- Vikram Solar Brings Together Indore’s Renewable Energy Players at 'PowerConnect 2026'
- विक्रम सोलर का ‘पावरकनेक्ट 2026’ में इंदौर के रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाया
- आकाशवाणी के ‘हेलो डॉक्टर’ में डॉ. ए.के. द्विवेदी ने श्रोताओं के सवालों का वैज्ञानिक तरीके से दिया समाधान
- Movies & Shows that bring the reality of hospital corridors to life
- Sidharth Malhotra On Finding Truth In The Supernatural World Of Vvaan
मिठाई और नमकीन इंडस्ट्री है एक लाख करोड रुपए की
इंदौर । ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय वर्ल्ड मिठाई और नमकीन कन्वेंशन का शुभारंभ हुआ । इस कार्यक्रम में फूड इंडस्ट्रीज के कई बडे दिग्गज आए और फूड इंडस्ट्रीज के सामने आ रही प्लास्टीक पैकेजिंग , जीएसटी , रॉ मटेरियल आदि की समस्याओं पर चर्चा की ।
कन्वेंशन का शुभारंभ फेडरेशन ऑफ नमकीन एंड स्वीट्स मैन्युफैक्चरर्स के प्रेसिडेंट वीरेंद्र जैन, डायरेक्टर फिरोज एस नकवी, मध्यप्रदेश मिठाई और नमकीन एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास जैन, अमित कुमार मैनेजिंग डायरेक्टर एंड सीईओ प्रताप स्नैक्स लिमिटेड, कराची बेकरी हैदराबाद के हरीश रमनानी, राधेमोहन अग्रवाल ऑनर बीकानेर वाले दिल्ली, मनोहर अग्रवाल ऑनर हल्दीराम दिल्ली, शिवरतन अग्रवाल ऑनर बीकाजी बेकरी बीकानेर की मौजूदगी में हुआ ।
फेडरेशन ऑफ नमकीन एंड स्वीट्स मैन्युफैक्चरर्स के प्रेसिडेंट वीरेंद्र जैन ने कहा कि भारत सहित यूके ,यूरोप, अमेरिका, सऊदी अरब जैसी फॉरेन कंट्रीज में मिठाई और नमकीन की डिमांड बढ़ती ही जा रही है। 15 सालों से पैकेजिंग के कारण मिठाई और नमकीन की इंडस्ट्री एक लाख करोड रुपए की हो गई है। 20 प्रतिशत ग्रोथ रेट बड़ी है। नमकीन और मिठाई इंडस्ट्री सालों साल बढ़ती जा रही है। जहां तक इंदौर शहर की बात करें तो एक हजार कारखाने है। शहर में ही पांच हजार करोड़ का बिजनेस हो रहा है, वहीं ग्रोथ रेट 18 प्रतिशत बढ़ी है।
शुभारंभ अवसर पर फेडरेषन ऑफ नमकीन एंड स्वीट्स मैन्युफैक्चरर्स के डायरेक्टर फिरोज एस नकवी ने कहा कि फूड इंडस्ट्रीज वर्तमान में प्लास्टीक पैकिंग बंद होने की चुनौती से जुझ रही है। नमकीन को कागज की पैकिंग में लंबे समय तक नही रखा जा सकता है। ऐसे में सरकार को प्लास्टीक पैकिंग पुरी तरह बंद करने के अपने फैसले पर पुर्नविचार करने की जरुरत है।
बीकानेर से बीकाजी फूड्स के मालिक शिवरतन अग्रवाल अपने साथ नमकीन की कई वैरायटी लेकर आए हैं। उन्होंने बताया कि नमकीन खाने से हेल्थ पर असर नहीं होता है। लेकिन नमकीन टेस्ट के लिए खाया जाता है पेट भरने के लिए नहीं । टेस्ट के लिए खाएंगे तो कभी बीमार नहीं होंगे। पहले के दौर में और अब के दौर में काफी फर्क है। हमारे जमाने में नमकीन या मिठाई वाले को कोई लड़की नहीं देता था। लेकिन आज नमकीन और मिठाई पवारफुल इंडस्ट्री हो गई है। कुछ साल पहले भुजिया नमकीन इतना प्रसिद्ध नहीं था लेकिन आज एक ब्रांड बन गया है। हमें जो लोग कुछ नहीं समझते थे आज हमारे आगे पीछे रहते हैं। किसी भी चीज की शुरुआत करना और ब्रांड मैं अपनी साख बनाए रखना किसी चुनौती से कम नहीं होता।
कन्वेंशन में मिठाई नमकीन के साथ ही कई अन्य चीजें भी हैं जो दर्शकों को अपनी खूबियों के कारण आकर्षित कर रही हैं। कैलिफ़ोर्निया वॉलनट्स को प्रमोट कर रही आयशा अहमद वॉलनट्स नमकीन और मिठाई लेकर आई हैं। अखरोट से बनी सेहत से भरपूर वॉलनट्स की मिठाइयां और नमकीन काफी पसंद किए जा रहे हैं। इन अखरोट की खासियत यह है कि यह खाने में कड़वे नहीं लगते वही ऑयल भी नहीं छोड़ते हैं।
मुंबई से आए रोहित काकड़ अपने साथ नेचुरल फ्लेवर में बिस्किट्स, स्नेक्स ,केक, ब्रेड लेकर आए हैं। शुगर फ्री होने से हर कोई खा सकता है। कार्यक्रम में जर्मनी, फ्रांस, इटली यूएस, टर्की और चाइना से भी एक्सपर्ट्स आये । कन्वेंशन के दौरान प्लास्टिक पैकिंग को लेकर आ रही चुनोतियो, इंडस्ट्रीज की ग्रोथ, नए उत्पाद, हाइजीन और सुरक्षा, एक्सपोर्ट पोलिसी ओर उत्पादन की नई तकनीकों, रॉ मैटेरियल, वेट एंड मेजरमेंट, गवर्नमेंट पॉलिसीज, टेक्सेशन आदि पर एक्सपर्ट अपने विचार व्यक्त किए।
दस हजार का बिजनेस 1200 करोड तक पंहुचा
10 हजार रुपये से बिजनेस शुरू करने वाले अमित कुमट मैनेजिंग डायरेक्टर प्रताप स्नैक्स का बिजनेस आज 12 सौ करोड़ तक पहुंच चुका हैं। अमित कुमार ने बताया कि पहले कांपीटिशन कम था और हमारा कॉन्सेप्ट नया था इसलिए सक्सेस हो गए। लेकिन आज के दौर में कांपीटिषन बढ़ गया है। इस इंडस्ट्री में आने के लिए काफी रिसर्च करके यूथ को आना चाहिए क्योंकि यहां युनिक कॉन्सेप्ट ही चलता है।


