं, जबकि कुछ चुपचाप हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बन जाती हैं। दिन में दो बार ब्रश करना, मौखिक स्वच्छता बनाए रखना और नियमित रूप से दांतों की देखभाल जैसी अच्छी आदतें अक्सर घर से ही शुरू होती हैं। ये आदतें माता-पिता से बच्चों और बड़े भाई-बहनों से छोटे भाई-बहनों तक पहुंचती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि बच्चे अपने आसपास के लोगों को देखकर सीखते हैं। “अच्छी मौखिक देखभाल की आदतें एक दिन में नहीं बनतीं। ये नियमित अभ्यास और परिवार से मिलने वाले सकारात्मक प्रोत्साहन के माध्यम से धीरे-धीरे विकसित होती हैं। माता-पिता की यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को कम उम्र से ही दांतों और मसूड़ों की देखभाल का महत्व समझाएं।”
सही ओरल केयर उत्पादों के चयन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. दत्ता ने कहा कि आयुर्वेद-आधारित उत्पाद दैनिक मौखिक स्वच्छता को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। डाबर रेड टूथपेस्ट में पुदीना सत्व (Mint) की ताजगी, तोमर बीज (Zanthoxylum alatum) के एंटीसेप्टिक एवं जीवाणुरोधी गुण, तथा मरिच (काली मिर्च) के पारंपरिक सफाई और जीवाणुरोधी लाभ शामिल हैं। इंडियन डेंटल एसोसिएशन (IDA) की ‘सील ऑफ एक्सेप्टेंस’ से मान्यता प्राप्त यह टूथपेस्ट परिवार की दैनिक मौखिक देखभाल दिनचर्या का एक भरोसेमंद हिस्सा बन सकता है।
अंत में डॉ. दत्ता ने कहा, “जब परिवार रक्षाबंधन का त्योहार एक साथ मनाते हैं, तब यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि देखभाल और स्नेह के सबसे सार्थक रूप अक्सर सबसे सरल होते हैं। आज अपने भाई-बहन या बच्चों को अच्छी मौखिक स्वच्छता की आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करना उनके स्वस्थ और उज्ज्वल मुस्कान भरे भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।”


